सिचुएशन कंट्रोल में लेकिन तनाव बरकरार... अरुणाचल में LAC पर अभी क्या हैं हालात?

अरुणाचल प्रदेश के असफिला और लोंगजू में एलएसी पर अलग धारणाओं के कारण संवेदनशीलता के बावजूद स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में है. वहीं सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की लगातार मौजूदगी से सामाजिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिल रहा है.

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सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के सैनिकों के बीच किसी भी हिंसक झड़प की खबर नहीं है. (Photo: PTI) सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के सैनिकों के बीच किसी भी हिंसक झड़प की खबर नहीं है. (Photo: PTI)

मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 24 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:21 AM IST

अरुणाचल प्रदेश के ताकसिंग सर्कल में स्थित असफिला और लोंगजू इलाके, भारत और चीन के बीच 'लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल' (LAC) को लेकर अलग-अलग धारणाओं के कारण संवेदनशील बने हुए हैं, लेकिन डिफेंस सोर्सेज के मुताबिक, जमीनी स्तर पर स्थिति स्थिर है और इसे सख्ती से संभाला जा रहा है.

ऐतिहासिक रूप से विवादित माने जाने वाले इन इलाकों में समय-समय पर तनाव की स्थिति बनती है क्योंकि दोनों तरफ से नियमित गश्त के दौरान अक्सर आमना-सामना हो जाता है. सुरक्षा माहौल में आमना-सामना होना एक आम बात हो गई हैं.

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सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के सैनिकों के बीच किसी भी हिंसक झड़प की खबर नहीं है, जो यह दिखाता है कि ग्राउंड कमांडर्स पूरी तरह संयम और ऑपरेशनल कंट्रोल बनाए हुए हैं.

फेस-ऑफ की स्थितियों को फ्लैग मीटिंग्स और हॉटलाइन कम्युनिकेशन जैसे मिलिट्री-टू-मिलिट्री मैकेनिज्म के जरिए संभाला जा रहा है, ताकि लोकल स्तर पर तनाव को तुरंत कम किया जा सके.

इसके साथ ही, पूर्वोत्तर में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए कॉर्प्स कमांडर-लेवल की बातचीत भी सफलतापूर्वक आयोजित की गई है. यह कदम बॉर्डर पर शांति बनाए रखने के लिए संस्थागत, हाई-लेवल संवाद की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

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अधिकारियों ने बताया, हालांकि ऑपरेशनल गतिरोध तत्काल चुनौतियां पेश करते हैं, लेकिन विवादित क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देने से अक्सर दोनों देश बातचीत की मेज पर अधिक सार्थक रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित होते हैं, जिससे समय के साथ सीमा मुद्दों पर बेहतर सहमति की दिशा में गति मिल सकती है.

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इन दूरदराज के सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार मौजूदगी सामाजिक-आर्थिक विकास को भी बढ़ावा दे रही है. ऐतिहासिक रूप से उपेक्षित रहे इन इलाकों में ऑल-वेदर रोड, ब्रिज, टेलीकम्युनिकेशन और नागरिक सुविधाएं जैसे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जा रहा है.

बेहतर कनेक्टिविटी से भविष्य में कंट्रोल्ड बॉर्डर ट्रेड, लोगों के बीच आपसी संपर्क और लोकल इकोनॉमिक आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खुल रहे हैं.

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यह क्षेत्र सांस्कृतिक रूप से भी बेहद अहम है, जिसमें बौद्ध धर्म के पवित्र तीर्थ स्थल शामिल हैं, जैसे कि ऐतिहासिक 'त्सारी तीर्थ यात्रा सर्किट', जो सीमा के दोनों ओर रहने वाले समुदायों के लिए पवित्र है. सूत्रों ने कहा कि दीर्घकालिक स्थिरता से सीमा-पार तीर्थ यात्रा की सुविधा मिल सकती है.

वहीं सीमावर्ती इलाकों में सशस्त्र बलों की मौजूदगी से हेल्थकेयर कैंप, इमरजेंसी इवैक्यूएशन, स्कूल निर्माण और रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं, जिससे रिमोट ट्राइबल कम्युनिटीज को नेशनल मेनस्ट्रीम से जोड़ने में बड़ी मदद मिल रही है.

इस बीच, ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने पहली बार सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया कि अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में जुलाई से चीनी पीएलए सैनिकों के साथ आमने-सामने की स्थिति बनी हुई है. उन्होंने राजस्थान के अलवर में बताया कि असफिला जैसे इलाकों में चीनी सैनिकों ने भारत की समझ वाली एलएसी से महज छह-सात किलोमीटर दूर तंबू लगा रखे हैं.

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