किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है. बजट 2025-26 में सरकार ने KCC के तहत मिलने वाले लोन की सीमा को ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने का ऐलान किया था. बढ़ती खेती की लागत के बीच लोन लिमिट में यह बढ़ोतरी किसानों के लिए राहत दे सकती है. KCC के जरिए किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन और मछली पालन जैसी गतिविधियों के लिए भी वित्तीय सहायता ले सकते हैं.
पहले किसान क्रेडिट कार्ड के तहत किसानों को अधिकतम ₹3 लाख तक का लोन मिल सकता था. बजट 2025-26 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस सीमा को बढ़ाकर ₹5 लाख करने की घोषणा की. बढ़ी हुई लिमिट का इस्तेमाल किसान खेती से जुड़े खर्चों के लिए कर सकते हैं. इसमें बीज, खाद और अन्य कृषि इनपुट खरीदने के अलावा कृषि मशीनरी, फसल भंडारण और दूसरे जरूरी खर्च शामिल हो सकते हैं. KCC का दायरा सिर्फ फसल उत्पादन तक सीमित नहीं है. पात्र किसान पशुपालन और मछली पालन जैसी गतिविधियों के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.
KCC पर कितना ब्याज लगता है?
किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर बैंक और लागू नियमों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है. उदाहरण के तौर पर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया KCC पर ब्याज दर 7.25% सालाना तक बताई गई है. पंजाब नेशनल बैंक में यह करीब 7% सालाना, एचडीएफसी बैंक में 9% सालाना और एक्सिस बैंक में करीब 7% से 13.10% सालाना तक हो सकती है. हालांकि, किसान को लोन लेने से पहले संबंधित बैंक से मौजूदा ब्याज दर, लागू शर्तों और अन्य शुल्क की जानकारी जरूर लेनी चाहिए.
समय पर लोन चुकाने पर मिल सकती है राहत
केसीसी के तहत पात्र किसानों को समय पर लोन चुकाने पर ब्याज में अतिरिक्त राहत मिल सकती है. सरकार की इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम (सरकार द्वारा लोन के इंटरेस्ट पर दी जाने वाली सब्सिडी) के तहत समय पर या तय अवधि से पहले भुगतान करने वाले किसानों को 3% तक की अतिरिक्त प्रोत्साहन छूट मिल सकती है. इससे पात्र किसानों के लिए प्रभावी ब्याज लागत कम हो सकती है.
KCC के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत?
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते समय आमतौर पर पहचान और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है. इनमें आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड और जमीन के दस्तावेज शामिल हो सकते हैं. अगर किसान पशुपालन या मछली पालन के लिए KCC लेना चाहता है, तो संबंधित गतिविधि से जुड़ी जानकारी या जरूरी दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं. दस्तावेजों की सटीक सूची बैंक और आवेदक की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है.
कौन ले सकता है KCC?
भूमि का मालिकाना हक रखने वाले पात्र किसान केसीसी के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा बटाई या लीज पर खेती करने वाले किसान भी पात्रता शर्तें पूरी होने पर इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं. किसान समूहों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़े कुछ पात्र आवेदक भी योजना के दायरे में आ सकते हैं. आवेदन करने से पहले संबंधित बैंक से अपनी पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की पुष्टि करना बेहतर है.
KCC के लिए कैसे करें आवेदन?
पात्र किसान सरकारी, ग्रामीण या कोऑपरेटिव बैंक की शाखा में जाकर किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन के लिए किसान ऋण पोर्टल या जन समर्थ पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है. कुछ बैंक अपनी वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए भी KCC आवेदन की सुविधा देते हैं. आवेदन जमा करने से पहले जमीन, पहचान और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखने से प्रक्रिया आसान हो सकती है.
किसानों के KCC लिए क्यों अहम?
किसानों को खेती से जुड़े खर्चों के लिए समय पर संस्थागत कर्ज उपलब्ध कराने का एक प्रमुख माध्यम किसान क्रेडिट कार्ड है. लोन लिमिट ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख किए जाने से पात्र किसानों के पास अब ज्यादा पूंजी उपलब्ध हो सकती है. इसका इस्तेमाल फसल उत्पादन के अलावा पशुपालन और मछली पालन जैसी आय बढ़ाने वाली गतिविधियों में भी किया जा सकता है. हालांकि, KCC लेने से पहले ब्याज दर, लोन की अवधि, भुगतान की शर्तें और बैंक की अन्य फीस को अच्छी तरह समझना जरूरी है.