पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में रविवार शाम बीजेपी के बूथ स्तर के कार्यकर्ता चंदन भल्ला की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने बताया कि चंदन भल्ला की उम्र 46 साल थी.
बीरभूम के एसपी विदित राज भुंडेश ने कहा कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि व्यक्ति की गोली मारकर हत्या की गई है. उन्होंने बताया कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम जांच के बाद ही सामने आएगा. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस मामले की जांच कर रही है.
चंदन भल्ला के परिवार के सदस्यों के अनुसार, घर से निकलने से पहले उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था. इसके बाद वह घर से बाहर चले गए. पुलिस अब उन परिस्थितियों की जांच कर रही है, जिनके बीच उनकी मौत हुई. साथ ही, पुलिस जिम्मेदार लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है.
पुलिस कर रही मामले की जांच
बीजेपी के बोलपुर संगठनात्मक जिले के अध्यक्ष श्यामापद मंडल ने कहा कि चंदन भल्ला पार्टी के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ता थे. श्यामापद मंडल ने कहा, 'यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे पार्टी कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई. हम चाहते हैं कि पुलिस प्रशासन 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करे.' पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है. हालांकि, कथित गोलीबारी के पीछे की वजह अभी तक सामने नहीं आई है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चंदन भल्ला को किसने फोन किया था और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई. मामले में आगे की जांच जारी है.
चाय पीने गए कार्यकर्ताओं पर हुआ था हमला
इससे पहले पश्चिम मिदनापुर में शनिवार सुबह चाय पीने गए बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमला किए जाने का मामला सामने आया था. घटना मिदनापुर सदर ब्लॉक के हातिहालका इलाके के कदमताल बाजार की थी. यह क्षेत्र खड़गपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में आता है, जहां टीएमसी के विधायक दिनेन रॉय चुनाव जीते थे. हमले में 40 वर्षीय शमशेर बिस्वास की मौत हो गई थी. वह बीजेपी के सोशल मीडिया कार्यकर्ता थे.
जानकारी के मुताबिक, स्थानीय बीजेपी नेता जफर बिस्वास चाय पीने के लिए हातिहालका के कदमताल बाजार पहुंचे थे. उनके साथ उनके भतीजे शमशेर बिस्वास और बीजेपी के कुछ अन्य कार्यकर्ता भी थे. आरोप था कि जैसे ही सभी लोग चाय की दुकान पर बैठे, कुछ अज्ञात लोगों ने लाठी और चाकू से अचानक हमला कर दिया.
हमला बढ़ता देख जफर बिस्वास मौके से भागने में कामयाब रहे थे, लेकिन उनके भतीजे शमशेर बिस्वास वहीं फंस गए थे. आरोप था कि हमलावरों ने पहले उन्हें बुरी तरह पीटा और फिर चाकू से हमला कर दिया था. घटना का काफी हिस्सा सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुआ था. काफी देर बाद शमशेर बिस्वास को किसी तरह मौके से निकाला गया था और मिदनापुर अस्पताल ले जाया गया था. वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था.
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