बीते 24 घंटे से यूपी कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच एक सवाल चर्चा में बना हुआ है. असल में यूपी में वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय राय नाराज बताए जा रहे हैं. इसके साथ ही यह भी सवाल है कि क्या महिला कांग्रेस की दलित नेता से गाली गलौज अजय राय को भारी पड़ेगी या राहुल गांधी उन्हें मना लेंगे?
यूपी कांग्रेस में अजय राय को लेकर कई सवाल?
हालांकि इस मामले कोई अजय राय के साथ आए समर्थकों और अजय राय को दोषी ठहरा रहा है तो कोई ममता चौधरी और कांग्रेस के नए प्रदेश नेतृत्व को जिम्मेदार मान रहा है. सवाल यह है कि कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटाए गए अजय राय कांग्रेस छोड़ने का विचार तो नहीं बना रहे हैं. ये सवाल इसलिए भी है, क्योंकि जब सोमवार को राहुल गांधी ने देश के सभी कांग्रेस के नेताओं को सुप्रीम कोर्ट तक प्रोटेस्ट मार्च के लिए दिल्ली बुलाया तो अजय राय इसमें शामिल नहीं हुए.
बनारस से आते हैं अजय राय
बता दें कि अजय राय बनारस से आते हैं और डंके की चोट पर अपनी ठसक पर राजनीति करने के लिए जाने जाते हैं, तीन बार बीजेपी से विधायक रहने के बावजूद भाजपा छोड़ने में उन्हें वक्त नहीं लगा तो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से बेआबरू होकर हटने के बाद कांग्रेस का मोह त्यागने में भी उन्हें वक्त नहीं लगेगा, ऐसा उन्हें जानने वाले कह रहे हैं.
गहरा रहा है मौजूदा प्रदेश नेतृत्व से विवाद
दरअसल अजय राय और मौजूदा प्रदेश नेतृत्व के बीच विवाद गहरा सकता है. अजय राय की महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ममता चौधरी से पहले से ही अनबन रही है और नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा के कार्यभार संभालने के वक्त हुए गाली गलौज और जूतम पैजार ने मामले को और खराब कर दिया है.
ममता चौधरी ने भी खोल दिया है मोर्चा
ममता चौधरी ने भी अजय राय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने ऐलान कर दिया है कि राहुल गांधी और राजेंद्र पाल गौतम से वह अजय राय की शिकायत करेंगी कि अजय राय पहले से दलित विरोधी रहे हैं और पहले से मीटिंग में दलितों के लिए सीट नहीं रखते थे. यह कुछ ऐसे आरोप है जो कांग्रेस के भीतर भूचाल ला सकते हैं.
क्या अजय राय की दी गई है बलि?
दरअसल अजय राय को मालूम है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी गठबंधन के लिए बतौर अध्यक्ष को पार्टी के लिए मुफीद नहीं थे, क्योंकि अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी से उनकी लगातार ठनी हुई थी. जबकि प्रमोद तिवारी और आराधना मिश्रा इस गठबंधन के लिए समाजवादी पार्टी के पसंदीदा चेहरे भी हैं. ऐसे में अजय राय को यह मालूम है कि गठबंधन की राह को आसान बनाने के लिए उनकी बलि दी गई है और इससे वह बेहद नाराज भी हैं.
दरअसल एकदिन पहले पार्टी दफ्तर में जो गाली गलौज या जूतम पैजार हुई है उसकी वजह से वह नाराज नहीं बल्कि पार्टी ने उनके साथ जो सलूक किया है खासकर उनसे बिना बताए उन्हें पार्टी अध्यक्ष पद से हटा दिया इसने उन्हें बहुत चोट पहुंचाया, अजय राय को लगता है कि यह उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ है और इसमें प्रदेश स्तर के बड़े नेताओं के बड़े रोल है.
क्या कांग्रेस छोड़ देंगे अजय राय?
तो क्या अजय राय कांग्रेस छोड़ देंगे या फिर राहुल गांधी उन्हें कोई दूसरा पद देकर उन्हें मना लेंगे पार्टी के भीतर नेताओं का मानना है की अजय सिंह लल्लू को जिस तरीके से अध्यक्ष पद से हटा ने के बाद दूसरे प्रदेश का प्रभार दिया गया कुछ वैसा ही अजय राय को भी दिया जा सकता है उन्हें किसी दूसरे प्रदेश का प्रभारी बनाया जा सकता है खासकर गुजरात का प्रभारी बनाए जाने की चर्चा है क्योंकि अजय राय पिछले 12 सालों से प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ एक मजबूत आवाज है और बनारस में उनके खिलाफ लगातार लड़ते आए हैं.
ऐसे में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अजय राय को मनाने के लिए उन्हें गुजरात जैसे बड़े राज्य के प्रभारी का पद दे सकता है. दूसरी चर्चा उनकी घर वापसी की भी है. माना जा रहा है कि नाराज अजय राय कहीं बीजेपी न चले जाएं, लगातार 2009 के बाद से चुनाव हार रहे अजय राय इस बार हर हाल में बनारस से पिंडरा की अपनी सीट जीतना चाहते हैं. वह तीन बार बनारस की एक सीट से विधायक रह चुके हैं. ऐसे में क्या अजय राय कांग्रेस के दूसरे पद स्वीकार करेंगे या फिर अपने को बनारस तक सीमित रखेंगे यह बड़ा सवाल है?
क्या बोले केशव प्रसाद मौर्य?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' के कार्यभार ग्रहण समारोह के दौरान पार्टी कार्यालय में हुई मारपीट और जूता-चप्पल चलने की घटना पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अब केवल दफ्तरों और कागजों तक सीमित रह गई है और समय-समय पर ऐसी हरकतें कर अपने अस्तित्व का एहसास कराने की कोशिश करती है.
कुमार अभिषेक