श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्र बन गए हैं. वे राम मंदिर के प्रशासनिक, वित्तीय और कानूनी प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे. यह फैसला चढ़ावे की चोरी के विवाद के बाद ट्रस्ट को पेशेवर और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. ट्रस्ट को सीईओ पद के लिए 5500 से अधिक आवेदन मिले थे. तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने जांच के बाद तीन नामों का पैनल सौंपा था, जिसमें से मिश्र का चयन हुआ है.
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र का शानदार करियर
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी हैं. उन्होंने 1 जनवरी 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (एओसी-इन-सी) के रूप में कार्य किया. उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की भाटपार रानी थाना क्षेत्र के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं.
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महत्वपूर्ण पद
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उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया गया है. हाल ही में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) के दौरान वेस्टर्न एयर कमांड प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में विस्तार से बात की थी. उन्होंने एस-400 सिस्टम से पाकिस्तानी एडब्ल्यूएसीएस को 314 किलोमीटर की दूरी पर मार गिराने की मंजूरी देने का जिक्र किया था.
सीईओ की जिम्मेदारियां
राम मंदिर के सीईओ के रूप में जितेंद्र मिश्र मंदिर के दैनिक प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और कानूनी मामलों की देखरेख करेंगे. ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि सीईओ ट्रस्ट के अधीन काम करेंगे. भक्तों का विश्वास बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी. एयर मार्शल मिश्र का सैन्य अनुशासन और प्रशासनिक अनुभव ट्रस्ट के कामकाज को मजबूत करने में मददगार साबित होगा.
ऋचीक मिश्रा