ब्लिंकिट (Blinkit) भारत की एक प्रमुख quick commerce (तेज डिलीवरी) कंपनी है, जिसे Zomato की सहायक कंपनी के रूप में जाना जाता है. यह सेवा ग्राहकों को 30,000+ किराना और रोजमर्रा की चीजें कुछ मिनटों के भीतर घर पहुंचाने का दावा करती है. Blinkit ने शहरों में dark store नेटवर्क के जरिए अपनी डिलीवरी सेवा को बहुत तेजी से फैलाया है.
हाल ही में Blinkit से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है कि कंपनी ने अपने “10-मिनट में डिलीवरी” का वादा हटा दिया है. सरकार के श्रम मंत्रालय ने क्विक-कॉमर्स कंपनियों को चेतावनी दी थी कि ऐसे अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी के दावे डिलीवरी कर्मियों की सुरक्षा पर दबाव डाल सकते हैं और जोखिम भरे ड्राइविंग व्यवहार को बढ़ावा दे सकते हैं. इसी कारण Blinkit ने अपने सभी प्लेटफॉर्म से 10-मिनट वादा हटा दिया है और अब यह केवल यह कह रहा है कि वह बड़ी संख्या में उत्पाद दरवाजे पर पहुंचाएगा.ॉ
सरकार की इस कार्रवाई के पीछे मुख्य वजह यह है कि डिलीवरी पार्टनर्स पर अत्यंत तेज समय में पहुंचने का दबाव उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है. श्रम विशेषज्ञों और श्रमिक संगठनों ने इस बारे में चिंता जताई थी, जिससे सरकार ने हस्तक्षेप किया.
Blinkit के इस फैसले से अन्य क्विक-कॉमर्स कंपनियों जैसे Zepto और Swiggy Instamart पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि वे भी अपनी मार्केटिंग से “10-मिनट” टैगलाइन हटाने पर विचार कर रहे हैं.
इस बदलाव के बावजूद Blinkit की लोकप्रियता कम नहीं हुई है, क्योंकि आज भी लाखों ग्राहक अपने दैनिक सामान को तेज, सुविधाजनक और घर बैठे मंगाना पसंद करते हैं.
मैंने अपने फोन से Blinkit और Instamart को डिलीट कर दिया. सिर्फ यह देखने के लिए कि क्या मैं इस डिजिटल दुनिया में गुजारा कर पाऊंगी. ऐसा लगता है कि मैंने न सिर्फ गुजारा किया बल्कि मुझे लगता है कि मैं इसमें कामयाब रही.
मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पहला ऐसा एयरपोर्ट बन गया है, जिसके भीतर क्विक कॉमर्स ऐप के जरिए सामान पहुंचाया जा रहा है. इसके लिए अडानी एयरपोर्ट और ब्लिंकिट ने साझेदारी की है.
भारत अब 'तुरंत' के पागलपन से तंग आ चुका है. ब्लिंकिट और ज़ोमैटो अब 10 मिनट में 'स्विगी' नहीं कर सकते. और अगर वे ऐसा करते भी हैं, तो वे इसे अपनी खासियत नहीं बता सकते. भारत किसी भी काम को तेजी से करने के लिए कुछ खास नहीं जाना जाता. लेकिन अब जब सरकार ने बोल दिया है, तो हमें उन कुछ 'इंस्टेंट' कामों में समय लगाना सीखना होगा जिनकी हमें खतरनाक आदत पड़ गई थी.