भोजपुर
भोजपुर (Bhojpur) भारत के बिहार राज्य (Bihar) का एक जिला है. आरा शहर इस जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. भोजपुर जिला 1972 में अस्तित्व में आया. पहले यह शाहाबाद जिले का हिस्सा था. इस जिले का क्षेत्रफल 2,395 वर्ग किलोमीटर है (Bhojpur Area) और यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 1,100 लोग रहते हैं (Bhojpur Density). इस जिले की 72.79 फीसदी जनसंख्या साक्षर है.
साल 1972 में शाहाबाद जिले को दो भागों भोजपुर और रोहतास में विभाजित किया गया था. बक्सर उस समय पुराने भोजपुर जिले का एक अनुमंडल था. 1992 में, बक्सर एक अलग जिला बन गया और शेष भोजपुर. इस जिले में अब तीन उप-मंडल हैं- आरा सदर, जगदीशपुर और पिरो. भोजपुर पटना डिवीजन के तहत आता है (Bhojpur District Formation).
महान परमार राजा भोज के नाम पर इस जिले का नाम भोजपुर रखा गया है क्योंकि सबसे शुरुआती बसने वाले परमार वंश के राजपूत शासक थे जिन्हें तब उज्जैनिया कहा जाता था (Bhojpur History).
भोजपुर में बाढ़ और कटाव से विस्थापित परिवारों के बीच भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव पहुंचे. शाहपुर के दामोदरपुर बांध पर उन्होंने करीब 200 पैकेट राहत सामग्री बांटी और पीड़ितों की परेशानियां सुनीं. परिवारों की हालत देखकर वह भावुक नजर आए. खेसारी ने सरकार से मुआवजे और सुरक्षित आवास की मांग की और अपनी टीम को लगातार मदद पहुंचाने का निर्देश दिया.
भोजपुर में बाढ़ से घिरे परिवारों के बीच भोजपुरी अभिनेत्री और गायिका अक्षरा सिंह पहुंचीं. शाहपुर के दामोदरपुर बांध पर उन्होंने पीड़ितों को सूखा राशन, साड़ी, कपड़े और महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड समेत जरूरी सामान बांटा. अक्षरा ने लोगों की परेशानियां भी सुनीं. उन्होंने कहा कि वह बिहार की बेटी हैं और इस मुश्किल समय में अपने लोगों के साथ खड़ा रहना उनकी जिम्मेदारी है.
भोजपुर के शाहपुर में भोजपुरी अभिनेत्री और गायिका अक्षरा सिंह बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचीं. उन्होंने दामोदरपुर बांध पर सूखा राशन, साड़ी, कपड़े और सैनिटरी पैड समेत जरूरी सामान बांटा. अक्षरा ने लोगों की परेशानियां सुनीं और मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहने की बात कही. वीडियो में जानें ताज़ा बाढ़ के हालात.
बिहार के भोजपुर में 12 घंटे के भीतर दो अलग-अलग हत्याओं से सनसनी फैल गई। गड़हनी में सूखा नशे के कारोबार का विरोध करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद जफी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं रतनपुर में 19 वर्षीय धनजी यादव की गला घोंटकर हत्या हुई। पुलिस दोनों मामलों की जांच में जुटी है।
बिहार के भोजपुर में महज 12 घंटे के भीतर दो अलग-अलग हत्याओं से सनसनी फैल गई. चरपोखरी में 45 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद जफी की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई. वह सूखा नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे थे. वहीं मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय धनजी यादव की गला घोंटकर हत्या कर दी गई. दोनों घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की.
बीजेपी MLC और भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह 24 अगस्त को भरत तिवारी के घर पहुंचे। उन्होंने तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और करीब डेढ़ से दो घंटे तक परिवार से बातचीत की।
भोजपुर के बेलौटी गांव में सोमवार की रात एक भावुक मुलाकात हुई. सुबह करीब 3 बजे पवन सिंह अचानक भरत तिवारी के घर पहुंचे. श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने परिवार के साथ करीब दो घंटे बिताए. भरत की भतीजी ने उन्हें राखी बांधी. परिवार से बातचीत में पवन सिंह ने इंसाफ की लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिया और कहा, 'भरत तिवारी हम बनब'
भरत तिवारी के पक्ष से केस लड़ रहे अधिवक्ता के बयान के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि इस मामले में फिलहाल कोई नॉन बेलेवल वारंट जारी नहीं किया गया है. कोर्ट ने SP को अंतरिम रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं.
बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. अदालत ने सीसीटीवी फुटेज, सीडीआर, स्टेशन डायरी, वायरलेस लॉग, बॉडी कैमरा फुटेज और पोस्टमार्टम रिकॉर्ड समेत सभी अहम साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त 2026 को होगी.
भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में फेसबुक LIVE वीडियो डिलीट किए जाने के दावों पर नया मोड़ आ गया है. न्यायिक जांच आयोग ने कहा है कि उसे इस संबंध में अब तक कोई आवेदन या साक्ष्य नहीं मिला है. वहीं, भोजपुर पुलिस ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वीडियो डिलीट नहीं किए गए और डिजिटल डेटा पहले से सुरक्षित है.
भोजपुर की सरथुआ पंचायत के मुखिया राकेश सिंह ने अपनी बेटी के 5वें जन्मदिन पर 18 कट्ठा निजी जमीन महादलित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को दान करने की घोषणा की. उनकी इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है. स्थानीय लोगों ने इस पहल को सामाजिक संवेदनशीलता और जनसेवा का उदाहरण बताते हुए इसकी सराहना की है.
भोजपुर जिले की सरथुआ पंचायत के मुखिया राकेश सिंह ने अपनी पांच वर्षीय बेटी प्रिंसी राज के जन्मदिन पर 18 कट्ठा निजी जमीन महादलित और बेहद गरीब परिवारों को दान कर दी. उनका कहना है कि हर इंसान के लिए अपना घर सबसे बड़ी सुरक्षा है. इस पहल की पूरे इलाके में सराहना हो रही है.
भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित पुलिस एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच आयोग के समक्ष सोमवार को तीन अहम गवाहों ने बयान दर्ज कराए. भरत तिवारी की भाभी सुमन देवी, प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा करने वाले सत्यनारायण चौधरी और मंटू कमकर ने आयोग के सामने घटना से जुड़ा अपना पक्ष रखा. परिवार ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग दोहराई.
भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में गठित न्यायिक जांच आयोग के समक्ष शनिवार को मृतक के माता-पिता ने अपना पक्ष रखा. रिटायर जज विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता वाले आयोग के सामने मां ने घटना का प्रत्यक्ष विवरण दिया, जबकि पिता काशीनाथ तिवारी ने बताया कि घटना वाले दिन पुलिस उन्हें थाना ले गई और पूरी रात वहीं रखा. परिवार के वकील विष्णु धर पांडेय ने कहा कि जांच जारी है और जल्द अन्य गवाहों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे.
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में उनके भाई चंदन तिवारी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर न्याय की मांग की. उन्होंने कहा कि परिवार बिहार से निष्पक्ष जांच की उम्मीद लेकर दिल्ली आया है. चंदन तिवारी का आरोप है कि अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई और जांच आगे नहीं बढ़ रही है. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को बचाने की कोशिश का भी आरोप लगाया तथा दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की.
भोजपुर के भरत भूषण तिवारी मौत मामले में बिहार मानवाधिकार आयोग ने बिहार सरकार को मृतक के माता-पिता को अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया है. आयोग ने कहा कि यह राहत मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम की धारा 18(सी) के तहत दी गई है और इससे सरकार की कानूनी जिम्मेदारी तय नहीं होती. पोस्टमार्टम में गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई है. मामले की न्यायिक जांच जारी है और अगली सुनवाई 3 अगस्त 2026 को होगी.
बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि भरत तिवारी का पुलिस एनकाउंटर गलत था, लेकिन कुछ लोग इसे जातीय रंग देकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को घेरने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने एनकाउंटर में अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उधर, भरत तिवारी का परिवार संबंधित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी, गांव वालों पर दर्ज कथित फर्जी केस वापस लेने और सुरक्षा की मांग पर अड़ा है. मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जांच जारी है.
बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में 5 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. सभी आरोपी पुलिसवाले अपना काम पर जमे हैं. तिवारी परिवार ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पढ़ें इनसाइड स्टोरी.
भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में आरोपी बनाए गए तत्कालीन जगदीशपुर SDPO राजेश कुमार शर्मा को बिहार सरकार ने नई पोस्टिंग दे दी है. पहले बढ़ते विवाद के बीच उन्हें पुलिस मुख्यालय से अटैच किया गया था. अब उनकी तैनाती मद्य निषेध विभाग में की गई है. मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है, जबकि परिवार निष्पक्ष जांच की मांग पर कायम है.
बिहार के भोजपुर जिले में पिछले दिनों पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है. जिसमें इस बात की पुष्टि हुई है कि मरने वाले के शरीर पर कुल 5 गोलियों के निशान मिले हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी गोलियां शरीर के निचले हिस्से यानी जांघों और पैरों को निशाना बनाकर चलाई गई थीं.
भरत भूषण तिवारी मामले में न्याय की मांग अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गई है. बिलौटी गांव में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं ने 17 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया. आंदोलन के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा और प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा.