मैनपुरी में सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि '2017 से पहले हालात ऐसे थे कि लोग मैनपुरी का नाम सुनकर घबरा जाते थे. नौकरी में योग्यता से ज्यादा चेहरा और पैसा देखा जाता था'. साथ ही दावा किया कि उनकी सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर प्रदेश को माफिया मुक्त बनाने की दिशा में काम किया.
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले जब सरकारी नौकरियां निकलती थीं, तब मेरिट की जगह चेहरा और पैसा देखा जाता था. जिनके पास पैसे नहीं होते थे, उन्हें नौकरी नहीं मिलती थी. उनका कहना था कि उस दौर में नौजवानों के साथ अन्याय होता था.
'मैनपुरी के नाम से डरते थे लोग'
इस दौरान सीएम योगी ने दावा किया कि पहले लोग मैनपुरी का नाम सुनकर घबरा जाते थे. उनके मुताबिक, समाजवादी पार्टी के शासन में गुंडों का आतंक था. व्यापारी उत्तर प्रदेश में निवेश करने से बचते थे, क्योंकि उन्हें सुरक्षा की चिंता रहती थी. उन्होंने कहा कि कई कारोबारी घर से निकलते समय इस डर में रहते थे कि शाम तक सुरक्षित लौट पाएंगे या नहीं.
अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वर्गीय मदन चौहान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान मैनपुरी में पेट्रोल पंप के भीतर घुसकर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए.
'जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई'
सीएम योगी ने कहा कि सरकार बनने के बाद अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई. उन्होंने दावा किया कि इटावा हो या मैनपुरी, संगठित अपराध की कमर तोड़ने का काम किया गया. साथ ही कहा कि प्रदेश को माफिया मुक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्रवाई की गई.
उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के हर जिले में माफिया का दबदबा था. उनका दावा था कि उस दौर में नौजवान पहचान के संकट से जूझ रहे थे, जबकि किसान भी परेशान थे. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कानून-व्यवस्था सुधारने को सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाया.
समर्थ श्रीवास्तव