लेबनान
लेबनान (Lebanon), पश्चिमी एशिया का एक देश है (Country of Western Asia). यह उत्तर और पूर्व में सीरिया और दक्षिण में इजराइल के बीच स्थित है, जबकि साइप्रस भूमध्य सागर के पार पश्चिम में स्थित है. भौगोलिक स्थिति ने देश के धार्मिक विविधता की सांस्कृतिक पहचान को आकार दिया है. यह मिडिल ईस्ट के लेवेंट क्षेत्र का हिस्सा है (Lebanon Geographical Location). लेबनान की आबादी लगभग 6 मिलियन है (Lebanon Population). इसका क्षेत्रफल 10,452 वर्ग किलोमीटर है (Lebanon Area). यह महाद्वीपीय एशिया का दूसरा सबसे छोटा देश है. राज्य की आधिकारिक भाषा अरबी है, जबकि फ्रेंच को भी औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त है (Lebanon Languages).
लेबनान में 18 राज्य-मान्यता प्राप्त धार्मिक संप्रदाय हैं - 4 मुस्लिम, 12 ईसाई, 1 ड्रूज और 1 यहूदी (Lebanon Religions).
लेबनान एक विकासशील देश है, जो मानव विकास सूचकांक में 112वें स्थान पर है. इसे उच्च मध्यम आय वाला राज्य है (Lebanon Human Development Index).
पर्यटन, उद्योग का सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 10 फीसदी हिस्सा है. 2008 में लेबनान में लगभग 1,333,000 पर्यटकों आगमन हुआ था. पर्यन के हिसाब से इसे 191 देशों में से 79वें स्थान पर रखा गया है. सऊदी अरब, जॉर्डन और जापान, लेबनान में विदेशी पर्यटकों के तीन सबसे लोकप्रिय मूल देश हैं. जापानी पर्यटकों की संख्या बढ़ी है जिसके कारण लेबनान में जापानी व्यंजनों की लोकप्रियता में भी वृद्धि हुई है (Lebanon Torism).
लेबनानी व्यंजन पूर्वी भूमध्य सागर के कई देशों जैसे सीरिया, तुर्की, ग्रीस और साइप्रस के समान हैं. लेबनान के राष्ट्रीय व्यंजन किब्बे हैं, जो एक नॉनवेज पाई होता है. साथ ही तबबौलेह एक सलाद है जो अजमोद, टमाटर और बरहुल गेहूं से बना होता है (Lebanon Cuisine).
इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हवाई हमले किए. जिसके बाद आग और धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया. ये हमले तब हुए जब इजरायल ने लेबनान के हिज़्बुल्लाह पर अपने इलाके में दो विस्फोटक ड्रोन दागने का आरोप लगाया था. देखें दुनिया आजतक.
अल-मनार टीवी से बातचीत में मेजर जनरल रेजाई ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही ईरान और ओमान मिलकर संभाल रहे हैं. उन्होंने साफ किया कि आगे की पूरी व्यवस्था अमेरिका के रवैये, ईरान की शर्तों और पश्चिम एशिया के युद्ध मोर्चों पर होने वाले कदमों से तय होगी.
रोम में शांति वार्ता के बीच इजरायल-लेबनान में तनाव बढ़ गया है. दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले से भारी तबाही मची है, जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई. जवाबी हमले में 2 इजरायली सैनिक भी ढेर हुए. युद्धविराम के बावजूद सीमा पर झड़पें थम नहीं रहीं. देखें दुनिया आजतक.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बावजूद 26 जुलाई को लगातार दूसरे दिन कोई हमला नहीं हुआ, जिससे हालात कुछ शांत नजर आए। दोनों देशों ने हमले रोक रखे हैं और अंतरिम सीजफायर बहाल करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं।
अमेरिका और ईरान ने आपसी सैन्य हमलों को लगातार दूसरे दिन रविवार को भी रोके रखा है, जिससे दोनों देश एक बार फिर अंतरिम युद्धविराम समझौते की वार्ता की मेज पर लौटते दिख रहे हैं. वहीं, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जिहाद का आह्वान किया है.
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने हिज्बुल्लाह के समर्थन में बड़ा बयान देते हुए कहा कि संगठन की रक्षा करना ईरान की रणनीतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लेबनान के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई को बिना शर्त खत्म करने की मांग की.
ट्रंप के ईरान पर प्रहार से इजरायल दूरी क्यों बना रहा है? क्या वह चुपके से दक्षिण लेबनान में सीक्रेट री-डिप्लॉयमेंट प्लान पर काम कर रहा है? अगर यह हुआ तो ईरानी प्रॉक्सी की कमर तोड़ सकती है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को फोन पर कहा है कि वो सीरिया और लेबनान से अपनी सेनाओं को वापस बुला लें. ट्रंप का मानना है कि इजरायली सेना की मौजूदगी से क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है. जबकि इजरायल सरकार ने सुरक्षा कारणों से इन क्षेत्रों में अपनी सेना की मौजूदगी जरूरी बताई है.
दक्षिणी लेबनान में इजरायल ने हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर बड़ा हमला किया है. इजरायली सेना (IDF) के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान उस इमारत को निशाना बनाया गया जहां हिज्बुल्लाह एंटी-टैंक मिसाइलें रखे हुए था. सेना का दावा है कि यह ठिकाना इजरायल के खिलाफ हमलों की तैयारी में इस्तेमाल किया जा रहा था. इजरायल का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए हिज्बुल्लाह के सैन्य ढांचे को लगातार निशाना बना रहा है.
US Iran War News Live Updates: होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका ने ईरान पर नए हमले किए. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे जहाजों पर हुए हमलों का जवाब बताया. इसके जवाब में ईरान ने भी कतर, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य बेस पर हमले किए. पढ़िए अमेरिका-ईरान जंग और मिडिल ईस्ट से जुड़ी हर बड़ी लाइव अपडेट.
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने मंलगवार को दक्षिणी लेबनान का दौरा किया. हिजबुल्लाह का खतरा खत्म होने तक दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना के बने रहने का ऐलान किया. इजरायली सैनिकों से बात करते हुए नेतन्याहू ने लेबनान से ईरान और हिजबुल्लाह को बाहर करने की बात कही है.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान बॉर्डर का दौरा कर सैनिकों से मुलाकात की और ईरान समेत हिजबुल्लाह को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि जब तक यहां खतरा रहेगा, इजरायली सेना लेबनान से पीछे नहीं हटेगी.
दक्षिणी सीरिया में इजरायली सैनिकों और स्थानीय लोगों को बीच बवाल छिड़ा हुआ है. रविवार को स्थानीय लोगों ने सेना के वाहनों को रोकने के लिए विरोध किया और इजरायली सेना को पीछे धकलने के लिए लोगों ने पत्थरबाजी भी की.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को सुझाव दिया है कि लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई सीरिया को करने दी जाए. ट्रंप का मानना है कि सीरिया की नई सरकार इस मोर्चे पर ज्यादा प्रभावी साबित हो सकती है. हालांकि सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने किसी भी सैन्य हस्तक्षेप से इनकार किया है.
ईरान ने अमेरिका के साथ हुए समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 30 दिनों के दोबारा खोलने का दावा किया है. हालांकि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज का प्रबंधन पूरी तरह से ईरान के नियंत्रण में होगा. इसके साथ ही किसी बाहरी हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी.
इजरायल और लेबनान दोनों देशों में समझौता हो गया है. कई दिनों तक चली बातचीत के बाद शुक्रवार को वाशिंगटन में बात बन गई है. दोनों देशों ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए है. इसे इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच शांति की दिशा में पहला कदम बताया जा रहा है. यह एक त्रिपक्षीय समझौता है, जिसमें अमेरिका की भी भूमिका रहेगी.
अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की मदद से लेबनान को तत्काल 10 करोड़ डॉलर की मानवीय सहायता अमेरिका देगा. तीन करोड़ डॉलर से अधिक की सहायता लेबनानी सशस्त्र बलों को मजबूत करने और पूरे देश में सरकारी नियंत्रण स्थापित करने के लिए दी जाएगी.
लेबनान में नई जंग की आशंका बढ़ गई है. इजरायल कह रहा है कि हिज्बुल्लाह हथियार नहीं छोड़ेगा तो हम लेबनान से नहीं हटेंगे. ईरान का कहना है कि इजरायल पहले हटे और लड़ाई बंद करे.
लेबनान मुद्दे पर ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बातचीत तब तक आगे नहीं बढ़ेगी जब तक लेबनान के मुद्दे पर कोई समाधान नहीं निकलता. पहली बातचीत के दौर में ईरान ने अचानक बैठक छोड़ दी थी. यह संकेत देता है कि ईरान इस मुद्दे पर अपनी सख्ती बनाए हुए है.
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई पहले दौर की वार्ता तनावपूर्ण रहा. लेबनान में जारी तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी की वजह से बात बिगड़ते हुए नजर आई. ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने ट्रंप के बयान के विरोध में थोड़े देर के लिए बैठक छोड़ दी थी, लेकिन बाद में बातचीत जारी रखने की इच्छा भी जाहिर की.
स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अहम वार्ता में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन मतभेद भी खुलकर सामने आए. क्षेत्रीय सुरक्षा, प्रतिबंधों और संघर्ष से जुड़े विषयों पर दोनों पक्षों के अलग-अलग रुख ने बातचीत को चुनौतीपूर्ण बना दिया. इसके बावजूद संवाद जारी रखने की सहमति बनी हुई है. इस बैठक पर दुनिया की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसके नतीजे क्षेत्रीय और वैश्विक हालात को प्रभावित कर सकते हैं.