ईरान की संसद के अध्यक्ष और मोहम्मद बाकर गलिबाफ ने एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ हालिया जंग में बड़ी जीत हासिल की है. गलिबाफ के मुताबिक, यह जीत सैन्य और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर दर्ज की गई है. उन्होंने इस संघर्ष को अमेरिका और इजरायल की ओर से शुरू की गई एक कायरतापूर्ण जंग करार दिया है.
मोहम्मद बाकर गलिबाफ ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच हुआ समझौता देश के लिए गर्व और जीत का दस्तावेज है. इस समझौते ने कूटनीतिक मोर्चों पर ईरान के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा है. उन्होंने साफ कहा कि दुश्मनों ने युद्ध की शुरुआत में जो लक्ष्य तय किए थे, वे उनमें पूरी तरह नाकाम रहे. ईरान ने अपनी शर्तों पर कूटनीतिक रूप से अपनी बात मनवाई है.
दुश्मन के पूरी तरह हारने तक जारी रहेगा अभियान
ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है. सेना ने ऐलान किया है कि अमेरिका और इजरायल के पूरी तरह परास्त होने तक उनका अभियान जारी रहेगा. ईरानी सेना ने संकल्प लिया है कि जब तक दुश्मन पूरी तरह घुटने नहीं टेक देता, तब तक वे पीछे हटने वाले नहीं हैं. देश के हितों और सुरक्षा के लिए यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक पूरी जीत हासिल नहीं हो जाती.
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इस बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक अधिकारी ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि युद्ध के दौरान ईरान ने एक नई एयर डिफेंस संरचना तैयार कर ली है. इस लड़ाई के अनुभव से सीख लेते हुए ईरान ने अपनी रणनीतियों, ट्रेनिंग और कमांड सिस्टम को और आधुनिक बना लिया है. इससे देश के मिसाइल नेटवर्क को पूरी तरह सुरक्षित और हमेशा चालू रखने में मदद मिली है.
आईआरजीसी (IRGC) के अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि देश की रक्षा क्षमताओं को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है. फोर्स की एयर डिफेंस उत्पादन क्षमता का 85 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित है. युद्ध के बावजूद उत्पादन की रफ्तार कम नहीं हुई है. अधिकारियों का कहना है कि इस समय ईरान के पास ऑपरेशनल स्टॉक संघर्ष से पहले के मुकाबले कहीं अधिक बेहतर और मजबूत स्थिति में मौजूद है.