स्विगी का क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) आज भारत के तेजी से बढ़ते ऑनलाइन ग्रॉसरी सर्विस प्लेटफॉर्म्स में से एक बन चुका है. यह सेवा उन लोगों के लिए बनाई गई है जो घर बैठे कुछ ही मिनटों में जरूरी सामान मंगाना चाहते हैं.ॉ
स्विगी इंस्टामार्ट की शुरुआत साल 2020 में हुई थी. पहले यह सिर्फ कुछ बड़े शहरों में शुरू किया गया था, लेकिन लोगों की बढ़ती मांग को देखते हुए अब यह भारत के कई शहरों में उपलब्ध हो चुका है. इस सेवा की खास बात यह है कि ग्राहक किराने का सामान, फल-सब्जियां, डेयरी प्रोडक्ट, स्नैक्स, पेय पदार्थ और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें लगभग 10-15 मिनट में मंगवा सकते हैं.
Instamart की पूरी व्यवस्था छोटे-छोटे वेयरहाउस या डार्क स्टोर्स पर आधारित होती है. इन जगहों पर पहले से ही हजारों सामान स्टॉक में रखे जाते हैं. जैसे ही ग्राहक ऐप पर ऑर्डर करता है, वहां मौजूद कर्मचारी तुरंत सामान पैक कर देते हैं और डिलीवरी पार्टनर उसे ग्राहक के घर तक पहुंचा देता है.
इस सेवा ने खासकर बड़े शहरों में लोगों की जिंदगी को काफी आसान बना दिया है. पहले अगर घर में अचानक कोई सामान खत्म हो जाता था, तो लोगों को दुकान तक जाना पड़ता था. लेकिन अब मोबाइल ऐप के जरिए कुछ ही क्लिक में सामान घर तक पहुंच जाता है.
स्विगी इंस्टामार्ट पर कई बार ग्राहकों को अच्छे ऑफर और डिस्काउंट भी मिल जाते हैं. इसके अलावा ऐप पर पेमेंट के लिए कई विकल्प दिए जाते हैं, जैसे UPI, कार्ड और कैश ऑन डिलीवरी. यही वजह है कि युवा वर्ग और कामकाजी लोगों के बीच यह सेवा तेजी से लोकप्रिय हुई है.
गिग वर्कर इकॉनोमी पिछले कुछ वक्त में काफी बूम कर रही है. अगर आपके पास स्मार्टफोन है, तो आप भी बेहद आसानी से इसका हिस्सा बन सकते हैं. एक बड़ी संख्या में मेट्रो सिटीज़ में लोग कई तरह के प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे हैं, जिसकी प्रक्रिया कुछ इस तरह की है.
डिलीवरी पार्टनर के सामने किराये की बाइक लेकर काम करने का ऑप्शन हमेशा रहता है. ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म खुद ही थर्ड पार्टी के ज़रिए ये सुविधा मुहैया कराते हैं, हालांकि एक सवाल ये है कि अपनी बाइक या किराये की बाइक में क्या ज्यादा फायदेमंद है.
गिग वर्कर्स को अलग-अलग प्लेटफॉर्म के अनुसार हर हफ्ते या हर 15 दिन में पेमेंट मिलती है. एक ऑर्डर की पूरी कमाई में प्लेटफॉर्म का कमीशन, टैक्स वगैरह चीज़ें शामिल होती हैं और उसके बाद डिलीवरी पार्टनर के हाथ में कुछ आता है.
डिलीवरी पार्टनर या बाइक टैक्सी राइडर्स के कई ऐसे खर्च होते हैं, जो प्लेटफॉर्म शुरुआत में सामने नहीं रखते हैं. कई जगह खर्च खुद से भी करना पड़ता है, ऐसे में महीने में होने वाली नेट कमाई ग्रॉस कमाई से काफी अलग हो सकती है.
डिलीवरी पार्टनर या राइडर का काम आसान नहीं है लेकिन यहां पर आपके पास एक बढ़िया ऑप्शन है. आप कितनी कमाई और कितनी देर काम करना चाहते हैं, ये आपके हाथ में है. कई डिलीवरी राइडर एक महीने में 50 हज़ार तक की कमाई कर रहे हैं, कमाई और कमीशन को लेकर क्या नियम हैं जानिए...
देश के अलग-अलग हिस्सों में रोज़गार की भाषा बदल गई है. अब सिर्फ सरकारी या प्राइवेट ऑफिस ही नहीं बल्कि गिग वर्कर बनकर भी लोग कमाई कर रहे हैं. कई प्लेटफॉर्म हैं जो किसी भी व्यक्ति को उनके साथ जुड़ने का मौका देते हैं, इसकी क्या प्रक्रिया होती है आप यहां समझ सकते हैं...
स्विगी, जोमैटो से लेकर ब्लिंकिट और जेप्टो तक कई कंपनियां अपने डिलीवरी पार्टनर को टीशर्ट, बाइक और बैग से लेकर कई सामान देते हैं. लेकिन क्या हो अगर डिलीवरी पार्टनर से ये सामान ही खराब हो जाए या फिर टूट जाए. तब उसकी भरपाई के लिए अलग-अलग नियम बनाए गए हैं.
कई डिलीवरी पार्टनर या राइडर्स के पास अपना वाहन नहीं होता है, ऐसे में वो किराये की स्कूटी से भी ये काम कर सकते हैं. कई शहरों में इस तरह की स्कूटी की सर्विस होती है, अक्सर क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ही अपनी तरफ से आपको किराये पर स्कूटी या बाइक दिलवाते हैं, जिसकी एक फीस लगती है.
डिलीवरी ऐप्स हो या फिर बाइक टैक्सी, दोनों ही प्लेटफॉर्म आपको फुल टाइम और पार्ट टाइम रोज़गार देने का ऑप्शन देते हैं. अलग-अलग प्लेटफॉर्म ने अपने हिसाब से कुछ नियम तय किए हैं, जिनका पालन करना ज़रूरी हो जाता है.
मेट्रो शहर में कई लोग ऐसे हैं, जो क्विक कॉमर्स पर डिलीवरी पार्टनर बनते हैं ताकि थोड़ी कमाई हो सके. लेकिन हर किसी के पास अपना वाहन नहीं है. ऐसे में क्या वो लोग इन ऐप्स से नहीं जुड़ सकते हैं ये सवाल रहता है, इसका जवाब इस कहानी में जानिए.
कई लोग जो डिलीवरी पार्टनर की जॉब फुल टाइम या पार्ट टाइम करना चाहते हैं, उनके मन में एक सवाल आता है कि क्या इसके लिए कोई पैसा भी लगता है. तो जवाब ये है कि हर कंपनी और प्लेटफॉर्म के अपने अपने नियम हैं. अगर आप भी इनके बारे में जानना चाहते हैं तो ज़रूर पढ़िए...
बेंगलुरु में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कई डार्क स्टोर्स और खाद्य भंडारण केंद्रों पर छापेमारी कर करीब 1.38 करोड़ रुपये के खाद्य उत्पाद और 4.02 लाख रुपये की दवाइयां जब्त कीं। जांच में एक्सपायर्ड, गलत लेबल वाले और बिना लाइसेंस रखे उत्पाद मिले।
बेंगलुरु में स्विगी इंस्टामार्ट और लियो मार्ट पर स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारा. जांच में एक्सपायर्ड खाद्य सामान मिलने पर दोनों स्टोर को अस्थायी रूप से सीज किया गया है.
अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के फूड लाइसेंस कर्नाटक सरकार ने सस्पेंड कर दिया है. दरअसल, खाद्द सुरक्षा विभाग ने पाया कि इन प्लेटफॉर्म्स पर जहरीले धतूरे के फल और बीज इंसानों के खाने के लिए बेचे जा रहे थे. आदेश में सभी ऑनलाइन लिस्टिंग और विज्ञापन हटाने के निर्देश दिए गए हैं. विक्रेताओं के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं.
Swiggy Share Surge: ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के शेयर ने मंगलवार को बिखरते हुए शेयर बाजार में भी गदर मचाए रखा और करीब 5% की छलांग लगा दी.
LPG Cylinder Online: क्विक कॉमर्स डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी इंस्टामार्ट ने एचपीसीएल के साथ मिलकर ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर की सुविधा शुरू करने का ऐलान किया है, जो एक क्लिक में आपके घर पहुंचेगा.
मैंने अपने फोन से Blinkit और Instamart को डिलीट कर दिया. सिर्फ यह देखने के लिए कि क्या मैं इस डिजिटल दुनिया में गुजारा कर पाऊंगी. ऐसा लगता है कि मैंने न सिर्फ गुजारा किया बल्कि मुझे लगता है कि मैं इसमें कामयाब रही.