देवदत्त पडिक्कल की अगुवाई में इंडिया-ए ने ऑस्ट्रेलिया-S के खिलाफ दो मैचों की ऑनऑफशियल टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 162 रनों से जीत लिया. पुडुचेरी के क्रिकेट एसोसिएशन पुडुचेरी सीचेम ग्राउंड में खेले गए इस चार दिवसीय मुकाबले में इंडिया-ए ने शुरुआत में दबाव में आने के बाद शानदार वापसी की. चौथे दिन (25 सितंबर) के दूसरे सेशन में इंडिया-ए ने ऑस्ट्रेलिया-ए की दूसरी पारी 200 रनों पर समेट दी.
इंडिया-ए की पहली पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी. टीम 97 रनों के स्कोर तक पांच विकेट गंवा चुकी थी और ऑस्ट्रेलिया-ए के गेंदबाज हावी नजर आ रहे थे. ऐसे समय में कुमार कुशाग्र और तनुष कोटियन ने मोर्चा संभाला. कुशाग्र ने 113 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि कोटियन ने 69 रन बनाए. दोनों के प्रयास से इंडिया-एने पहली पारी में 334 रनों का स्कोर खड़ा किया.
इसके बाद शम्स मुलानी ने गेंद से कमाल दिखाया. स्पिनरों के लिए मददगार पिच पर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया-ए की की कमर तोड़ दी. मेहमान टीम अपनी पहली पारी में सिर्फ 171 रनों पर सिमट गई. यानी इंडिया-A को पहली पारी के आधार पर 163 रनों की अच्छी बढ़त मिल गई.
यह भी पढ़ें: नेपाल ने किया अफगानिस्तान का T20I में काम तमाम, एशियन गेम्स में दी पटखनी
दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया-ए के गेंदबाजों ने भी परिस्थितियों का फायदा उठाया. पिच पर असमान उछाल के कारण भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा. इसके बावजूद इंडिया-ए ने 199 रन बनाए. कुमार कुशाग्र ने नाबाद 46 रन बनाकर एक बार फिर उपयोगी योगदान दिया. ऑस्ट्रेलिया-ए को जीत के लिए 363 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य मिला, जिसके बाद मैच की चौथी पारी में भारतीय गेंदबाजों ने जलवा दिखाया.
मुलानी ने फिर बरपाया कहर
ऑस्ट्रेलिया-ए ने चौथे दिन 55/2 के स्कोर से अपनी पारी आगे बढ़ाई, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उसे संभलने का मौका नहीं दिया. तुषार देशपांडे ने कम उछाल वाली पिच का फायदा उठाते हुए जोश फिलिप और लियाम स्कॉट को लगातार गेंदों पर आउट किया. फर्गस ओ'नील और टॉड मर्फी ने क्रीज पर टिकने की कोशिश की, लेकिन शम्स मुलानी ने उन दोनों को चलता किया. फिर ब्रैंडन डॉगेट को आउट कर मुलानी ने मैच समाप्त कर दिया. मुलानी ने दूसरी पारी में तीन विकेट लिए. पहली पारी में उन्होंने कुल चार विकेट झटके थे. यानी मैच में मुलानी ने कुल सात विकेट अपने नाम किए.
मुकाबले का एक और अहम पहलू साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल के बीच टेस्ट टीम के लिए नंबर-3 पोजीशन की होड़ रही. सुदर्शन को इस मैच में ओपनिंग का मौका मिला. उन्होंने पहली पारी में 57 रन बनाए. वहीं कप्तान पडिक्कल ने दूसरी पारी में 59 रनों का योगदान दिया. सुदर्शन के लिए बड़ी पारी खेलना अहम था, लेकिन वह अर्धशतक के बाद आगे नहीं बढ़ सके. दूसरी ओर, श्रीलंका में इंडिया-ए के लिए शानदार प्रदर्शन कर चुके पडिक्कल ने एक बार फिर उपयोगी पारी खेली.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क