दिवाली का त्योहार हो और घर में मां लक्ष्मी की पूजा की तैयारी न हो, ऐसा कैसे हो सकता है. इस दिन पूजा के लिए फूलों से लेकर मिठाइयों तक, हर चीज का खास इंतजाम किया जाता है. मां लक्ष्मी को कमल का फूल बेहद प्रिय माना जाता है, इसलिए पूजा में इसे जरूर रखा जाता है. लेकिन त्योहार के समय ताजे कमल के फूल खरीदने के लिए बाजार के चक्कर लगाने पड़ते हैं. इसकी बढ़ती मांग के कारण इसकी कीमत भी काफी बढ़ जाती है. आप भी दिवाली के समय कमल के लिए परेशान होते हैं? अगर हां, तो क्यों न इस बार अपने घर के गार्डन, आंगन या छत पर ही कमल उगाया जाए?
जी हां, कमल उगाने के लिए आपको किसी बड़े तालाब या खास जगह की जरूरत नहीं होगी. घर में एक बड़ा टब या गमला रखकर भी इसे उगाया जा सकता है. बस पौधे को लगाने का सही तरीका और उसकी देखभाल से जुड़ी कुछ जरूरी बातें पता होनी चाहिए. आज हम आपको कमल उगाने का वो तरीका बताने वाले हैं, जो खुद माली भइया ने बताया है. इस तरीके और टिप्स को अपनाकर घर पर भी कमल का पौधा तैयार किया जा सकता है. आइए जानते हैं इसे लगाने का आसान तरीका.
बीज नहीं, कमल का कंद लगाने से होगी आसानी
अगर आप पहली बार घर पर कमल उगाने जा रहे हैं, तो बीज के बजाय उसे हेल्दी कंद से लगाना ज्यादा अच्छा रहता है. कमल के बीज का बाहरी छिलका काफी सख्त होता है, जिसकी वजह से उन्हें अंकुरित करने में समय लग सकता है. इसके लिए सही तरीका पता होना भी जरूरी है.
वहीं, अच्छा और हेल्दी कंद लगाने पर बीज को अंकुरित करने वाले शुरुआती प्रोसेस से बचा जा सकता है. कंद खरीदते समय ध्यान रखें कि वो सड़ा हुआ या खराब न हो. उसे सावधानी से संभालें, क्योंकि कंद का बढ़ने वाला सिरा टूटने पर पौधे की ग्रोथ पर असर पड़ सकता है.
कमल उगाने के लिए ऐसा चुनें गमला
कमल का पौधा, बाकी पेड़-पौधों की तरह नहीं उगाया जाता. इसके लिए चौड़ा और गहरा टब या ऐसा बड़ा गमला चुनें, जिसमें खूब सारा पानी भरा रह सकें. सबसे जरूरी बात ये है कि गमले के निचले हिस्से में पानी निकलने के लिए छेद नहीं होना चाहिए. इससे पौधे की जड़ों के आसपास पानी बना रहेगा.
गमला ऐसी जगह रखें, जहां पौधे को रोजाना कम से कम 6 घंटे सीधी धूप मिल सके. धूप कम मिलने पर पौधे की ग्रोथ नहीं होती है, जिसकी वजह से फूल कम खिल सकते हैं. इसलिए छत, आंगन या घर का धूप वाला हिस्सा इसके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है.
मिट्टी तैयार करने का सही तरीका जान लें
कमल को उगाने के लिए ऐसी मिट्टी चाहिए, जो पानी में आसानी से बहकर अलग न हो जाए. इसके लिए भारी और चिकनी मिट्टी का इस्तेमाल किया जा सकता है. माली के मुताबिक, मिट्टी तैयार करने के लिए मिट्टी और वर्मी कंपोस्ट को बराबर मात्रा में मिलाया जा सकता है.
अब इस मिश्रण को गमले या टब में भरें और कंद को सावधानी से मिट्टी में लगाएं. ध्यान रखें कि कंद को बहुत जोर से न दबाएं और उसका बढ़ने वाला सिरा सुरक्षित रहे. इसके बाद गमले में धीरे-धीरे पानी भरें, ताकि मिट्टी अपनी जगह पर बनी रहे और कंद को नुकसान न पहुंचे.
पौधे में फूल खिलाने के लिए ऐसे दें खाद
कमल के पौधे को बढ़ने और फूल खिलाने के लिए पोषक तत्वों की जरूरत होती है. इसके लिए खाद दी जा सकती है, लेकिन इसे सीधे पानी में डालने से बचना चाहिए. माली के बताए तरीके के अनुसार, खाद को कपड़े में लपेटकर मिट्टी की सतह से करीब एक-दो इंच नीचे दबाया जा सकता है. इससे खाद धीरे-धीरे मिट्टी में घुलेगी.
हालांकि, खाद की मात्रा पौधा कितना पुराना है, इस्तेमाल की जा रही खाद और मौसम के हिसाब से तय करनी चाहिए. जरूरत से ज्यादा खाद डालने से पानी की क्वालिटी बिगड़ सकती है और पौधे को नुकसान पहुंच सकता है.
सर्दियों में कमल के पौधे का कैसे रखें ध्यान?
अक्टूबर के बाद टेंपरेचर में गिरावट आने लगती है. ऐसे में कमल के पौधे की बढ़त धीमी हो सकती है. इस दौरान बार-बार खाद डालने की जरूरत नहीं होती. पौधे की कंडीशन और मौसम को देखकर ही खाद दें.
साथ ही, गमले में सड़ने वाली पत्तियां या दूसरे पौधों का कचरा जमा न होने दें. इससे पानी गंदा हो सकता है और पौधे की सेहत पर असर पड़ सकता है.
पत्तियों पर दिखें धब्बे तो तुरंत करें ये काम
अगर कमल की पत्तियों पर धब्बे दिखाई देने लगें या कोई पत्ती सड़ने लगे, तो उसे हटा दें. गमले में गिरी हुई पत्तियों और दूसरे कचरे को भी समय-समय पर साफ करते रहें. इससे पानी को साफ रखने में मदद मिलेगी.
पानी को बिना जरूरत बार-बार पूरी तरह बदलने के बजाय उसकी कंडीशन पर नजर रखें. अगर पानी बहुत गंदा हो गया है, तो उसे ध्यान रखते हुए साफ करें और याद रखें कि कंद अपनी जगह से न हिले. रुके हुए पानी में मच्छर पनपने का खतरा भी रहता है, इसलिए इसकी देखभाल करना जरूरी है.