भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में सड़कों पर उतरे युवा... कैंडल मार्च निकाला, हत्या का केस दर्ज करने की उठाई मांग

बिहार के आरा में भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर विरोध-प्रदर्शन हो रहा है. इसी को लेकर युवा सड़कों पर उतरे और कैंडल मार्च निकाला. युवाओं ने 'भरत तिवारी अमर रहें' के नारे लगाए. और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. इसी के साथ एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग उठाई.

Advertisement
पुलिस-प्रशासन के खिलाफ युवाओं ने की नारेबाजी. (Photo: Screengrab) पुलिस-प्रशासन के खिलाफ युवाओं ने की नारेबाजी. (Photo: Screengrab)

सोनू कुमार सिंह

  • आरा,
  • 21 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:48 PM IST

Bihar News: भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बेलौटी गांव में बुधवार 17 जून को भरत तिवारी नाम के युवक का एनकाउंटर कर दिया गया. अब यह मामला लगातार तूल पकड़ रहा है. इस मामले को लेकर लोगों में आक्रोश बना हुआ है. जहां एक ओर पुलिस इस कार्रवाई को मुठभेड़ बता रही है, वहीं दूसरी ओर परिजन और स्थानीय लोग इसे फर्जी एनकाउंटर बोल रहे हैं. इसी को लेकर शहर में युवाओं ने कैंडल मार्च निकाला और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन की मांग उठाई.

Advertisement

यहां देखें Video

आरा के युवा नेता मोनू के नेतृत्व में कतीरा से लेकर जेपी स्मारक तक विशाल कैंडल मार्च और न्याय मार्च निकाला गया. इस मार्च में शामिल युवा हाथों में मोमबत्तियां लेकर चल रहे थे और 'भरत तिवारी अमर रहें' के नारे लगा रहे थे. न्याय की मांग वाले पोस्टर लेकर बड़ी संख्या में युवाओं ने मार्च में हिस्सा लिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भरत तिवारी की मौत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. इस मामले में शामिल आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर कार्रवाई की जाए. युवाओं ने यह भी कहा कि भरत तिवारी व्यवस्था की कथित ज्यादती का शिकार हुए हैं.

जेपी स्मारक पहुंचकर युवाओं ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी. इसी के साथ चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को और बड़े तरीके से किया जाएगा. फिलहाल बेलौटी गांव और आसपास का इलाका राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: भरत तिवारी की कहानी... जिसे मानसिक विक्षिप्त बताया, उसी का एनकाउंटर, अब होगी न्यायिक जांच

हर गुजरते दिन के साथ यह मामला संवेदनशील होता जा रहा है. अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन का अगला कदम क्या होता है. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे युवा नेता सह समाजसेवी मोनू सिंह ने कहा कि भरत तिवारी की मौत की निष्पक्ष तरीके से जांच कराई जाए. भरत आम लोगों के लिए सिस्टम से लड़ रहे थे. वे ज्यादती के शिकार हुए हैं.

बता दें कि भरत तिवारी के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें हाथों में हथियार लिए पुलिस के सामने नजर आए थे. परिजनों का कहना है कि भरत ने पुलिस के सामने हथियार फेंककर सरेंडर कर दिया था. इसके बाद भी पुलिस वालों ने उसे गोली मार दी. भरत अपने इलाके के बाढ़ पीड़ितों की आवाज उठा रहा था. बीएससी करने के बाद वो नौकरी की तैयारी कर रहा था. इसी बीच वह समाजसेवा से जुड़ गया था.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »