कुश्ती पर दंगल: बृजभूषण शरण सिंह अगर इस्तीफे पर राजी नहीं हुए, तो जानिए कुश्ती संघ से हटाने की क्या है प्रक्रिया

भारतीय रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर तीसरे दिन भी कुश्ती पहलवानों का धरना जारी है. वो बृजभूषण सिंह के इस्तीफे पर अड़े हैं. खेल मंत्रालय ने भी 24 घंटे में उनसे इस्तीफा देने को कहा है. हालांकि, बृजभूषण सिंह इस्तीफा देने के मूड में नहीं हैं.

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बृजभूषण शरण सिंह 2011 से रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष हैं. (फाइल फोटो-PTI) बृजभूषण शरण सिंह 2011 से रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष हैं. (फाइल फोटो-PTI)

नितिन कुमार श्रीवास्तव

  • नई दिल्ली,
  • 20 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 12:10 PM IST

भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का क्या होगा? वो अध्यक्ष बने रहेंगे या इस्तीफा दे देंगे? इस पर फैसला होना अभी बाकी है. 

बहरहाल, बताया जा रहा है कि खेल मंत्रालय ने बृजभूषण सिंह से 24 घंटे में इस्तीफा देने को कहा है. हालांकि, बृजभूषण सिंह का कहना है कि वो किसी भी जांच के लिए तैयार हैं. 

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रेसलर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया जैसे पहलवानों ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बृजभूषण सिंह पर महिला पहलवानों का यौन शोषण करने का आरोप लगाया है. पहलवान उनके इस्तीफे पर अड़े हुए हैं. 

लेकिन क्या हो कि बृजभूषण सिंह इस्तीफा देने से इनकार कर दें? ऐसे में फिर उन्हें रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष पद से कैसे हटाया जा सकता है?

कैसे हटाया जा सकता है उन्हें?

बताया जा रहा है कि खेल मंत्रालय ने बृजभूषण सिंह से 24 घंटे में इस्तीफा देने को कहा है. हालांकि, वो इस्तीफा देने को तैयार नहीं है. 

उनका कहना है कि वो 22 जनवरी को होने वाली फेडरेशन की मीटिंग के बाद कोई फैसला लेंगे. बताया जा रहा है कि अगर बृजभूषण सिंह इस्तीफा नहीं देते हैं तो उन्हें पद से हटाया जा सकता है.

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जानकारी के मुताबिक, 22 जनवरी को फेडरेशन की एनुअल जनरल मीटिंग होनी है. इस मीटिंग में अगर उनके इस्तीफे के पक्ष में वोटिंग होती है तो उन्हें इस्तीफा देना होगा.

बृजभूषण सिंह पर क्या लगे हैं आरोप?

रेसलर विनेश फोगाट ने बृजभूषण सिंह पर महिला पहलवानों का यौन शोषण करने का आरोप लगाया है. फोगाट ने कहा, महिला पहलवानों का यौन शोषण किया जाता है. मैं खुद महिला पहलवानों के साथ यौन उत्पीड़न के 10-20 मामलों के बारे में जानती हूं.

फोगाट ने ये भी आरोप लगाया कि ओलंपिक के दौरान जब चार महिला पहलवान साथ में सफर कर रही थीं, तो फेडरेशन के अध्यक्ष को उनके साथ सफर करने की क्या जरूरत थी? 

वहीं, साक्षी मलिक ने भी आरोप लगाया कि हमें प्रताड़ित किया जा रहा है. अगर कोई खिलाड़ी किसी वजह से टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से मना कर देता है तो उसे बैन कर दिया जाता है.

बजरंग पूनिया ने भी दावा किया है कि पहलवानों को मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है. एक दिन पहले नियम बनाए जाते हैं और उन्हें लागू कर दिया जाता है. फेडरेशन के अध्यक्ष खिलाड़ियों के साथ गलत बर्ताव करते हैं, उन्हें थप्पड़ मार देते हैं. 

विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया (फाइल फोटो-PTI)

बृजभूषण सिंह का क्या है कहना?

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बृजभूषण सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने आजतक से बातचीत में कहा, 'मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि अगर कोई सबूत है तो उसे सार्वजनिक किया जाए. मैं ये भी कह रहा हूं कि अगर मेरे खिलाफ यौन शोषण के आरोप सही साबित होते हैं तो मैं फांसी पर लटकने के लिए भी तैयार हूं.'

उन्होंने कहा, 'मैं ये कहना चाहता हूं कि मैं 10 साल रेसलिंग फेडरेशन का अध्यक्ष हूं. 2008 से कुश्ती कर रहा हूं. मैं एफआईआर का सामना करने को तैयार हूं. मैं सीबीआई जांच के लिए भी तैयार हूं. मैं देश की सबसे बड़ी लीगल अथॉरिटी को फेस करने को भी तैयार हूं.'

उन्होंने कहा, 'जरूरत पड़ने पर मैं कुछ भी कर सकता हूं. ये मेरी पर्सनल पोस्ट नहीं है. मैंने एक्जीक्यूटिव कमेटी की मीटिंग बुलाई है, उसमें तय किया जाएगा कि मुझे क्या करना है. मैं देश से ऊपर नहीं हूं.'

खत्म होने वाला है बृजभूषण का कार्यकाल

रेसलिंग फेडरेशन का संविधान कहता है कि अध्यक्ष का कार्यकाल चार साल के लिए होगा. कोई भी व्यक्ति तीन बार यानी 12 साल से ज्यादा लंबे समय तक अध्यक्ष नहीं बना रह सकता.

बृजभूषण सिंह 2011 में रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष बने थे. उसके बाद से लगातार तीन बार से वो अध्यक्ष बन रहे हैं. आखिरी बार बृजभूषण सिंह 2019 में अध्यक्ष बने थे. उनका कार्यकाल इस साल ही खत्म होने वाला है. 

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