पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने वाला है. उपचुनाव से पहले बंगाल पुलिस ने दशकों पुराने मामलों में TMC नेता के नंदीग्राम स्थित घर की तलाशी ली. हालांकि, तलाशी के दौरान TMC नेता घर पर नहीं थे. उनके परिवार ने फिलहाल इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.
रविवार को पुलिस की टीम ने तृणमूल कांग्रेस नेता शेख शहाबुद्दीन के नंदीग्राम स्थित घर की तलाशी ली. यह तलाशी लगभग 15-20 साल पुराने मामलों के सिलसिले में ली गई. हालांकि, जब पुलिस तलाशी के लिए शहाबु्द्दीन के घर पहुंची तब वे घर पर नहीं थे.
इस मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहाबु्द्दीन के खिलाफ 2007, 2009 और 2011 के कई मामलों में वारंट तक जारी किए गए हैं. उनका कहना है कि जब पुलिस तलाशी के लिए शहाबुद्दीन के घर पहुंची तब वे घर पर नहीं मिले. उनके परिवार के सदस्यों ने पुलिस की कार्रवाई के संबंध में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.
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क्यों हो रहा उपचुनाव
नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है. यह उपचुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से जीत दर्ज की थी. हालांकि, भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर जीत के बाद उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी. जिसके बाद अब इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है. इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गुट के उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नाम वापस ले लिया था. जिसके बाद ममता ने कांग्रेस को अपना समर्थन दिया था.
नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को भी बीते दिनों गिरफ्तार कर लिया गया. नंदीग्राम में ज़मीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन के दौरान दर्ज लगभग दो दशक पुराने मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया है. उनकी गिरफ्तारी से पहले पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उपचुनाव में कांग्रेस को समर्थन करने का ऐलान किया था.
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