यमन के हूती विद्रोहियों ने शुक्रवार को हमलों की एक नई लहर शुरू की. सऊदी और यमनी अधिकारियों के मुताबिक, हूतियों ने सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना की ओर एक ड्रोन भेजा. इसके अलावा, दक्षिणी यमन के अदन शहर में राष्ट्रपति भवन परिसर (माशीक पैलेस) और हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं.
हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने शुक्रवार को बताया कि उसने मदीना क्षेत्र के ऊपर एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया. मदीना में पैगंबर मोहम्मद की मस्जिद (मस्जिद-ए-नबवी) स्थित है, जो इस्लाम के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है. इससे पहले भी गठबंधन ने मक्का क्षेत्र में एक ड्रोन को रोकने की जानकारी दी थी.
हूतियों ने दागी मिसाइल
इस बीच, एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हूतियों ने दो मिसाइलों से अदन स्थित महल को निशाना बनाया. इस हमले से यमन में पहले से जारी तनाव और बढ़ गया है. यमन सरकार के एक सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि शुक्रवार को हूतियों ने अदन हवाई अड्डे और अल-माशीक राष्ट्रपति महल परिसर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मिसाइलें अपने लक्ष्य पर लगीं या नहीं. हमले में किसी के हताहत होने या अन्य किसी नुकसान की भी जानकारी नहीं दी गई है.
दो चश्मदीदों ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति महल परिसर में एम्बुलेंसों को जाते देखा. इस परिसर में कई इमारतें हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे कुछ समय पहले उन्होंने शहर में दो धमाकों की आवाज सुनी थी.
यह भी पढ़ें: आसिम मुनीर फिर ईरान पहुंचे, सऊदी पर हूती हमलों के बीच चार देशों की अहम मीटिंग
दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का मुख्य केंद्र है. साल 2014 में हूतियों ने इस सरकार को राजधानी सना से बाहर कर दिया था. इसके बाद जुलाई में लड़ाई फिर तेज होने के बाद अदन शहर लगातार हमलों का सामना कर रहा है.
शुक्रवार को हुए मिसाइल हमलों से पहले, बुधवार को अदन हवाई अड्डे पर भी हूतियों ने हमला किया था. इस हमले से पहले, समूह ने लोगों को वहां से हट जाने की चेतावनी दी थी. यह हवाई अड्डा दक्षिणी यमन में मानवीय सहायता कार्यों के लिए एक बहुत अहम प्रवेश द्वार है.
गौरतलब है, मक्का में 'ग्रैंड मस्जिद' (मस्जिद अल-हरम) और काबा स्थित हैं, जबकि मदीना में 'पैगंबर की मस्जिद' (मस्जिद-ए-नबवी) है. मुसलमानों के लिए इन दोनों शहरों का बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है और यहां लाखों की संख्या में तीर्थयात्री और आगंतुक आते हैं.
सऊदी अरब पहले भी हूतियों पर मक्का और मदीना के आसपास हमले करने की कोशिश करने का आरोप लगा चुका है. सितंबर में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया था कि उसने मक्का के दक्षिण में एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया. यह ड्रोन मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहा था. गठबंधन ने इसे मक्का को निशाना बनाने की हूतियों की दूसरी कोशिश बताया था.
यह भी पढ़ें: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच एअर इंडिया का बड़ा फैसला, सऊदी अरब जाने वाली सभी उड़ानें 14 नवंबर तक रद्द
हूतियों ने दावों को किया खारिज
हूतियों की ओर से बार-बार मक्का या मदीना को निशाना बनाए जाने के दावों को खारिज किया गया है. उनका कहना है कि उनके सैन्य अभियान सिर्फ सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए हैं.
शुक्रवार को भी हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने X पर पोस्ट करते हुए सऊदी अरब की ओर ड्रोन हमले के आरोपों को झूठा बताया. उन्होंने कहा कि हूतियों ने सऊदी क्षेत्र के खिलाफ कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया है. उनके मुताबिक, संगठन के हमलों का निशाना सिर्फ सऊदी अरब के तेल ठिकाने और सैन्य अड्डे रहे हैं.
हूतियों ने सऊदी अरब पर हमले के झूठे दावे गढ़ने का आरोप लगाया है.