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जेरुसलम: ओल्ड बाजार में बिक रही ट्रंप की तस्वीर वाली खास टोपी, नेतन्याहू की पार्टी कर रही चुनाव प्रचार में इस्तेमाल

इजरायल में 27 अक्टूबर 2026 को आम चुनाव होने जा रहे हैं. इस बीच जेरुसलम के ओल्ड बाजार में पारंपरिक यहूदी टोपी के साथ लाल रंग की ट्रंप समर्थित टोपी भी बिक रही है. इसे प्रधानमंत्री नेतन्याहू की लिकुड पार्टी चुनाव प्रचार में इस्तेमाल कर रही है. देखें ग्राउंड रिपोर्ट.

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नेतन्याहू की पार्टी ट्रंप वाली टोपी का प्रचार कर रही है. (Photo- ITGD)
नेतन्याहू की पार्टी ट्रंप वाली टोपी का प्रचार कर रही है. (Photo- ITGD)

इजरायल में  27 अक्टूबर 2026 को आम चुनाव होने जा रहे हैं. 7 अक्टूबर 2023 को हमास के घातक हमलों के बाद ये पहला मौका होगा जब इजरायली जनता मतदान करेगी. इस चुनावी माहौल के बीच, जेरुसलम के प्रसिद्ध 'ओल्ड बाजार' से एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है, जो पर्यटकों के आकर्षण के साथ-साथ राजनीतिक चर्चाओं का भी केंद्र बन गई है.

चुनावों से पहले आजतक की टीम 'ओल्ड बाजार' पहुंची. दुनिया भर के पर्यटकों से गुलजार रहने वाले इस रंग-बिरंगे बाजार में हैंडीक्राफ्ट और पारंपरिक पूजा सामग्री की दुकानें हैं. 

इस बाजार में यहूदी समुदाय की पारंपरिक प्रार्थना सामग्री और विशेष टोपियां भी मिलती हैं. इनमें 'कीपा' नाम की पारंपरिक यहूदी टोपी काफी पॉपुलर है, जिस पर 'स्टार ऑफ डेविड' बना होता है. इस टोपी को सिर पर पहनने का मकसद ये याद रखना होता है कि मनुष्य से ऊपर सर्वशक्तिमान ईश्वर की सर्वोच्चता है.

'ट्रंप मेक्स इजरायल ग्रेटर अगेन'

लेकिन इस बार बाजार में इन पारंपरिक टोपियों के साथ-साथ एक राजनीतिक रूप से चर्चित टोपी भी बिक रही है. लाल रंग की इस टोपी पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर छपी हुई है और साथ ही उस पर लिखा है- ट्रंप मेक्स इजरायल ग्रेटर अगेन यानी 'ट्रंप इजरायल को फिर से महान बनाएंगे.' 

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इस टोपी पर इजरायल का झंडा और डोनाल्ड ट्रंप का नाम भी लिखा हुआ है. कुछ इसी तरह की लाल टोपियां अमेरिका में भी डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव प्रचार के दौरान नजर आई थीं.

खास बात यह है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी 'लिकुड पार्टी' चुनाव प्रचार के दौरान इस टोपी और ट्रंप के चेहरे का खुलकर इस्तेमाल कर रही है. कुछ समय पहले ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ट्रंप का समर्थन हासिल हुआ है. 

यह भी पढ़ें: इजरायल में कैसे होते हैं चुनाव? नेतन्याहू के सामने ये चुनौती, भारत से कितना अलग है पूरा सिस्टम

अब ये देखना बेहद दिलचस्प होगा कि इजरायल की जनता चुनाव में इस अमेरिकी समर्थन और ट्रंप के चेहरे को कितनी अहमियत देती है. आगामी 27 अक्टूबर के चुनावी नतीजे ही तय करेंगे कि जनता इस राजनीतिक समीकरण को स्वीकार करती है या नहीं.

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