होर्मुज पार करते ही भारत आ रहे जहाजों को मिली मदद, सुरक्षा में तैनात इंडियन नेवी के युद्धपोत

होर्मुज़ स्ट्रेट में तनाव के बीच भारतीय नौसेना ने तेल-गैस लेकर आने वाले अपने जहाजों को सुरक्षा देने के लिए टास्क फोर्स तैनात किया है.

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सोमवार को भारत का 'शिवालिक' जहाज एलपीजी लेकर मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा (Photo: ANI) सोमवार को भारत का 'शिवालिक' जहाज एलपीजी लेकर मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा (Photo: ANI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:01 AM IST

भारतीय नौसेना ने व्यापारी जहाज़ों और टैंकरों को सुरक्षित रूप से आने में मदद करने के लिए युद्धपोतों के दो टास्क फ़ोर्स तैनात किए हैं. ये जहाज़ ईरान के पास होर्मुज़ स्ट्रेट को पार करके भारत में गैस और कच्चा तेल ला रहे हैं. एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इंडियन नेवी जिन जहाज़ों को सुरक्षा दे रही है, उन्हें हर मुमकिन मदद और सहायता दी जा रही है.

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एक रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली में ईरान के राजदूत ने सोमवार को इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की. 

इस बीच, करीब 40,000 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) ले जा रहा भारतीय LPG वाहक 'शिवालिक' सोमवार शाम गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंच गया.

आज भारत पहुंचेंगे 2 और जहाज

सोमवार को LPG ले जाने वाला पहला भारतीय जहाज़, 'शिवालिक' मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा. मंगलवार को दो और जहाज़ों के भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है. फ़िलहाल, फ़ारसी खाड़ी में भारत का झंडा लगे 22 जहाज़ चल रहे हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं. इनमें से कई जहाज़ तेल और गैस के टैंकर हैं. भारत का झंडा लगे जहाज़ों के अलावा, कई ऐसे विदेशी जहाज़ भी इस इलाक़े में फंसे होने की आशंका है, जो भारत के लिए माल लेकर जा रहे थे.

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भारत और चीन के जहाजों को मिल रही अनुमति

तेहरान होर्मुज़ से सिर्फ़ चुने हुए टैंकरों को गुज़रने की इजाज़त दे रहा है, जिनमें चीन और भारत जैसे देशों से जुड़ी खेप भी शामिल है.

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ट्रंप की कई देशों से मदद की अपील

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों- फ्रांस, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन से इस जलमार्ग को सुरक्षित करने और जहाज़ों की आवाजाही फिर से शुरू करने में मदद के लिए युद्धपोत तैनात करने की अपील की है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस रास्ते को फिर से खोलने के लिए एक गठबंधन बनाने के बारे में करीब सात देशों के साथ बातचीत कर रहा है, लेकिन उन्होंने न तो उन देशों के नाम बताए और न ही यह संकेत दिया कि ऐसा कोई अभियान कब शुरू हो सकता है.

हालांकि, भारत ने कहा कि उसने इस तरह की कोशिश में शामिल होने के बारे में वॉशिंगटन के साथ कोई द्विपक्षीय बातचीत नहीं की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को कहा, "हमें इस बात की जानकारी है कि कई देशों के बीच इस खास मामले पर चर्चा हो रही है. हमने अभी तक द्विपक्षीय स्तर पर इस पर कोई चर्चा नहीं की है."

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होर्मुज अनुमति के बदले भारत से क्या ले रहा ईरान?

'क्या भारत ने ईरानी जलडमरूमध्य से भारतीय जहाज़ों को गुज़रने की अनुमति देने के बदले ईरान को कुछ दिया था?' रणधीर जायसवाल ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, "भारत और ईरान के बीच एक-दूसरे से निपटने के मामले में आपसी जुड़ाव का एक लंबा इतिहास रहा है. यही हमारे जुड़ाव का आधार रहा है और यह किसी तरह के लेन-देन का मामला नहीं है."

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