जेप्टो, ब्लिंकिट का डिलीवरी पार्टनर कैसे बनें? ज़रूरी होते हैं ये डॉक्यूमेंट्स

देश के अलग-अलग हिस्सों में रोज़गार की भाषा बदल गई है. अब सिर्फ सरकारी या प्राइवेट ऑफिस ही नहीं बल्कि गिग वर्कर बनकर भी लोग कमाई कर रहे हैं. कई प्लेटफॉर्म हैं जो किसी भी व्यक्ति को उनके साथ जुड़ने का मौका देते हैं, इसकी क्या प्रक्रिया होती है आप यहां समझ सकते हैं...

Advertisement
डिलीवरी पार्टनर बनने के लिए एक प्रोसेस से होकर गुज़रना पड़ता है. (फोटो: AI Generated) डिलीवरी पार्टनर बनने के लिए एक प्रोसेस से होकर गुज़रना पड़ता है. (फोटो: AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST

देश के बड़े शहरों में 10-15 मिनट में राशन और सामान पहुंचाने का चलन तेजी से बढ़ा है. जेप्टो और ब्लिंकिट जैसी क्विक कॉमर्स कंपनियां आज लाखों युवाओं को काम का मौका दे रही हैं. अगर आपके पास टू-व्हीलर और स्मार्टफोन है, तो आप इन ऐप्स पर डिलीवरी पार्टनर बनकर पार्ट-टाइम या फुल-टाइम कमाई कर सकते हैं.

लेकिन ये इतना आसान भी नहीं है, इन प्लेटफॉर्म्स के साथ काम शुरू करने से पहले नियम, जरूरी कागज, जॉइनिंग का तरीका और एग्रीमेंट की शर्तें समझना जरूरी है. ऑन-बोर्डिंग के समय कौन से डॉक्यूमेंट्स लगते हैं और कंपनी का लीगल स्ट्रक्चर क्या कहता है, यह जानना भी उतना ही जरूरी है.

जेप्टो/ब्लिंकिट जैसी वेबसाइट्स पर डिलिवरी पार्टनर बनने के लिए तमाम शर्तें दी गई हैं, जिन्हें पूरा करने के बाद ही आप उनके साथ जुड़ सकते हैं. आप भी इन नियमों को ज़रूर जान लीजिए…

Advertisement
  • किसी भी आवेदक का वयस्क होना जरूरी है, यानी उसकी उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और वह भारतीय नागरिक होना चाहिए. 
  • इसके साथ अप्लाई करने वाले के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं होना चाहिए और न ही उसे किसी अपराध में सजा मिली होनी चाहिए. 
  • संक्रामक बीमारियों से मुक्त होना भी जरूरी है. काम के लिए दो-पहिया वाहन, यानी बाइक, स्कूटी या साइकिल, और एक चालू स्मार्टफोन होना ज़रूरी है.
  • इनके अलावा हर राइडर को रजिस्ट्रेशन और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के लिए कुछ दस्तावेज जमा करने होते हैं. इनमें पैन कार्ड और बैंक अकाउंट डिटेल्स शामिल हैं, ताकि हफ्ते या समय-समय पर पेआउट आ सके. 


पते और पहचान के सत्यापन के लिए केवाईसी से जुड़े दस्तावेज भी जरूरी होते हैं. अगर आप मोटरबाइक का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है. वाहन का बीमा कराना भी जरूरी होता है. 

Advertisement

किसी भी क्विक कॉमर्स ऐप सर्विस में जॉइनिंग की प्रक्रिया आम तौर पर ऐप डाउनलोड करने से शुरू होती है. 

सबसे पहले स्मार्टफोन में डिलीवरी पार्टनर ऐप, जैसे जेप्टो पार्टनर ऐप, डाउनलोड करना होता है और मोबाइल नंबर के साथ बेसिक प्रोफाइल भरनी होती है. 

इसके बाद ऑनलाइन प्रक्रिया में पैन, बैंक डिटेल्स और ड्राइविंग लाइसेंस अपलोड किए जाते हैं. फिर प्रतिनिधि से मुलाकात के जरिए बैकग्राउंड वेरिफिकेशन किया जाता है.

कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?

ऑन-बोर्डिंग के समय डिलीवरी से जुड़ी जरूरी ट्रेनिंग दी जाती है. ट्रेनिंग और ऑन-बोर्डिंग फीस, टैक्स सहित, पेआउट से काटी या एडजस्ट की जा सकती है. इसके साथ डिलीवरी बैग, टी-शर्ट और जैकेट जैसे मर्चेंडाइज भी दिए जाते हैं. अकाउंट एक्टिवेट होने के बाद राइडर अपनी सुविधा के हिसाब से ऐप पर लॉगिन का समय, यानी शिफ्ट, चुनकर ऑर्डर पूरे करना शुरू कर सकता है.

अगर आप भी ऐसा कुछ करने की सोच रहे हैं तो क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर काम शुरू करने से पहले एग्रीमेंट की शर्तों को समझना बहुत जरूरी है. कंपनियों के टर्म्स एंड कंडीशंस में साफ लिखा होता है कि डिलीवरी पार्टनर कंपनी का कर्मचारी नहीं, बल्कि एक इंडिपेंडेंट सर्विस प्रोवाइडर होता है. 

इसका मतलब ये है कि राइडर को सैलरी या पीएफ जैसी सुविधाएं नहीं मिलतीं. उसका पेआउट दूरी, टाइम, ट्रैफिक, मौसम और ऑर्डर्स के आधार पर तय होता है. कुल मिलाकर, डिलीवरी पार्टनर बनने के लिए पात्रता, दस्तावेज, जॉइनिंग प्रक्रिया और एग्रीमेंट की शर्तों को पहले से समझना जरूरी है.

Advertisement

(नोट: सभी जानकारी क्विक कॉमर्स वेबसाइट्स पर उपलब्ध डॉक्यूमेंट्स के आधार पर है.)

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »