झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की राज्य सरकार के साथ पहले दौर की मीटिंग खत्म हो गई है. हेमंत सोरेन सरकार ने 4 मंत्रियों का एक पैनल बनाया था जिसने 10 छात्रों के डेलिगेशन से बात की.
छात्रों से बातचीत करने और उनकी मांगों को सुनने के लिए पैनल में चमरा लिंडा (झामुमो), सुदिव्य कुमार सोनू (झामुमो), दीपिका पांडेय सिंह (कांग्रेस) और संजय प्रसाद यादव (राजद) शामिल हैं.
स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता के लिए पहुंचा ये प्रतिनिधिमंडल आंदोलन कर रहे मुख्य छात्र समूह का है, जो देवेंद्र महतो के गुट से अलग है. इस प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में शामिल होकर छात्रों का पक्ष रखा.
1. रवीन्द्र पासवान
2. पीयूष कुमार
3. राजेश प्रसाद
4. नीतू कुजूर
5. अंकित राज
6. कार्तिक सोरेन
7. शालू कुमारी
8. रवींद्र कुमार रवि
9. आनंद कुमार
10. अंकित कुमार
बैठक में क्या हुई चर्चा?
वार्ता खत्म होने के बाद स्टूडेंट लीडर रवींद्र पासवान ने मीडिया से कहा, 'ये हमारी पहली मीटिंग थी, ये बहुत पॉजिटिव वार्ता थी. सबके साथ बैठकर परिवार जैसा लगा, ये सच में एक पॉजिटिव मीटिंग थी. हमें भरोसा है कि सरकार, CM और सभी मिनिस्टर हमारी मांगों पर गौर करेंगे.'
'एक भी मांग अगर पूरी नहीं हुई तो...'
छात्र डेलिगेशन में शामिल रवीन्द्र पासवान ने वार्ता से पहले मीडिया से बात करते हुए कहा था, 'सरकार हम लोगों से वार्ता करने के लिए तैयार है. अभी हमारी 10 लोगों का डेलिगेशन वार्ता करने जा रही है. मैं मीडिया के जरिए झारखंड के तमाम नौजवानों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी डेलिगेशन आपकी प्रतिनिधि बनकर जा रही है और हमारी जो मांग है, वो सारी मांगे बाध्यकारी और अनिवार्य है. एक भी मांग अगर पूरी नहीं हुई तो हम लोग वार्ता को सफल नहीं मानेंगे और इस धरने को जारी रखेंगे. हम उम्मीद करते हैं कि आज की वार्ता मुख्यमंत्री या उनके जो भी डेलिगेट्स हैं, उनके साथ सफल होगी.'
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फिर होगी बातचीत
कोर कमेटी के सदस्य ने कहा, 'हम सरकार से मिले. ये पॉजिटिव था. हमें भरोसा चाहिए. वो CM तक मैसेज पहुंचाएंगे और हम जल्द ही फिर मिलेंगे.तब तक प्रोटेस्ट मार्च जारी रहेग. अगर वो हमें पॉजिटिव भरोसा दिलाते हैं तो हम 10 अगस्त को असेंबली तक मार्च करने पर फिर से सोच सकते हैं.'
राज्य सरकार के डेलीगेशन से मिलने के बाद, प्रोटेस्ट कर रहे कैंडिडेट्स में से एक राजेश प्रसाद कहते हैं, '10 लोगों का डेलीगेशन 4 मिनिस्टर्स के साथ मीटिंग के लिए गया था. बातचीत बहुत अच्छे माहौल में शुरू हुई, जैसे कोई अपने परिवार से बात कर रहा हो. हमने मिनिस्टर्स के सामने अपनी सभी असली डिमांड्स रखीं. हमने उन्हें डिटेल में बताया, डिमांड्स का बेस क्या है.'
प्रसाद ने आगे कहा, 'उन्होंने हमारी बात बहुत ध्यान से सुनी और कहा कि हमारी डिमांड्स रियल हैं. CGL-JPSC (कैंसलेशन) की डिमांड सही है. उन्होंने कहा कि CM बहुत सेंसिटिव हैं लेकिन कम्युनिकेशन गैप था कि हमारी डिमांड और हमारा बेस शायद मिनिस्टर्स को पता नहीं था. इसलिए, मिनिस्टर्स को आज हमारी सभी डिमांड्स के बारे में पता चला. उन्होंने भरोसा दिलाया कि हमारी डिमांड्स CM के सामने पूरी सेंसिटिविटी के साथ रखी जाएंगी. उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि हमारी डिमांड्स असली हैं.'
प्रोटेस्टर्स ने दिया 10 अगस्त का अल्टीमेटम
प्रोटेस्टर्स के मुताबिक ये ऐसी डिमांड्स हैं, जो अगर पूरी हो गईं, तो आने वाली जेनरेशन्स के लिए एक माइलस्टोन साबित होंगी. अभी, उन्होंने बस हमारी डिमांड्स सुनी हैं और उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि डिमांड्स पूरी की जाएंगी. जब तक हमारी सभी डिमांड्स पूरी नहीं हो जातीं, हमारा प्रोटेस्ट जारी रहेगा. हमने मिनिस्टर्स से कहा है कि हम चाहते हैं कि हमारी डिमांड्स पूरी हों। 10 अगस्त से पहले पूरी हो जानी चाहिए. उन्होंने कहा है कि एक्शन लगभग तुरंत दिखेगा. अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 10 अगस्त को तय हमारा प्रोग्राम प्लान के मुताबिक ही जारी रहेगा.
सत्यजीत कुमार / आशुतोष मिश्रा