नवरात्रि के दुर्गाष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन में माता रानी के प्रसाद के लिए हलवा-पूरी और चना का विशेष महत्व होता है. अक्सर लोग समय बचाने के लिए बाजार से मिठाइयां खरीद लाते हैं, लेकिन जो शुद्धता और सात्विक स्वाद घर के बने सूजी के हलवे में होता है, वह बाजार की मिठाइयों में नहीं मिलता.
कई बार घर पर हलवा बनाते समय वह या तो सूखा-सूखा रह जाता है या फिर चिपचिपा बन जाता है. अगर आप सूजी, घी और पानी का 1:1:4 का सही अनुपात अपनाएंगे और सूजी को धीमी आंच पर भूनकर गर्म पानी/दूध का घोल मिलाएंगे, तो आपका हलवा बिना किसी झंझट के एकदम दानेदार, रसीला और मुंह में घुल जाने वाला बनेगा. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि!
सामग्री:
1 कप सूजी (रवा - हो सके तो बारीक या मध्यम दाने वाली)
1 कप देसी घी
1 कप चीनी (स्वादानुसार)
4 कप पानी (या 3 कप पानी + 1 कप दूध)
1/2 छोटा चम्मच इलायची पाउडर
थोड़े से केसर के धागे और कटे हुए ड्राई फ्रूट्स (काजू, बादाम, पिस्ता)
बनाने का तरीका
एक बर्तन में 4 कप पानी, चीनी और केसर डालकर गर्म करें. चीनी के घुलते ही गैस बंद कर दें (एक तार की चाशनी नहीं बनानी है, बस पानी गर्म करना है).
कड़ाही में 1 कप देसी घी गर्म करें. कटे ड्राई फ्रूट्स डालकर हल्का फ्राई करके निकाल लें. अब इसी घी में सूजी डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए सुनहरा और खुशबूदार होने तक 8-10 मिनट भूनें.
भुनी सूजी में तैयार किया गया गर्म पानी का घोल थोड़ा-थोड़ा करके सावधानी से मिलाएं. कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर 2-3 मिनट पकने दें ताकि सूजी पानी सोखकर एकदम फूल जाए.
जब हलवा कड़ाही के किनारे छोड़ने लगे और ऊपर घी तैरने लगे, तब फ्राई किए ड्राई फ्रूट्स और इलायची पाउडर मिलाकर मिक्स करें. तैयार है आपका कन्या पूजन स्पेशल एकदम दानेदार और रसीला हलवा! इसे गरमा-गरम पूरियों और काले चने के साथ कंजकों को परोसें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क