इजरायल को एक-एक टन के 40 हजार बम देगा अमेरिका, क्या ईरान से नई जंग की हो रही तैयारी?

ट्रंप प्रशासन ने इजरायल को एक टन के 40 हजार के बम देने का पैकेज मंजूर किया है. इसमें MK-84, BLU-117 और I-2000 बंकर बस्टर बम शामिल हैं. ये ईरान के ठिकानों पर हमले के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं.

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अमेरिकी एयरफोर्स के सार्जेंट डस्टिन मैलॉक्स वेपन लोड करने के बाद बम की चेकिंग करते हुए. (Photo: US Air Force) अमेरिकी एयरफोर्स के सार्जेंट डस्टिन मैलॉक्स वेपन लोड करने के बाद बम की चेकिंग करते हुए. (Photo: US Air Force)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 16 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:51 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने इजरायल को एक बड़ा हथियार पैकेज मंजूर किया है. इसकी कीमत करीब 2.8 अरब डॉलर है. इस पैकेज में एक टन वजन वाले 40 हजार बम शामिल हैं. ये बम खास तौर पर भारी नुकसान पहुंचाने वाले हैं. इजरायली जेट विमानों ने हाल ही में ईरान के ऊपर हमले की रिहर्सल भी की है. यह पैकेज फरवरी में दिए गए 35 हजार बमों वाले सौदे के बाद आया है. 

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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करके इसे कांग्रेस से आगे बढ़ा सकते हैं. इसे रोकने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत चाहिए. इस पैकेज में तीन तरह के बम हैं. 20 हजार MK-84 बम, 20 हजार BLU-117 बम और 20 हजार I-2000 पेनेट्रटर वॉरहेड. MK-84 और BLU-117 दोनों करीब दो हजार पाउंड यानी लगभग एक टन वजन के हैं. ये सामान्य उद्देश्य वाले बम हैं. 

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I-2000 बंकर बस्टर है जो चट्टान और कंक्रीट को चीरकर अंदर जाकर फटता है. विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में बंकर बस्टर बम गाजा जैसे इलाकों के लिए नहीं बल्कि मिसाइल बेस, सुरंगों के मुंह और दबे हुए लॉन्चर जैसे ठिकानों के लिए होते हैं.

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MK-84 बम की खासियत

MK-84 बम अमेरिका का पुराना और काफी इस्तेमाल होने वाला दो हजार पाउंड का जनरल पर्पस बम है. इसका वजन करीब 900 से 945 किलोग्राम होता है. लंबाई करीब 3.84 मीटर और व्यास 46 सेंटीमीटर है. इसमें करीब 429 किलोग्राम ट्रिटोनल या इसी तरह का विस्फोटक भरा होता है. 

 

यह बम जमीन पर गिरने पर 15 मीटर चौड़ा और 11 मीटर गहरा गड्ढा बना सकता है. यह 3.4 मीटर तक कंक्रीट या 38 सेंटीमीटर धातु को भेद सकता है. इसके टुकड़े 120 मीटर तक घातक असर डाल सकते हैं. इसे बिना गाइडेंस के भी गिराया जा सकता है. गाइडेंस किट लगाकर स्मार्ट बम भी बनाया जा सकता है.

BLU-117 बम क्या है

BLU-117 बम लगभग MK-84 जैसा ही है. इसका भी वजन 1000 किलोग्राम के आसपास है. अंतर यह है कि इसमें ज्यादा सुरक्षित विस्फोटक पीबीएक्सएन-109 भरा जाता है जो गर्मी से कम प्रभावित होता है. 

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यह जहाजों पर रखने के लिए ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. वजन, आकार और असर MK-84 के जैसा होता है. यह भी इमारतों, रेल यार्ड और संचार लाइनों जैसे ठिकानों पर बड़ा विस्फोट और टुकड़ों का नुकसान पहुंचाता है.

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I-2000 बंकर बस्टर... कंक्रीट की मोटी दीवार भी छेद देता है 

I-2000 पेनेट्रटर वॉरहेड बंकर बस्टर किस्म का है. इसे बीएलयू-109 या इम्प्रूव्ड 2000 भी कहा जाता है. इसका वजन करीब 885 किलोग्राम होता है. लंबाई लगभग 2.5 मीटर और व्यास 37 सेंटीमीटर के आसपास है. इसमें करीब 108 से 243 किलोग्राम विस्फोटक होता है. 

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इसकी खासियत मोटी और मजबूत स्टील की बॉडी है जो चट्टान, मिट्टी या कंक्रीट को चीरकर अंदर जाती है. फिर फटता है. यह 1.8 से 2.4 मीटर या उससे ज्यादा मजबूत कंक्रीट को भेद सकती है. ऐसे बम सुरंगों, भूमिगत ठिकानों और मजबूत बंकरों के लिए बनाए जाते हैं.

राजनीतिक समय और दोनों नेताओं की मजबूरी

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू चुनाव से करीब 42 दिन दूर हैं. अगले हफ्ते वे संयुक्त राष्ट्र में भाषण देंगे. ट्रंप नवंबर 3 तक शांति चाहते हैं. नेतन्याहू को अक्टूबर 27 से पहले कुछ बड़ा करने की जरूरत लग सकती है. 

अमेरिका ने अपने सहयोगी को इतने बम दे दिए हैं कि वह दोनों के लिए फैसला खुद कर सकता है. यह पैकेज दिखाता है कि अमेरिका इजरायल को सैन्य रूप से और मजबूत बना रहा है. साथ ही यह सवाल भी खड़ा करता है कि हमले का समय अब कौन तय करेगा.

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यह सौदा विदेशी सैन्य फंडिंग के जरिए हो रहा है जिसमें अमेरिकी टैक्सपेयर का पैसा इजरायल को हथियार खरीदने के लिए दिया जाता है. इससे इजरायल के पास भारी मात्रा में विनाशकारी बम आ जाएंगे जो ईरान जैसे लक्ष्यों पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं. विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि ऐसे बड़े बम घनी आबादी वाले इलाकों में भारी नागरिक नुकसान पहुंचा सकते हैं. कुल मिलाकर यह पैकेज मध्य पूर्व में तनाव बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है.

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