ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने लंबे समय से चले आ रहे ईरान, इराजयस, अमेरिका संघर्ष पर बात की है. उनका साफ कहना है कि यह युद्ध ईरान ने शुरू नहीं किया. राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि ईरान ने अपने विरोधियों की उन कोशिश को नाकाम कर दिया, जिनका मकसद सैन्य दबाव के जरिए ईरान को कमजोर करना था. मसूद पेजेशकियान के मुताबिक इस मुश्किल घड़ी में भी ईरान आज एक मजूबत देश के रूप में खड़ा है.
पेजेशकियान ने शुक्रवार, 7 अगस्त को ईरानी सरकारी टीवी पर प्रसारित एक इंटरव्यू में इन सभी मुद्दों पर बात की है. उन्होंने मुसलमानों से एकजुटता की भी अपील की. उनका कहना है कि जब मुसलमान एकजुट होते हैं, तो बाहरी लोगों की बुरी चालों और चुनौतियों का डटकर सामना कर सकते हैं. उन्होंने इस बात का दावा किया कि उनकी ओर से यह लड़ाई शुरू नहीं हुई. उनके मुताबिक युद्ध से पहले उनकी सरकार बातचीत के जरिए इस मसले को सुलझाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन हालात धीरे-धीरे युद्ध की ओर बढ़ गए.
पेजेशकियान ने दावा किया कि उनके विरोधियों को उम्मीद थी कि देश में सैन्य दबाव और बिगड़ती स्थिति के कारण ईरान बिखर जाएगा लेकिन उनकी यह उम्मीद पूरी नहीं हुई. राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान अपने रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ेगा और पहले से ज्यादा मजबूत होगा.
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पेजेशकियान ने दावा किया कि उनके विरोधियों ने सीरिया की तरह 48 घंटे में ईरान पर कब्जे की पूरी प्लानिंग की थी. लेकिन ईरान ने अपनी ताकत और क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उनकी प्लानिंग पर पानी फेर दिया. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों ने यह साबित कर दिया है कि ईरान को इतनी आसानी से कमजोर या अस्थिर नहीं किया जा सकता.
पेजेशकियान ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर भी बात की है. उनका कहना है कि खामेनेई से बातचीत करना अब बहुत मुश्किल है. हालांकि उन्होंने खामेनेई की मौजूदगी को ईरान की सबसे बड़ी ताकत बताया.
सर्वोच्च नेता बनने के बाद मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से बहुत कम ही नजर आए हैं. हालांकि इसके पीछे सुरक्षा और स्वास्थय संबंधी कारण बताए जाते हैं. मालूम हो, अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के दौरान तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी. जिसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया था.
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पेजेशकियान ने अमेरिका और इजरायल पर युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया. उनका दावा है कि ईरान बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा था लेकिन दूसरी ओर से लगातार तनाव बढ़ाया जा रहा था.
एक तरफ पेजेशकियान अमेरिका और इजरायल पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगा रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अगस्त को कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ युद्ध जल्द खत्म हो सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी सेना को कुछ हथियारों की आपूर्ति से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
गौरतलब है, पेजेशकियान के ताजा बयान ऐसे समय आए हैं जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है. पेजेशकियान ने अपने बयानों से साफ स्पष्ट कर दिया है कि तमाम दबाव और चुनौतियों के बाद भी ईरान पीछे हटने की बजाय खुद को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.
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