Rakesh Khanna Murder Case: दिल्ली के रोहिणी इलाके में बुजुर्ग राकेश खन्ना की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. इस मर्डर केस में पकड़ी गई सिमरन तनेजा राकेश खन्ना के साले की बेटी है और वही इस पूरी साजिश की मास्टरमाइंड निकली. पुलिस ने इस मामले में सिमरन के साथ-साथ चिराग, पारस और हिमांशु को गिरफ्तार किया है. हिमांशु सिमरन का प्रेमी और एक जिम का मालिक है. चलिए जान लेते हैं, इस केस की पूरी कहानी, पुलिस की ज़बानी.
यह घटना साउथ रोहिणी थाना क्षेत्र के सेक्टर-3 की है, जहां 1 सितंबर 2026 की शाम एक घर में चोरी की सूचना मिली थी. इसी दौरान घर के अंदर एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा मिला था. पुलिस को शाम करीब 8:14 बजे इस संबंध में PCR कॉल मिली थी.
PCR कॉल में बताया गया था कि घर में चोरी हुई है और सामान बिखरा पड़ा है. कॉल करने वाले ने पुलिस को बताया कि उसका पति, जो दिल का मरीज है, फर्श पर बेहोश पड़ा हुआ है. यह भी जानकारी दी गई कि तीन लोग घर के अंदर दाखिल हुए थे. सूचना मिलते ही डीसीपी रोहिणी और एडिशनल डीसीपी समेत पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की.
पुलिस के मुताबिक, घर में मिले शख्स की पहचान करीब 60 साल के राकेश खन्ना के रूप में हुई. परिवार के लोग उन्हें तुरंत जयपुर गोल्डन अस्पताल लेकर पहुंचे थे. लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने राकेश खन्ना को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस ने चोरी के साथ-साथ मौत के पूरे मामले की जांच शुरू कर दी.
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर स्थानीय पुलिस के अलावा FSL और क्राइम टीम को भी बुलाया गया. घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई और वहां मिले सुरागों को जुटाया गया. शुरुआती जांच में सामने आया कि वारदात से पहले आरोपियों ने घर की रेकी की थी. पुलिस के मुताबिक, यह रेकी 30 अगस्त 2026 यानी वारदात से एक दिन पहले की गई थी.
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, 1 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे तीन आरोपी घर के अंदर दाखिल हुए थे. वहीं उनका एक साथी बाहर खड़ा होकर निगरानी कर रहा था. इसके बाद घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया. पुलिस के मुताबिक, घर से करीब डेढ़ लाख रुपये नकद और कुछ सोने के आभूषण चोरी किए गए थे.
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में कामयाबी मिली. पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चौथा आरोपी अभी फरार है. चोरी की रकम और जेवरात की बरामदगी की प्रक्रिया भी जारी है. पुलिस के मुताबिक, करीब 70 हजार रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं और सोने के कुछ सामान भी रिकवर किए गए हैं.
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला नाम मृतक की भतीजी का सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, 23 साल की सिमरन तनेजा इस पूरी वारदात की कथित मुख्य साजिशकर्ता है. सिमरन दिल्ली के बुराड़ी इलाके में रहती है और एक प्राइमरी टीचर के तौर पर काम करती है. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और अब उससे पूछताछ की जा रही है.
जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सिमरन ने कथित तौर पर इस वारदात की योजना क्यों बनाई और बाकी आरोपियों से उसका संपर्क कैसे हुआ. पुलिस आरोपियों के बीच की भूमिका और पूरी वारदात के क्रम को भी जोड़ रही है. हालांकि, मामले में आरोपियों की सटीक भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी. पुलिस मौत की परिस्थितियों और वजह की भी जांच कर रही है.
पुलिस ने इस मामले में सिमरन तनेजा के अलावा 22 वर्षीय चिराग और 19 वर्षीय पारस को भी गिरफ्तार किया है. चिराग बुराड़ी की बाबा कॉलोनी स्थित द बीस्ट जिम में जिम ट्रेनर है. वहीं पारस बाबा कॉलोनी का रहने वाला है और 12वीं कक्षा का छात्र बताया गया है. पुलिस के मुताबिक, पारस पहले भी मुखर्जी नगर थाने में दर्ज एक मामले में शामिल रहा है.
चौथे आरोपी की पहचान बुराड़ी निवासी हिमांशु के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, हिमांशु जिम का मालिक है और इस मामले में उसका कथित तौर पर सहयोगी के रूप में रोल सामने आया है. फिलहाल हिमांशु फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है. जांच टीम यह भी पता कर रही है कि वारदात के दौरान बाहर निगरानी करने वाले व्यक्ति की भूमिका क्या थी.
इस ऑपरेशन को स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस, लॉ एंड ऑर्डर जोन-1 देवेश चंद्र श्रीवास्तव की निगरानी में चलाया गया. नॉर्दर्न रेंज के ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस विजय सिंह के सुपरविजन में भी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई. रोहिणी जिले के DCP शशांक जायसवाल के नेतृत्व और निर्देश पर कई पुलिस टीमों को जांच में लगाया गया था.
PCR कॉल मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल और अस्पताल दोनों जगहों पर तत्काल कार्रवाई की. FSL और क्राइम टीम की मदद से मौके से अहम सुराग जुटाए गए. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाने के लिए जांच आगे बढ़ाई. तेजी से की गई कार्रवाई के बाद तीन आरोपियों को पकड़ लिया गया, जबकि चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं.
पुलिस के अनुसार, वारदात में चोरी किए गए करीब डेढ़ लाख रुपये कैश और कुछ सोने के आभूषण की जानकारी सामने आई थी. जांच के दौरान करीब 70 हजार रुपये नकद बरामद कर लिए गए हैं. इसके अलावा सोने के कुछ सामान भी पुलिस ने रिकवर किए हैं. पुलिस अब यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि चोरी की पूरी संपत्ति बरामद हो सके.
मामले में अभी कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं. पुलिस यह पता कर रही है कि आरोपियों ने घर की रेकी किस तरह की थी और वारदात के लिए इसी घर को क्यों चुना गया. साथ ही राकेश खन्ना की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी भी जांच की जा रही है. पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है.
साउथ रोहिणी थाने में इस मामले को लेकर भारतीय न्याय संहिता यानी भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 103(1), 309(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. जांच का फोकस वारदात की पूरी साजिश, सभी आरोपियों की भूमिका और चोरी की बाकी संपत्ति की बरामदगी पर है.
पुलिस के मुताबिक, फरार आरोपी हिमांशु को पकड़ने के लिए भी टीमें लगाई गई हैं. इसके साथ ही राकेश खन्ना की मौत की परिस्थितियों और वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए जांच जारी है. पुलिस यह भी सत्यापित कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों ने वारदात को किस तरह अंजाम दिया था. मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी.
अरविंद ओझा