AIMIM अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. उनकी याचिका पर कल गुरुवार, 15 अक्टूबर को सुनवाई होने की संभावना है.
AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. ओवैसी ने इस प्रक्रिया को किस तरह से किया जा रहा है, इस पर सवाल उठाते हुए याचिका दाखिल की है. उनकी याचिका पर कल गुरुवार, 15 अक्टूबर को सुनवाई होने की संभावना है. ओवैसी चाहते हैं कि उनकी याचिका पर SIR से जुड़े दूसरे मामलों के साथ सुनवाई की जाए.
CJI सूर्यकांत की बेंच के सामने रखी याचिका
ओवैसी की ओर से पेश वकील निजामुद्दीन पाशा ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका का जिक्र किया. उन्होंने चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने यह मामला रखा. वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया कि ओवैसी की याचिका को गुरुवार को सुनवाई के लिए पहले से लिस्टेड इसी तरह के दूसरे मामलों के साथ शामिल किया जाए.
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मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने ओवैसी की याचिका को लिस्ट करने के अनुरोध पर विचार करने की बात कही है. कोर्ट यह देखेगी कि इस याचिका को SIR से जुड़े दूसरे मामलों के साथ सुना जा सकता है या नहीं. हालांकि, अभी याचिका को गुरुवार की सुनवाई में शामिल किए जाने की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है.
क्या है SIR की प्रक्रिया?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन वोटर लिस्ट की विशेष गहन जांच और पुनरीक्षण की प्रक्रिया है. इसके तहत मतदाता सूची की जांच की जाती है और जरूरी बदलाव किए जाते हैं. इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना है. हालांकि, अलग-अलग राज्यों में इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए हैं.
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ओवैसी की याचिका भी इसी प्रक्रिया से जुड़ी है. अब सुप्रीम कोर्ट इस पर क्या रुख अपनाता है, इस पर नजर रहेगी. फिलहाल, कोर्ट ने केवल याचिका को लिस्ट करने के अनुरोध पर विचार करने की बात कही है. याचिका की सुनवाई और उसमें उठाए गए मुद्दों पर कोर्ट का फैसला आना बाकी है.
अब्दुल बशीर