कानपुर के चौबेपुर इलाके में प्रधानी की रंजिश में दहला देने वाली वारदात सामने आई. आरोप है कि दिन में एक युवक के दो चाचाओं पर चाकू से हमला हुआ, वे घायल हालत में शिकायत करने थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने गांव जाकर जांच करने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया. शाम होते-होते उन्हीं के भतीजे गिरजा शंकर की गांव में दौड़ा-दौड़ाकर गोली मारकर हत्या कर दी गई. परिवार अब पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहा है और सवाल उठा रहा है.
मामला कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के चिंतापुरवा गांव का है. यहां रहने वाला गिरजा शंकर शाम के वक्त अपने घर के पास था, आरोप है कि इसी दौरान गांव का रहने वाला कुलदीप अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और गिरजा शंकर को दौड़ाना शुरू कर दिया. इसके बाद आरोपी ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी. गोली लगने के बाद गिरजा शंकर की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया.
इस हत्या से पहले इसी दिन दोपहर में गिरजा शंकर के दो चाचाओं पर चाकू से हमला किए जाने का आरोप है. कुलदीप और उसके साथियों ने दोनों भाइयों पर हमला किया था. घायल दोनों चाचा शिकायत लेकर चौबेपुर थाने पहुंचे थे. परिवार का आरोप है कि थाने में उनकी शिकायत ली गई, लेकिन पुलिस ने तत्काल गांव जाकर कार्रवाई करने की बजाय जांच के लिए बाद में आने की बात कही. दोनों घायल वापस गांव लौट गए.
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परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस दोपहर में ही मामले को गंभीरता से लेते हुए गांव पहुंचती और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करती, तो शायद शाम को गिरजा शंकर की हत्या नहीं होती. गिरजा शंकर की हत्या के बाद परिवार पुलिस पर सवाल उठा रहा है. परिजनों की मांग है कि दोपहर में शिकायत लेकर थाने पहुंचे घायल भाइयों की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई, इसकी भी जांच होनी चाहिए.
परिवार का आरोप है कि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की और इसका नतीजा शाम को युवक की हत्या के रूप में सामने आया. देर रात गिरजा शंकर के परिजनों की शिकायत पर कुलदीप समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है.
पुलिस के मुताबिक, गिरजा शंकर की हत्या गांव की पुरानी रंजिश से जुड़ी है. वहीं, परिवार और स्थानीय स्तर पर इस पूरे विवाद के पीछे प्रधानी की चुनावी रंजिश की बात सामने आ रही है. पुलिस का कहना है कि हत्या के आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. साथ ही घटना से जुड़े दूसरे आरोपों की भी जांच की जाएगी. डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने कहा कि हत्यारोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. इसके अलावा मामले में लगाए गए अन्य आरोपों की भी जांच कराई जाएगी.
रंजय सिंह