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ये बैंक नहीं दें पाएंगे क्रेडिट कार्ड, RBI ने सख्‍त किए नियम, शेयर बिखरे!

भारतीय रिजर्व बैंक ने एक प्रस्‍ताव पेश किया है, जिसके तहत ज्‍यादातर एनबीएफसी बैंक अब क्रेडिट कार्ड लोन नहीं दे पाएंगे. RBI ने यह प्रस्‍ताव रिटेल सेक्‍टर में लोन रिस्‍क को कम करने के लिहाज से फैसला लिया है.

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भारतीय रिजर्व बैंक का क्रेडिट पर नया प्रस्‍ताव. (Photo: ITG)
भारतीय रिजर्व बैंक का क्रेडिट पर नया प्रस्‍ताव. (Photo: ITG)

भारतीय रिजर्व बैंक ने लोन को लेकर नियमों को सख्‍त किया है. RBI ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) अब क्रेटिड कार्ड और फ्लैक्‍सी लोन पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्‍ताव रखा है.इसका मतलब है कि बजाज फाइनेंस जैसी कंपनियों का क्रेडिट कार्ड सर्विस बंद हो सकता है या नए तरीके से डिजाइन करना पड़ सकता है.    

हालांकि, उन नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों पर इसका असर नहीं होगा, जिन्‍हें RBI की ओर से क्रेडिट कार्ड जारी करने की अनुमति मिली हुई है. इस प्रस्‍ताव के आने के बाद शुक्रवार को Bajaj Finance के शेयरों में 5.84 फीसदी की गिरावट आई और 1,078 रुपये पर पहुंच गए. वहीं L&T फाइनेंस के शेयर में भी 2.73% की गिरावट दर्ज की गई. 

किस तरह के लोन पर होगा बैन? 
आरबीआई ने सीधे तौर पर रिवॉल्विंग क्रेडिट पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्‍ताव रखा है. इसके तहत वह लोन आते हैं, जिसके तहत एक क्रेडिट लिमिट होती है. इसके तहत आप बार-बार पैसे निकाल सकते हैं, फिर चुका सकत हैं और फिर से ज्‍यादा लिमिट बढ़ाकर उधार ले सकते हैं. इसी के तहत क्रेडिट कार्ड जैसी सर्विस आती है.  

टर्म लोन जारी करने की अनुमति 
अब NBFCs को सिर्फ तय अवधि वाले टर्म लोन देने की अनुमति होगी, जहां एक तय राशि दी जाती है और तय EMI या शेड्यूल के अनुसार भुगतान किया जाता है. एक बार लोन अप्रूव होने के बाद लोन की लिमिट दोबारा नहीं बढ़ाई जा सकती है. जिन NBFCs को RBI से क्रेडिट कार्ड (Credit Card) जारी करने की अनुमति मिली हुई है, उन पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा. 

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इस नियम से क्‍या असर? 
बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) जैसी बड़ी NBFCs और डिजिटल लेंडिंग ऐप्स जो 'Flexi Loan' या 'Credit Line' जैसी लोन सर्विस देती हैं, उन्हें अपने प्रोडक्ट्स को पूरी तरह से रीडिजाइन करना होगा. कस्‍टमर्स को बार-बार री-यूजेबल क्रेडिट की मिलने वाली सुविधा अब सीमित हो जाएगी. फ्लेक्सी क्रेडिट लेने के बजाय ग्राहकों को हर बार नया टर्म लोन लेना होगा या फिर बैंक, ऑथराइज्ड NBFC के क्रेडिट कार्ड पर निर्भर रहना पड़ेगा. 

आरबीआई ने क्‍यों लिया ये फैसला? 
आरबीआई के इस नए प्रस्‍ताव के पीछे एक खास कारण है. आरबीआई रिटेल सेक्टर में अत्यधिक और अनियंत्रित कर्ज के रिस्‍क को रोकना चाहता है. साथ ही लोन सिस्‍टम में पादर्शिता और मजबूती लाना चाहता है, जिस कारण आरबीआई ने इन लोन पर बैन लगाने का प्रस्‍ताव पेश किया है. 

(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

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