समुद्र
समुद्र (Sea) खारे पानी का पिंड है (Salty Water) जो पृथ्वी की सतह का लगभग 71 प्रतिशत भाग कवर करता है. साथ ही, विश्व महासागर या केवल महासागर के रूप में जुड़ा हुआ है. समुद्र शब्द का उपयोग समुद्र के दूसरे क्रम के वर्गों, जैसे कि भूमध्य सागर, साथ ही कुछ बड़े, पूरी तरह से लैंडलॉक, खारे पानी की झीलों, जैसे कैस्पियन सागर को निरूपित करने के लिए किया जाता है.
समुद्र पृथ्वी की जलवायु को नियंत्रित करता है और जल चक्र, कार्बन चक्र और नाइट्रोजन चक्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है (Sea Role in water cycle).
समुद्र का अध्ययन प्राचीन काल से होता आया है. इसके आधुनिक वैज्ञानिक अध्ययन को समुद्र विज्ञान कहा जाता है (Oceanography).
समुद्री जल में घुलने वाला सबसे प्रचुर मात्रा में ठोस सोडियम क्लोराइड है. पानी में मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटेशियम और पारा के लवण भी होते हैं. लवणता व्यापक रूप से भिन्न होती है. सतह के पास कम और बड़ी नदियों के मुहाने और समुद्र की गहराई में अधिक होते हैं (sodium chloride in Sea Water).
समुद्र की सतह पर चलने वाली हवाएं लहरें पैदा करती हैं, जो उथले पानी में प्रवेश करने पर टूट जाती हैं. हवाएं घर्षण के माध्यम से सतही धाराएं भी बनाती हैं, जिससे पूरे महासागरों में पानी का धीमा लेकिन स्थिर परिसंचरण होता रहता है. परिसंचरण की दिशाएं महाद्वीपों के आकार और पृथ्वी के रोटोशन सहित कई कारकों द्वारा नियंत्रित होती हैं (Sea Waves).
गहरे समुद्र की धाराएं, जिन्हें वैश्विक कन्वेयर बेल्ट के रूप में जाना जाता है, ध्रुवों के पास से ठंडे पानी को हर महासागर में ले जाती हैं. समुद्री ज्वार, आमतौर पर समुद्र के स्तर में दो बार होती है. यह दैनिक वृद्धि और गिरावट, पृथ्वी के रोटेशन, चंद्रमा की परिक्रमा, गुरुत्वाकर्षण प्रभाव और सूर्य के कारण भी होते हैं (Flow of Sea).
महासागरों के नीचे टेक्टोनिक प्लेट के टकराने से उत्पन्न होने वाले भूकंप, विनाशकारी सुनामी का कारण बन सकते हैं (Sea Tsunamis).
जीवों की एक विस्तृत विविधता समुद्र में रहती है. जिनमें बैक्टीरिया, प्रोटिस्ट, शैवाल, पौधे, कवक और समुद्री जानवर शामिल हैं. जो मरीन हैबिटेट और इकोसिस्टम की एक सीरीज बनाती है. जीवों के कई प्रमुख समूह समुद्र में विकसित हुए हैं (Major Groups of Organisms in Sea).
भारत के प्रमुख नदी डेल्टा (गंगा-ब्रह्मपुत्र, महानदी, ब्राह्मणी, गोदावरी आदि) तेजी से डूब रहे हैं. नई स्टडी बताती है कि अत्यधिक भूजल निकासी मुख्य कारण है, जिससे भूमि का डूबना समुद्र स्तर बढ़ना से तेज हो रहा है. इससे लाखों लोगों को बाढ़, भूमि हानि और विस्थापन का खतरा बढ़ गया है.
करीब एक हफ्ते की यात्रा के बाद जहाज पर ताजा खाने-पीने का सामान खत्म हो गया है. इसके बाद अब चालक दल ने सूखे खाने पर निर्भर होने लगा है. संजय सान्याल ने बताया कि अब नाश्ते में गुजराती थेपला और आम का अचार खाया जा रहा है. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब समझ आता है कि थेपला क्यों बनाया गया था.
30 साल में सुंदरबन के भंगादूनी और जम्बूद्वीप समुद्र में गायब हो गए. समुद्र स्तर बढ़ने, मैन्ग्रूव कटाई और जलवायु परिवर्तन ने 23 वर्ग किमी जमीन निगल ली. 2050 तक सुंदरबन के 15% द्वीप डूबेंगे. 45 लाख लोग बेघर होंगे. मुंबई, चेन्नई, कोच्चि भी खतरे में हैं. मैन्ग्रूव बचाना होगा नहीं तो पूरा तट डूब जाएगा.
चेन्नई के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी (एनआईओटी) में मिशन समुद्रयान की तैयारियां हो रही हैं. यह वो समुद्री अभियान है, जिसमें एक्वानॉट्स को काफी गहराई तक भेजा जाएगा. वे घरेलू पनडुब्बी के जरिए कुछ सौ मीटर से लेकर छह हजार मीटर की गहराई तय करेंगे. एक्वानॉट्स की ट्रेनिंग एस्ट्रोनॉट्स से अलग, लेकिन कहीं ज्यादा मुश्किल होती है.
वैज्ञानिकों ने अंटार्कटिका की बर्फ के नीचे 85 नई 'सक्रिय' झीलें खोजीं. 10 साल के सैटेलाइट डेटा से पता चला. ये झीलें भरती-खाली होती रहती हैं, ग्लेशियरों की गति बढ़ाती हैं. इससे समुद्र जलस्तर प्रभावित होता है. कुल सक्रिय झीलें अब 231 हो गई है.
क्या आप जानते हैं दुनिया में कई ऐसे भी शहर है जो कभी आबाद हुआ करते थे लेकिन आज के समय में पानी के अंदर डूब चुके हैं?
भारत की आर्थिक राजधानी और 'सपनों का शहर' मुंबई हर साल मॉनसून के दौरान भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में आ जाता है. भारी बारिश के कारण सड़कें, रेलवे ट्रैक, एयरपोर्ट और मेट्रो स्टेशन भी पानी में डूब गए हैं. मुंबई में पिछले 84 घंटों में 500 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. मूसलाधार बारिश ने न केवल आम लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है.
NISAR धरती की निगरानी का सुपरहीरो है. ये भूकंप, बाढ़, हिमनद पिघलने और फसलों पर नजर रखेगा. किसानों को फसल की जानकारी, वैज्ञानिकों को डेटा और आपदा राहतकों को अलर्ट देगा. ISRO और NASA की साझेदारी भारत की अंतरिक्ष ताकत और वैश्विक सहयोग का प्रतीक है. 30 जुलाई 2025 को GSLV-F16 के साथ लॉन्च होने वाला ये सैटेलाइट भारत को आपदा प्रबंधन, कृषि और जलवायु परिवर्तन में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा.
तुवालु का पलायन जलवायु परिवर्तन की भयावह सच्चाई को दिखाता है. समुद्र का बढ़ता स्तर, डूबती जमीन और बर्बाद होती जिंदगी इस छोटे देश को मिटाने की कगार पर ला खड़ा किया है. ऑस्ट्रेलिया का वीजा एक राहत है, लेकिन यह पूरी समस्या का हल नहीं.
सोलो ट्रिप आपको खुद से मिलने, अपनी ताकत को पहचानने और दुनिया को अपनी शर्तों पर खोजने का मौका देती है. आखिर, अकेले घूमना क्यों इतना जरूरी है? यह एक ऐसा सवाल है, जिसका जवाब हर यात्री को खुद तलाशना चाहिए.
क्रूज पर काम करने वाले स्टाफ को यात्रियों से दूरी बनाकर रखनी होती है. फ्लर्ट या पर्सनल बातचीत करने पर नौकरी से निकाला जा सकता है या जेल भी हो सकती है. जानिए किन नियमों का पालन करना पड़ता है.
जलवायु संकट ने पहले से ही यहां तबाही मचा रखी है और मीठे पानी के स्रोतों को प्रदूषित कर दिया है, जिससे रोजमर्रा के कामों में भी लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. प्रशांत महासागर के इस छोटे से देश ने डूबने के डर से अब अमेरिका से भी लिखित में आश्वासन मांगा है कि उसके नागरिकों की एंट्री को रोका नहीं जाएगा.
समुद्र में डूबने की कगार पर खड़े तुवालु देश के नागरिक 'क्लाइमेट वीजा' के जरिए ऑस्ट्रेलिया में बसने की मांग कर रहे हैं. जानें क्या है क्लाइमेट वीजा और क्यों ये जलवायु संकट से जूझते देशों के लिए उम्मीद बन रहा है.
पिछले 20 सालों में समुद्र का रंग तेजी से काला (black) हो रहा है. जानिए क्यों हो रहा है ऐसा और इसका इंसानों की सेहत व मौसम पर क्या असर पड़ेगा?
ऑस्ट्रेलिया में रविवार को चक्रवात आया. भारी बारिश हुई. तेज हवाएं चली. इससे बिजली कट गई. लगभग 3.16 लाख लोग प्रभावित हुए. गोल्ड कोस्ट शहर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जहां 1.12 लाख से अधिक लोग बिजली के है. इस तूफान का नाम साइक्लोन अल्फ्रेड है.
स्पेन में रूस के दूतावास ने एक बयान में कहा कि हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि मालवाहक जहाज किन परिस्थितियों में डूबा और स्पेन में अधिकारियों के संपर्क में हैं. लंदन स्टॉक एक्सचेंज ग्रुप के मुताबिक ओबोरोनलॉजिस्टिका ग्रुप की सिस्टर कंपनी SK-Yug, कार्गो शिप 'Ursa Major' की ऑनर और ऑपरेटर है. उसने इसके डूबने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि हीरा कारोबारी संजय शांतिलाल शाह, कथित तौर पर आर्थिक नुकसान के कारण तनाव में थे. उन्होंने अपने परिवार से कहा कि वह सुबह की सैर के लिए जा रहे हैं और फिर रविवार की सुबह समंदर में कूदकर जान दे दी.
मौसम विभाग के मुताबिक, मुंबई में आज आसमान में बादल छाए रहेंगे और शहर व उपनगरों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा आज शाम 4:25 बजे समुद्र में 3.93 मीटर ऊंची हाई टाइड और रात 9:02 बजे 1.58 मीटर ऊंची लो टाइड आने की आशंका है.
कनाडा में एक दिन में 2000 भूकंप के झटके दर्ज किए गए. दुनियाभर के वैज्ञानिक इस घटना से परेशान हो गए. जांच किया तो पता चला कि कनाडा के नीचे समुद्री जमीन दो हिस्सों में बंट रही है. यानी धरती के सबसे ऊपरी हिस्से यानी क्रस्ट की नई लेयर का निर्माण हो रहा है. तो क्या कनाडा या उत्तरी अमेरिका दो हिस्सों में बंट जाएगा?
श्री कृष्ण नगरी द्वारकाधीश नगरी तो आप जरूर गए होंगे. लेकिन शायद ही आपने श्रीकृष्ण से जुड़े इस रहस्य को कभी सुना होगा. अद्भुत अविश्वसनीय और अकल्पनीय में श्री कृष्ण के उस अदृश्य नगरी के बारे में जानिये, जिसे देखने के लिए समुद्र के गहरे सतह में उतरना पड़ता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के द्वारका में समुद्र में गहरे पानी के अंदर गए और उस स्थान पर प्रार्थना की जहां जलमग्न द्वारका नगरी है. देखें एक्सक्लूसिव कवरेज.