केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरदासपुर में नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले बिक्रमजीत सिंह के परिजनों से मुलाकात की है. दरअसल, चिट्टा (नशे) के कारोबारियों के खिलाफ आवाज उठाने पर नशा-विरोधी कार्यकर्ता बिक्रमजीत सिंह की हत्या कर दी गई थी. अमित शाह ने उनके परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की है. आज ही गृह मंत्री अमित शाह नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से भी मुलाकात करने वाले हैं.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरदासपुर के गांव माडी पनवा में बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदना जताई. बिक्रमजीत के परिवार से मुलाकात के बाद गृह मंत्री संगरूर जिले के विधानसभा क्षेत्र दिड़बा के गांव तूर बंजारा में मृतक गुलजार सिंह के परिजनों से मिलने पहुंचे हैं.
संगरूर जिले के दिरबा निवासी गुलजार सिंह की 7 सितंबर को जहर खाकर आत्महत्या की थी. उनके परिवार ने आरोप लगाया कि इलाके में नशे की आपूर्ति पर सवाल उठाने और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से इस मुद्दे पर सवाल करने के बाद उन्हें परेशान किया गया और जातिसूचक टिप्पणियां की गईं.
'इस परिवार ने जो खोया है, उसकी भरपाई असंभव'
मुलाकात के बाद अमित शाह का एक्स पर पोस्ट भी किया. उन्होंने लिखा, 'पंजाब में नशे के कारोबार ने एक ओर युवाओं को अपना शिकार बनाकर प्रदेश के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है. वहीं माताओं, बहनों और बेटियों को कभी न भरने वाला घाव दे दिया है. नशे के कारोबार के खिलाफ संघर्ष करने वाले स्व. गुलजार सिंह पर इतना दबाब बनाया गया कि उन्होंने आत्महत्या कर ली. आज संगरूर के तूर बंजारा में उनके परिजनों से मिला. इस परिवार ने जो खोया है, उसकी भरपाई असंभव है.'
उन्होंने आगे कहा, 'चिट्टे के काले कारोबार के खिलाफ AAP सरकार ने आंखें मूंद लीं है. प्रदेश में हमारी सरकार बनते ही इन चिट्टे कारोबारियों की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी और पंजाब इस काले कारोबार से पूरी तरह मुक्त होगा.
झोटा के परिवार से भी मुलाकात
अमित शाह ने परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह से भी मुलाकात की, जिनकी कथित तौर पर मानसा में ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने पर हत्या कर दी गई थी. उन्होंने परिवार के दूसरे सदस्यों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की.
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशा विरोधी परविंदर झोटा हत्याकांड में CBI जांच कराने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए इसका ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि सरकार परविंदर के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है.
गौरतलब है, एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या 13 अक्टूबर को एक फार्मेसी में हुई थी, यहां परविंदर ने दुकान के मालिक से उस व्यक्ति के बारे में पूछा था, जिसने कथित तौर पर उसी सुबह वहां से ड्रग्स खरीदे थे. इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई थी. विवाद के दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें झोटा की मौत हो गई. हत्या के बाद दुकान का मालिक मौके से फरार हो गया था, बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया.
झोटा कथित नशा विक्रेताओं से सवाल करते हुए सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो बनाते थे. रिपोर्टों के मुताबिक, घटना से पहले उनका मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार से सामना हुआ था. झोटा उस व्यक्ति पर सिंथेटिक ड्रग्स बेचने का आरोप लगा रहे थे.
कमलजीत संधू / असीम बस्सी