झोटा हत्याकांड: पेरिस से लौटते ही पंजाब CM भगवंत मान ने किया CBI जांच का ऐलान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परविंदर झोटा हत्याकांड में CBI जांच कराने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि सरकार नशे के खिलाफ मजबूती से खड़ी है और परविंदर के परिवार के साथ है.

Advertisement
13 अक्टूबर को एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या हुई थी. (Photo: ITG) 13 अक्टूबर को एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या हुई थी. (Photo: ITG)

कमलजीत संधू / असीम बस्सी

  • मानसा,
  • 20 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:52 AM IST

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेरिस से लौटते ही नशा विरोधी परविंदर झोटा हत्याकांड में CBI जांच कराने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए इसका ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि सरकार परविंदर के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है. परविंदर के परिवार की मांग को मानते हुए CM भगवंत मान ने मामले में CBI जांच के आदेश दिए हैं.

Advertisement

बीजेपी का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से कुछ घंटे पहले भगवंत मान ने डर कर यह फैसला लिया है. बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अब तक भगवंत मान ने परविंदर झोटा के परिवार से मुलाकात तक नहीं की लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से कुछ घंटे पहले ही CBI जांच का आदेश दे दिया. 

बता दें, शिरोमणि अकाली दल, बीजेपी समेत विपक्ष की तमाम पार्टियां मामले में CBI जांच की मांग कर रही थी. झोटा के परिवार और मामले में बनाई गई एक्शन कमेटी ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखते हुए CBI जांच कराने की मांग की थी. आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह परविंदर झोटा के परिवार से मुलाकात भी करने वाले हैं.

Advertisement

13 अक्टूबर को एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या हुई थी. परिवार ने अभी तक झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया है. परिवार मामले की CBI जांच कराने की मांग पर अड़ा हुआ था. परिवार चाहता है कि शव का पोस्टमार्टम PGI के डॉक्टरों की टीम से कराया जाए. वहीं मामले में बनी इंसाफ कमेटी ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) से परविंदर सिंह झोटा को शहीद का दर्जा देने की मांग की. परविंदर की ओर से बनाई गई एंटी ड्रग टास्क फोर्स के सदस्यों की मांग है कि जिस दुकान के पास उनकी हत्या की गई वहां उनकी एक प्रतिमा लगाई जाए.

यह भी पढ़ें: परविंदर झोटा के अंतिम संस्कार पर अड़ा पेच, CBI जांच की मांग के बीच सरकार ने बनाई कमेटी

सरकार ने बनाई कमेटी

इस मामले में परविंदर झोटा के परिवार और समर्थकों से बातचीत के लिए सरकार ने कल तीन महिला IAS अफसरों की एक कमेटी भी बनाई थी. इसमें कंवलप्रीत कौर बराड़, अपनीत रियात और मानसा की DC नवजोत कौर शामिल हैं. बता दें, बराड़ फरीदकोट रेंज की कमिश्नर हैं जबकि अपनीत रियात पहले मानसा की DC रह चुकी हैं. 

कैसे हुई थी हत्या 

एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या 13 अक्टूबर को एक फार्मेसी में हुई थी, यहां परविंदर ने दुकान के मालिक से उस व्यक्ति के बारे में पूछा था, जिसने कथित तौर पर उसी सुबह वहां से ड्रग्स खरीदे थे. इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई थी. विवाद के दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें झोटा की मौत हो गई. हत्या के बाद दुकान का मालिक मौके से फरार हो गया था, बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया.

Advertisement

झोटा कथित नशा विक्रेताओं से सवाल करते हुए सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो बनाते थे. रिपोर्टों के मुताबिक, घटना से पहले उनका मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार से सामना हुआ था. झोटा उस व्यक्ति पर सिंथेटिक ड्रग्स बेचने का आरोप लगा रहे थे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »