क्या शाहरुख और अजय देवगन की बढ़ेगी मुश्किलें? तुकाराम मुंढे के अगले कदम पर टिकी निगाहें

महाराष्ट्र FDA के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने शनिवार को बताया कि जिन एक्टर्स को सरोगेट एडवरटाइजिंग के ज़रिए प्रतिबंधित प्रोडक्ट्स को प्रमोट करने के आरोप में नोटिस भेजे गए थे, उनसे जवाब मिल गए हैं.

Advertisement
तुकाराम मुंढे ने क्या कहा?(Photo credit: A screengrab from the Vimal Elaichi ad/ YouTube) तुकाराम मुंढे ने क्या कहा?(Photo credit: A screengrab from the Vimal Elaichi ad/ YouTube)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 10 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:45 PM IST

बैन किए गए तंबाकू से जुड़े प्रोडक्ट्स के सरोगेट विज्ञापन के मामले में बॉलीवुड के दिग्गज कलाकारों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं. महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) द्वारा नोटिस भेजे जाने के बाद शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ जैसे बड़े एक्टर्स ने अपने जवाब दाखिल कर दिए हैं. 

इस पूरे मामले पर विभाग के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून सबके लिए बराबर है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. हालांकि, प्राकृतिक न्याय का पालन करते हुए एक्टर्स को अंतिम फैसला लेने या आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई से पहले एक और सुनवाई का मौका दिया जाएगा.

Advertisement

जल्द होगी अगली सुनवाई
मुंबई में आयोजित 'इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026' के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने बताया कि विभाग को संबंधित कलाकारों से जवाब प्राप्त हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के तहत एफडीए आगे का कदम उठाने से पहले इन एक्टर्स को एक बार फिर अपनी बात रखने या सुनवाई का अवसर देगा. विभाग अपनी कानूनी शक्तियों की सीमा में रहकर काम कर रहा है और जो भी कानूनी दायरा बनता है, उसी के हिसाब से अगली कार्रवाई तय की जाएगी.

विज्ञापनों में पूरी सतर्कता बरतें सेलिब्रिटीज
कमिश्नर ने इस बात पर खास जोर दिया कि सितारों और मशहूर हस्तियों को किसी भी प्रोडक्ट का प्रचार करते समय बेहद सावधान रहने की जरूरत है. 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' की धारा 24 और साल 2018 के विज्ञापन नियमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एंडोर्समेंट करने वाले की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह पक्का करे कि जिसका वह प्रचार कर रहे हैं, वह कानून के मुताबिक सही है या नहीं. चाहे अपने शब्दों से हो, हाव-भाव से या व्यवहार से, नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं.

Advertisement

तुकाराम मुंढे ने साफ लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि जो कोई भी कानून तोड़ेगा, उसे उसका सामना करना ही पड़ेगा. एफडीए किसी भी उल्लंघन के मामले में बिना किसी दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई करेगा, फिर चाहे सामने वाले व्यक्ति या बिजनेस का प्रोफाइल कितना भी बड़ा क्यों न हो. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विज्ञापन से जुड़े ये कड़े नियम केवल बैन किए गए आइटम्स तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बाजार में बिकने वाले सभी फूड प्रोडक्ट्स पर लागू होते हैं.

कॉन्क्लेव में गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर अपनी बात रखते हुए मुंडे ने आम उपभोक्ताओं को भी जागरूक रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि लोगों को फूड पैकेट्स पर लिखी हर छोटी-बड़ी जानकारी को ध्यान से पढ़ना और समझना चाहिए. जब ग्राहक खुद जागरूक होंगे और विज्ञापनों के भ्रामक दावों में नहीं आएंगे, तभी इस तरह की चीजों पर पूरी तरह से नकेल कसी जा सकेगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »