फिलिपींस एयर फोर्स के दो विमान आसमान में टकराए, चार पायलटों की मौत

फिलिपीन एयर फोर्स के चार पायलट 23 अक्टूबर 2026 को लिपान सिटी, बातांगास के फर्नांडो एयर बेस पर ट्रेनिंग के दौरान दो SF-260 विमानों की मिड-एयर टक्कर में मारे गए. बेस परिसर में ही क्रैश हुआ. जांच शुरू, सभी SF-260 एयरक्राफ्ट ग्राउंडेड हुए हैं.

Advertisement
ये है फिलीपींस एयर फोर्स का एसएफ-260 एयरक्राफ्ट. (Photo: globalmilitary net) ये है फिलीपींस एयर फोर्स का एसएफ-260 एयरक्राफ्ट. (Photo: globalmilitary net)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 24 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:11 PM IST

23 अक्टूबर 2026 की दोपहर करीब 3.51 बजे फिलिपीन एयर फोर्स (PAF) के लिए एक दुखद दिन बन गया. लिपान सिटी, बातांगास प्रांत स्थित फर्नांडो एयर बेस पर दो SF-260 ट्रेनर विमान ट्रेनिंग फ्लाइट के दौरान हवा में टकरा गए. दोनों विमान बेस की परिधि के अंदर ही गिरे, जिससे चार पायलटों की मौत हो गई.  

PAF ने शनिवार को आधिकारिक पुष्टि की और गहरी शोक व्यक्त की. तुरंत रेस्पॉन्स टीमें भेजी गईं. सुरक्षा और परिवारों की सहायता प्राथमिकता बताई गई. सभी SF-260 विमानों को सावधानी के तौर पर ग्राउंडेड कर दिया गया है. जांच चल रही है. परिवारों ने निजता का सम्मान करने की अपील की है.

Advertisement

यह घटना ट्रेनिंग मिशन के दौरान हुई. स्थानीय मीडिया ने मिड-एयर कोलिजन की बात कही. बेस के अंदर गिरने से बाहरी नुकसान नहीं हुआ. PAF प्रवक्ता कर्नल अल्विन जे कैपिंगुइयन ने बताया कि घटना के तुरंत बाद इमरजेंसी उपाय सक्रिय किए गए. सुरक्षा और कल्याण प्राथमिकता बनी रही. 

यह भी पढ़ें: बॉर्डर पर चीन से Face-Off अब भी जारी... ITBP डीजी ने बताया कैसे हमारे जवान मुंहतोड़ जवाब देने को हैं तैयार

PAF ने बयान में कहा कि दोनों विमान बेस परिधि में गिरे, कोई अन्य हताहत नहीं. जांच जारी है और बेड़े को अस्थायी रूप से रोका गया है. वे शहीद पायलटों की सेवा और बलिदान का सम्मान करते हुए परिवारों से समन्वय कर रहे हैं.

SF-260 विमान की जानकारी: इटली का ट्रेनर एयरक्राफ्ट

SF-260 कोई भारी फाइटर जेट नहीं, बल्कि हल्का ट्रेनर और लाइट अटैक विमान है. इसे इटली में डिजाइन और बनाया गया. इटालियन इंजीनियर स्टेलियो फ्राटी ने 1960 के दशक में डिजाइन किया. पहली उड़ान 15 जुलाई 1964को हुई. मूल रूप से एवियामिलानो ने बनाया, फिर SIAI-Marchetti ने अधिकार लेकर उत्पादन शुरू किया. 

Advertisement

बाद में एयरोमाची और अब लियोनार्डो कंपनी के तहत जारी रहा. यह इटली का प्रोडक्ट है. दो सीट वाला, पिस्टन इंजन वाला, पूरी तरह एक्रोबेटिक क्षमता वाला विमान है. कई देशों की एयर फोर्स ट्रेनिंग और लाइट अटैक के लिए इस्तेमाल करती है. 

यह भी पढ़ें: 'चीन का मुकाबला परंपरागत तरीकों से करना कठिन', ITBP डीजी ने बताया भारत ड्रोन प्लाटून समेत कौन से नए कदम उठा रहा

फिलिपीन एयर फोर्स भी लंबे समय से इसका उपयोग कर रही है. ट्रेनिंग, बेसिक फ्लाइंग स्किल्स और कभी-कभी काउंटर-इंसरजेंसी मिशन में काम आता है. 2017 में मरावी सिटी ऑपरेशन में भी SF-260 का इस्तेमाल हुआ था.

विमान हल्का, फुर्तीला और किफायती होने के कारण विकासशील देशों की एयर फोर्स में लोकप्रिय है. लेकिन पिछले वर्षों में PAF में इसके साथ कई हादसे हो चुके हैं. मई 2026 में उत्तरी फिलिपींस के पहाड़ी इलाके में एक SF-260 क्रैश में दो पायलट मारे गए थे. 2023 में भी एक ट्रेनिंग फ्लाइट में दो पायलटों की मौत हुई थी. बार-बार होने वाली ये घटनाएं ट्रेनिंग प्रोटोकॉल, मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाती हैं.

जांच, सुरक्षा और व्यापक प्रभाव

PAF ने सभी SF-260 को ग्राउंडेड कर दिया है. जांच में मिड-एयर कोलिजन का कारण पता लगाया जाएगा—क्या पायलट एरर था, मौसम की भूमिका, तकनीकी खराबी या संचार समस्या. फर्नांडो एयर बेस ट्रेनिंग का महत्वपूर्ण केंद्र है. यहां नियमित रूप से युवा पायलटों को ट्रेनिंग दी जाती है. चार पायलटों की एक साथ मौत से बेड़े और मनोबल दोनों पर असर पड़ेगा. PAF परिवारों को सहायता दे रहा है और निजता का सम्मान करने की अपील की है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: सिचुएशन कंट्रोल में लेकिन तनाव बरकरार... अरुणाचल में LAC पर अभी क्या हैं हालात?

विश्लेषकों के अनुसार बार-बार हादसे से ट्रेनिंग बेड़े के आधुनिकीकरण और मेंटेनेंस बजट पर ध्यान देने की जरूरत है. पुराने विमानों पर निर्भरता जोखिम बढ़ाती है. फिलिपीन एयर फोर्स आधुनिकीकरण की दिशा में काम कर रही है, लेकिन ट्रेनर एयरक्राफ्ट की सुरक्षा प्राथमिकता बननी चाहिए. 

यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सैन्य विमानन सुरक्षा की निरंतर समीक्षा की याद दिलाती है. चार पायलटों ने देश की सेवा में जान दी. उनका बलिदान याद रखा जाएगा. जांच के नतीजे आने तक PAF सावधानी बरत रहा है और परिवारों के साथ खड़ा है. यह दुखद घटना सैन्य ट्रेनिंग की चुनौतियों को रेखांकित करती है. सुरक्षित आकाश और बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था की मांग अब और जोर पकड़ेगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »