US President Trump US-Israel-Iran War Latest Updates & LIVE News: एक महीने से अधिक समय से जारी जंग में सीजफायर की बात जरूर सामने आई है, लेकिन युद्ध को रोकना अब भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. सीजफायर के बाद भी हमलों की खबरें आती रही हैं. इस बीच व्हाइट हाउस सैन्य दबाव से हटकर अब कूटनीति की ओर कदम बढ़ा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक उच्च-स्तरीय टीम को ईरान के साथ शांति वार्ता करने के लिए पाकिस्तान भेजने का फैसला किया है.
प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लीविट ने बताया कि ट्रंप चाहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तेल टैंकरों और अन्य जहाजों के लिए बिना किसी पाबंदी के खुला रहे.
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ईरान के फोरेंसिक मेडिसिन संगठन के प्रमुख ने कहा है कि युद्ध के दौरान पूरे देश में 3,000 से अधिक लोग मारे गए हैं.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान के साथ अपनी पहली फोन बातचीत की, जिसमें हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की गई.
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (ISNA) के मुताबिक, दोनों पक्षों ने तनाव को और बढ़ने से रोकने, तनाव कम करने और इलाके में सुरक्षा व स्थिरता बहाल करने के तरीकों पर चर्चा की.
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच तेहरान से बहुत बड़ा बयान आया है. ईरानी सेना के प्रवक्ता ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वे किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं. ईरान की न्यूज एजेंसी ISNA के मुताबिक, सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि बातचीत का कोई ठोस और निर्णायक नतीजा निकलेगा.
इजरायली मंत्री गिदोन सार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए ईरान और स्पेन पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने लिखा कि ईरान का 'आतंकी शासन' एक बार फिर अपने ही नागरिकों और प्रदर्शनकारियों को फांसी पर लटका रहा है. गिदोन सार ने स्पेन की भी कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि एक तरफ ईरान में जुल्म हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्पेन तेहरान में अपना दूतावास दोबारा खोल रहा है. उन्होंने इसे शर्म वाली बात बताई.
मिडिल ईस्ट से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है. इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उन्होंने एक सैन्य कार्रवाई के दौरान हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम के सेक्रेटरी को मार गिराया है. हालांकि, हिजबुल्लाह की तरफ से अभी तक इस पर कोई बयान नहीं आया है और न ही मौत की पुष्टि की गई है. अगर यह दावा सही निकलता है, तो यह हिजबुल्लाह के लिए बड़ा झटका होगा.
अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के सीजफायर के चंद घंटों बाद ही खाड़ी में संकट गहरा गया है. ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तेल टैंकरों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, लेबनान पर इजरायल के बड़े हमलों के जवाब में यह कदम उठाया गया है.
अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रिजवान सईद शेख ने सीएनएन से बातचीत में एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने बताया कि मौजूदा सीजफायर समझौते में लेबनान को भी शामिल किया गया है. अब तक इसे केवल अमेरिका और ईरान के बीच की डील माना जा रहा था, लेकिन इस नए खुलासे से मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ गई है.
लेबनान की राजधानी बेरूत से दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है. दक्षिण बेरूत के घोबेरी इलाके में एक इजरायली मिसाइल ने 8 मंजिला रिहायशी इमारत को निशाना बनाया. हमले के कुछ ही सेकंड के भीतर पूरी इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई. बताया जा रहा है कि इजरायल ने हमले से करीब 40 मिनट पहले अरबी भाषा में चेतावनी जारी की थी, जिसके बाद लोग और पत्रकार वहां से सुरक्षित दूरी पर जमा हो गए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमारत को गिराने के लिए बेहद शक्तिशाली 2,000 पाउंड के बम का इस्तेमाल किया गया.
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम का समझौता तो हो गया है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर अभी भी बेहद सख्त हैं. ट्रंप ने 'Truth Social' पर एक लंबी पोस्ट लिखकर ईरान को साफ चेतावनी दी है कि अमेरिकी सेना, जहाज और हथियार ईरान के चारों तरफ तैनात रहेंगे. ट्रंप ने लिखा कि जब तक समझौता पूरी तरह लागू नहीं हो जाता, उनकी सेना वहीं डटी रहेगी. उन्होंने दो टूक कहा कि अगर किसी भी वजह से समझौता टूटा, तो जंग शुरू होगी, जो पहले से कहीं बड़ी और घातक होगी.
बेरूत में बुधवार को हुई भारी बमबारी के बाद अब संयुक्त राष्ट्र (UN) ने कड़ा रुख अपनाया है. महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इजरायली हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे शांति की कोशिशों के लिए बड़ा खतरा बताया है. गुटेरेस के मुताबिक, आम नागरिकों की बढ़ती मौतें बेहद चिंताजनक हैं और इससे सीजफायर का माहौल बिगड़ सकता है.
बता दें कि कल बेरूत में हुए हमलों में 180 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. यह इस जंग का अब तक का सबसे खूनी दिन रहा है. UN प्रमुख ने सभी पक्षों से तुरंत लड़ाई रोकने की अपील की है ताकि इलाके में दोबारा शांति बहाल की जा सके.
कल तक लग रहा था कि होर्मुज का रस्ता खुल जाएगा और सब ठीक हो जाएगा, लेकिन लेबनान से आई बमबारी की खबरों ने निवेशकों को डरा दिया है. जापान के शेयर बाजार में आज गिरावट देखी जा रही है. चिप बनाने वाली कंपनियों और सॉफ्टबैंक जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर नीचे गिर गए हैं. जानकारों का कहना है कि लोग अब इस उलझन में हैं कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता सच में टिक पाएगा?
ईरान के पूर्व शासक के बेटे और निर्वासित राजकुमार रेजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को गलत बताया है जिसमें कहा गया था कि ईरान का शासन बदल चुका है. पहलवी ने 'X' पर लिखा कि अली खामेनेई भले ही मर चुके हों, लेकिन ईरान का शासन अब भी वही है क्योंकि इसका 'DNA' नहीं बदल सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि यह शासन अब भी पड़ोसियों पर रॉकेट दाग रहा है और अपने ही देश में इंटरनेट बंद करके जनता को बंधक बनाए हुए है.
सीजफायर के महज एक दिन बाद ही हालात फिर बिगड़ गए हैं. इजरायली सेना (IDF) ने लेबनान के कई इलाकों में ताबड़तोड़ हमले किए हैं, जिसमें मरने वालों का आंकड़ा 254 तक पहुंच गया है. अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, 2 मार्च से शुरू हुए इस ऑपरेशन में अब तक कुल 1,534 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कह दिया है कि अमेरिका दोहरा खेल बंद करे. उन्होंने कहा कि अमेरिका को या तो सीजफायर चुनना होगा या फिर इजरायल के जरिए जंग. दोनों चीजें एक साथ नहीं चल सकतीं. अराघची ने जोर देकर कहा कि अब गेंद अमेरिका के पाले में है और पूरी दुनिया देख रही है.
इजरायल और हिज़बुल्लाह के बीच की शांति डगमगाती दिख रही है. हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि इजरायल ने सीजफायर की शर्तें तोड़ीं, जिसके जवाब में उन्होंने उत्तरी इजरायल को निशाना बनाकर रॉकेट दागे हैं. हालात बिगड़ने की आशंका बनी हुई है.
बुधवार को अल जजीरा के एक संवाददाता की गाजा में इज़रायली हमलों में मौत हो गई, जैसा कि नेटवर्क और वहां के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया. इसके अलावा दो लेबनानी पत्रकारों की मौत की खबर सामने आई है.
नाटो के प्रवक्ता Mark Rutte ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाकात की. Rutte ने एक मजबूत और अधिक न्यायसंगत गठबंधन बनाने के लिए सहयोगियों द्वारा निरंतर प्रयास जारी रखने के महत्व पर जोर दिया.
वहीं, व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “जब हमें नाटो की ज़रूरत थी, तब वे मौजूद नहीं थे, और अगर हमें उनकी फिर से ज़रूरत पड़ी, तब भी वे मौजूद नहीं होंगे. ग्रीनलैंड को याद रखें, वह बड़ा, अव्यवस्थित, बर्फ का टुकड़ा."
पिछले महीने हिज़्बुल्लाह के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद से इज़रायल ने लेबनान पर अपने सबसे भारी हमले किए. बुधवार को हुए इन हमलों में 250 से अधिक लोगों के मौत की खबर सामने आ रही है. इन हमलों ने क्षेत्रीय युद्धविराम प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि लेबनान में युद्धविराम उनके देश और अमेरिका के बीच हुए समझौते की एक अहम शर्त है. Reuters के मुताबिक, बुधवार को बेरूत में लगातार कम से कम 5 बड़े धमाके हुए हैं.
अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच पाकिस्तान ने खुद को शांति स्थापित करने वाले देश के रूप में पेश कर रहा है. फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस ने पाकिस्तान पर ईरान के साथ अस्थायी युद्धविराम कराने के लिए दबाव डाला.
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सीजफायर के ऐलान के बाद भी इजरायल के लेबनान पर हमले जारी हैं. वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ईरान–अमेरिका युद्धविराम की शर्तें बिल्कुल स्पष्ट और साफ हैं. अमेरिका को एक विकल्प चुनना होगा. या तो युद्धविराम, या फिर इजरायल के जरिए जारी युद्ध, दोनों एक साथ नहीं चल सकते.
अराघची ने कहा कि दुनिया लेबनान में हो रहे नरसंहार को देख रही है. अब फैसला अमेरिका के हाथ में है.
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लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हमलों में 182 लोगों की मौत हुई है. यह इज़रायल-हिज़्बुल्लाह संघर्ष के दौरान एक दिन में सबसे ज्यादा मौतों का आंकड़ा है.
संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को लेबनान में इजरायल द्वारा किए गए बड़े पैमाने पर हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि सैकड़ों लोगों, जिनमें आम नागरिक भी शामिल हैं, उनके मारे जाने और घायल होने की खबरें बेहद भयावह हैं. यह घटनाक्रम ईरान के साथ हुए युद्धविराम के कुछ ही घंटों बाद सामने आया.
प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लीविट ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तेल टैंकरों और अन्य जहाजों के लिए बिना किसी रोक-टोक के खुला रहे. यहां तक कि बिना किसी टोल के भी. लीविट ने कहा कि ट्रंप की तत्काल प्राथमिकता है कि होर्मुज को बिना किसी तरह की पाबंदी के फिर से खोला जाए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक उच्च-स्तरीय टीम को पाकिस्तान भेजने का फैसला लिया है. प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लीविट ने जानकारी दी है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ बातचीत के लिए नेगोशिएशन टीम भेज रहा है.