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भारत खरीद सकेगा रूसी कच्चा तेल, मिडिल-ईस्ट संकट के बीच US ने की तारीफ, कहा- 'बहुत अच्छा एक्टर'

अमेरिका ने भारत के रूसी तेल प्रतिबंधों के पालन की तारीफ की है. अमेरिका ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए प्रतिबंधों में ढील देने की संभावना भी जताई है. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने बताया कि भारत ने प्रतिबंधित रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है, लेकिन समुद्र में फंसे तेल को खरीदने की अनुमति दी गई है.

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बेसेंट ने रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने के संकेत दिए. (Photo: Reuters)
बेसेंट ने रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने के संकेत दिए. (Photo: Reuters)

मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका ने रूसी तेल प्रतिबंधों को लेकर भारत के रुख की सराहना की है. अमेरिका ने भारत को एक 'बहुत अच्छा एक्टर' बताया. इसके साथ ही अमेरिका ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए रूसी कच्चे तेल पर लगी पाबंदियों में ढील देने की बात भी कही है.

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने एक टीवी शो में कहा कि भारत ने अमेरिका के नियमों का बहुत अच्छे से पालन किया है. उन्होंने बताया कि वॉशिंगटन ने भारत को उस रूसी तेल को खरीदने की अनुमति दी है जो पहले से समुद्र में जहाजों पर फंसा हुआ था.

बेसेंट ने कहा, 'भारतीय बहुत अच्छे एक्टर्स रहे हैं. हमने उनसे इस गर्मियों में प्रतिबंधित रूसी तेल खरीदना बंद करने को कहा था. उन्होंने ऐसा ही किया.'

बाजार में तेल की कमी रोकने की कोशिश

भारत ने शुरू में रूसी तेल की जगह अमेरिकी तेल खरीदने की योजना बनाई थी. लेकिन दुनिया भर में तेल की आपूर्ति में कमी न आए, इसके लिए अमेरिका ने अपना फैसला बदला. बेसेंट ने कहा, 'वो (भारत) इसे अमेरिकी तेल से बदलने जा रहे थे, लेकिन दुनिया भर में तेल की अस्थायी कमी को कम करने के लिए, हमने उन्हें रूसी तेल स्वीकार करने की अनुमति दे दी है.'

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ईरान संकट और बढ़ती कीमतें

बता दें कि अमेरिका का ये फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान में चल रहे संघर्ष की वजह से वैश्विक तेल कीमतों में इजाफा हुआ है. मिडिल-ईस्ट में आपूर्ति रुकने की चिंताओं के बीच अमेरिका अब और ज्यादा रूसी तेल से प्रतिबंध हटाने पर विचार कर रहा है. बेसेंट ने कहा, 'हम अन्य रूसी तेल पर प्रतिबंध में ढील दे सकते हैं.'

अमेरिकी तेल की मांग में उछाल

ईरान संकट के कारण मिडिल-ईस्ट से होने वाली आपूर्ति में रुकावट आई है. ऐसे में खरीदार अब अमेरिकी तेल की ओर भाग रहे हैं. अमेरिकी गल्फ कोस्ट के भारी कच्चे तेल की कीमतों में भी भारी उछाल आया है. 'मार्स सोर' कच्चे तेल की कीमत अप्रैल 2020 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. 

यह भी पढ़ें: भारत 30 दिन तक खरीद सकेगा रूस का कच्चा तेल, ईरान जंग के बीच अमेरिका ने दी छूट

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में रुकावट के कारण रिफाइनरियां अब वैकल्पिक सप्लाई ढूंढ रही हैं, जिससे अमेरिकी तेल की मांग और बढ़ गई है.

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