भारतीय शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी बीते कारोबारी दिन तेज शुरुआत के बाद अचानक क्रैश (Stock Market Crash) हो गए थे. ये गिरावट गुरुवार को भी देखने को मिल सकती है. ऐसे संकेत एशियाई शेयर बाजारों से मिल रहे हैं. जापान, हांगकांग से लेकर साउथ कोरिया तक के शेयर मार्केट भारी गिरावट में ट्रेड कर रहे हैं, तो वहीं Sensex-Nifty के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाला गिफ्टी निफ्टी भी फिसल गया है. इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल को लेकर आ रहे एक्सपर्ट्स के अनुमानों ने बाजार का सेंटीमेंट खराब करने में बड़ा रोल निभाया है.
कल अचानक क्रैश हुआ था शेयर बाजार
बीता कारोबारी दिन बुधवार शेयर मार्केट निवेशकों के लिए बेहद खराब और हैरान करने वाला साबित हुआ था. दरअसल, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए नजर आए थे. बीएसई का सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा, तो एनएसई का निफ्टी 200 अंक के आसपास उछल गया था. लेकिन ऊपरी स्तर पर हुई मुनाफा वसूली ने अचानक इनकी रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया और देखते ही देखते BSE Sensex दिन के हाई लेवल से 1400 अंक फिसल गया.
हालांकि, शेयर मार्केट में कारोबार खत्म होने पर 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 143 अंक की गिरावट लेकर 73,709 पर क्लोज हुआ, तो वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी इंडेक्स 77 अंक फिसलकर 22,811 पर बंद हुआ. शेयर बाजार के भूचाल के बीच Eternal Share, Bajaj Finance Share, Trent Share, Maruti Share, Axis Bank Share, NTPC Share, Bajaj Finserv Share, BEL Share, IndiGo Share, M&M Share और HDFC Bank Share तक बुरी तरह टूटे थे.
आज गिरावट जारी रहने के संकेत
बुधवार को आए भूचाल का असर गुरुवार को भी शेयर मार्केट पर दिखता नजर आ रहा है. दरअसल, एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम मचा हुआ है, जापान का निक्केई इंडेक्स खबर लिखे जाने तक करीब 1000 अंक तक टूटकर कारोबार कर रहा था. तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 600 अंक के आसपास फिसल गया था. साउथ कोरिया के कोस्पी इंडेक्स की बात करें, तो ये इंडेक्स भी करीब 3 फीसदी की गिरावट में नजर आया.
सिर्फ इतना ही नहीं भारतीय शेयर बाजार के लिए गिरावट का संकेत गिफ्ट निफ्टी भी दे रहा है और इसमें गिरावट इशारा कर रही है कि कुछ बड़ा होने वाला है. Gift Nifty भी इस दौरान 100 अंक से ज्यादा गिरकर कारोबार कर रहा था.
कच्चा तेल बिगाड़ रहा खेल
शेयर बाजारों का सेंटीमेंट बिगाड़ने में सबसे बड़ा रोल मिडिल ईस्ट टेंशन और कच्चे तेल की कीमतों में जारी उछाल का है. दरअसल, ब्रेंट क्रूड अंतरराष्ट्रीय बाजार में 110 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है और तमाम एक्सपर्ट इसके 140 डॉलर के पार पहुंचने का अनुमान लगा रहे हैं. इसके अलावा अमेरिका और ईरान में एक बार फिर से जंग बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, जो ग्लोबल मार्केट में उथल-पुथल मचाने वाले साबित हो सकते हैं.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क