भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को कहा कि दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब हैं. रुबियो ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही. वह मंगलवार को मुंबई पहुंचेंगे, जहां विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे. इसके बाद वह जामनगर भी जाएंगे, जहां दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक मौजूद है.
मार्को रुबियो ने कहा, "हम इस समय भारत के साथ ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं. हम इसे फाइनल करने के बहुत करीब हैं." उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसले लेते समय कई पहलुओं पर विचार करना पड़ता है. इनमें वैश्विक ऊर्जा सप्लाई, कीमतें और अलग-अलग देशों की जरूरतें शामिल हैं.
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मार्को रुबियो ने कहा कि कुछ देशों के लिए ऊर्जा के दूसरे स्रोतों की तरफ तुरंत जाना आसान नहीं है. उन्होंने भारत को अमेरिका का अहम सहयोगी और साझेदार बताते हुए कहा कि विदेश नीति से जुड़े फैसलों में इन सभी पहलुओं के बीच संतुलन बनाना जरूरी है.
रूस से तेल खरीद पर टैरिफ रोकने के फैसले का जिक्र
रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर प्रस्तावित टैरिफ से जुड़े प्रावधानों को फिलहाल रोक दिया है. लिंडसे ग्राहम कानून के तहत रूस से कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले पांच बड़े आयातक देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का प्रावधान था. इनमें भारत और चीन भी शामिल हैं.
रुबियो ने कहा कि रूस पर प्रतिबंधों के साथ दूसरे देशों पर टैरिफ लगाने का असर भी समझना जरूरी है. उन्होंने बताया कि ट्रंप ने 60 दिन की अवधि में इन फैसलों के वैश्विक और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर का आकलन करने का फैसला किया है.
भारत की ऊर्जा जरूरतों का भी रखा ध्यान
रुबियो ने कहा कि भारत ने अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश की है, लेकिन वह अब भी रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदता है. एक दिन में ऊर्जा सप्लाई के स्रोत बदलना आसान नहीं होता. उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का अहम सहयोगी है, इसलिए टैरिफ और प्रतिबंधों पर फैसला लेने से पहले इन परिस्थितियों को समझना जरूरी है.
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उन्होंने सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव, होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी चुनौतियों और रूस-यूक्रेन युद्ध में ऊर्जा ठिकानों पर हो रहे हमलों का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, इन घटनाओं का असर वैश्विक ऊर्जा सप्लाई और कीमतों पर पड़ रहा है.
भारत दौरे पर ऊर्जा सहयोग पर भी होगी चर्चा
भारत दौरे के दौरान रुबियो वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. बातचीत में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, क्षेत्रीय और वैश्विक हालात पर विचार साझा करने और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा होगी.
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