स्कॉट केनेथ होमर बेसेंट (Scott Bessent) जनवरी 2025 से संयुक्त राज्य अमेरिका के 79वें ट्रेजरी (वित्त) सचिव के हैं. वे पूर्व हेज फंड मैनेजर हैं. इससे पहले वे सॉरोस फंड मैनेजमेंट (Soros Fund Management) में पार्टनर थे और बाद में उन्होंने की स्क्वायर ग्रुप (Key Square Group) नामक एक ग्लोबल मैक्रो इन्वेस्टमेंट फर्म की स्थापना की.
बेसेंट ने 1984 में येल कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की. 1991 में उन्हें सॉरोस फंड मैनेजमेंट में नौकरी मिली। यहाँ उन्होंने लंदन कार्यालय का नेतृत्व किया. सितंबर 1992 में वे ब्लैक वेडनेसडे (Black Wednesday) नामक ब्रिटिश पाउंड संकट के दौरान प्रमुख सदस्य रहे, जब उन्होंने सॉरोस फंड को 1 अरब डॉलर का लाभ दिलाया. साल 2013 में उन्होंने जापानी येन के खिलाफ निवेश करके कंपनी को 1.2 अरब डॉलर का और लाभ दिलाया. 2015 में सॉरोस फंड से अलग होकर उन्होंने की स्क्वायर ग्रुप की स्थापना की, जो एक हेज फंड कंपनी है.
स्कॉट बेसेंट ने डोनाल्ड ट्रंप की 2024 की राष्ट्रपति पद की चुनाव अभियान में आर्थिक सलाहकार, फंडरेजर और बड़े डोनर की भूमिका निभाई. 22 नवंबर, 2024 को राष्ट्रपति-चुनावित ट्रंप ने उन्हें ट्रेजरी सचिव बनने के लिए नामित किया.
स्कॉट बेसेंट संयुक्त राज्य अमेरिका के कैबिनेट में कार्य करने वाले दूसरे खुले तौर पर गे (LGBTQ+) व्यक्ति हैं. इतना ही नहीं वे इतिहास में सबसे उच्च पद पर कार्य करने वाले खुले तौर पर LGBTQ+ व्यक्ति बने हैं. ट्रेजरी सचिव पद अमेरिका में राष्ट्रपति के उत्तराधिकार में पांचवें नंबर पर आता है.
स्कॉट बेसेंट का जन्म 21 अगस्त, 1962 को साउथ कैरोलिना के कॉनवे में हुआ था. वे तीन बच्चों में सबसे बड़े हैं. उनके माता-पिता बारबरा और होमर गेस्टन बेसेंट जूनियर थे. उनकी मां ने पांच बार विवाह किया और उनके पिता को खराब रियल एस्टेट निवेश की वजह से दिवालिया होना पड़ा. स्कॉट फ्रेंच ह्यूगेनॉट और स्कॉटिश वंश के हैं. उनकी एक छोटी बहन पेइज अभी जीवित हैं, जबकि दूसरी बहन विन का 2022 में निधन हो गया.
व्हाइट हाउस के रेनोवेशन को लेकर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच विवाद छिड़ गया है. ओबामा ने व्हाइट हाउस की सजावट की तुलना चीजकेक फैक्ट्री से की थी. अब ट्रंप ने इसपर पलटवार करते हुए ओबामा को घटिया राष्ट्रपति करार दिया है. उन्होंने ओबामा की विदेश नीति की भी आलोचना की है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक से पहले, दोनों देशों के प्रतिनिधि आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं. वॉशिंगटन में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग के बीच बातचीत हुई, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर संभावित समझौतों पर चर्चा हुई.
रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका भारत और चीन पर सेकेंडरी टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा था। लेकिन अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के मुताबिक, यूरोपीय सहयोगियों ने इस मांग को ठुकरा दिया। अब ट्रंप प्रशासन ने रूस से जुड़े प्रतिबंधों और टैरिफ के आर्थिक असर का आकलन करने के लिए 60 दिनों का समय लिया है। आखिर यूरोप ने अमेरिका का साथ क्यों नहीं दिया? रूस से ऊर्जा खरीदने पर भारत की क्या मजबूरी है? और ट्रंप प्रशासन ने 60 दिनों का वक्त क्यों लिया? जानिए इस पूरे घटनाक्रम की कहानी।
Donald Trump ने ग्राहम एक्ट के तहत रूस पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों में छूट दी है, तो उनके मंत्री इस फैसले का बचाव करते हुए नजर आ रहे हैं. हालांकि, ट्रंप के इस कदम से भारत-चीन जैसे देशों को बड़ी राहत मिली है और 100% टैरिफ का खतरा टल गया है.
अमेरिका की सैंक्शन वॉर्निंग के बाद इराक ने बगदाद एयरपोर्ट पर सभी ईरानी उड़ानों को फिलहाल सस्पेंड कर दिया है. इराकी सरकार अब ईरानी उड़ानों को नजफ एयरपोर्ट पर डायवर्ट करने के बारे में सोच रही है. वहीं, ओमान में भी ईरानी यात्रियों की एंट्री फिलहाल रोक दी गई है.
अमेरिका ने जहाजों और शिपिंग कंपनियों को चेताया है कि होर्मुज से जुड़े ईरानी निकायों के साथ जानकारी साझा करने पर सैंक्शन लग सकते हैं. इस चेतावनी और ईरान की जवाबी धमकियों से जलडमरूमध्य में तनाव, आवाजाही और तेल ढुलाई पर दबाव और बढ़ गया है.
अमेरिका ईरान पर अबतक का सबसे बड़ा आर्थिक अभियान शुरु करने की तैयारी में है. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इसे इकोनॉमिक डी डे बताया है. बेसेंट के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप के सैन्य अभियान के बाद अब ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे. अमेरिका का लक्ष्य ईरान की आर्थिक और वित्तीय नीतियों को पूरी तरह अलग-थलग करना है.
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने उन नेटवर्क की पहचान कर ली है, जिनका इस्तेमाल ईरान तेल की आवाजाही, फंड हासिल करने और प्रतिबंधों से बचने के लिए करता है.
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए सहयोगी देशों से साथ आने की अपील की. उन्होनें कहा कि अमेरिका ईरानी शासन को गिराने के लिए सबसे कड़े प्रतिबंध लगाएगा. बेसेंट ने साफ चेतावनी दी कि जो देश ईरान के साथ कारोबार जारी रखेंगे उन्हें भी अमेरिकी कार्रवाई का सामना क
Pakistan Economic Crisis: कर्ज के जाल में फंसे पाकिस्तान ने अब अमेरिका से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है. इसके लिए शहबाज शरीफ सरकार में वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से मुलाकात भी की है.
यह एक तरह का Commemorative गोल्ड कॉइन होगा. इस पर राष्ट्रपति ट्रंप की तस्वीर है. तस्वीर के साथ लिबर्टी और इन गॉड वी ट्रस्ट लिखा हुआ है. साथ ही सिक्के पर 1776-2026 उकेरा गया है.
अमेरिका की आजादी के 250 वर्ष पूरे होने पर 1 डॉलर का स्मारक गोल्ड कॉइन जारी होगा। 24 कैरेट के इस सिक्के पर डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर है, जिसे लेकर अमेरिका में परंपरा और कानून को लेकर बहस छिड़ गई है. वित्त विभाग ने ये भी कहा कि 1926 में अमेरिका की 150वीं वर्षगांठ पर तत्कालीन राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज की तस्वीर वाला स्मारक सिक्का भी जारी किया गया था.
अमेरिकी नाकाबंदी से ईरान के तेल निर्यात नेटवर्क को भारी नुकसान हुआ है. नाकाबंदी की वजह से ईरान के तेल निर्यात पर गंभीर असर हुआ है और ऐसे में ईरान को इसका बड़ा हर्जाना भुगतना पड़ा है.
ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका ने अब उन देशों को भी निशाने पर लिया है जो तेहरान से तेल खरीद रहे हैं. चीन पर सीधा इशारा करते हुए अमेरिका ने सैंक्शन की चेतावनी दी है. इससे ग्लोबल पॉलिटिक्स में नया टकराव खड़ा होने के संकेत मिल रहे हैं.
ईरान से युद्ध के बीच अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने युद्ध के लिए बहुत फंडिंग होने का भरोसा दिया है. उन्होंने टैक्स बढ़ोतरी की अटकलों को खारिज किया है और कहा है कि युद्ध का हर्जाना अमेरिकियों को नहीं भुगतना होगा.
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने राष्ट्रपति ट्रंप के सख्त रुख का बचाव करते हुए ईरान के सैन्य ढांचे को "नेतृत्वहीन" करार दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति बहाली के लिए सैन्य दबाव बढ़ाना आवश्यक है.
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को कम करने में मदद करने के लिए अमेरिका जल्द ही टैंकरों में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा सकता है. बेसेंट ने कहा कि प्रतिबंधित ईरानी तेल के वैश्विक आपूर्ति में शामिल होने से अगले 10 से 14 दिनों तक तेल की कीमतें कम रखने में मदद मिलेगी.
ट्रंप के बुलावे पर अमेरिकी वित्त मंत्री ने बीच में छोड़ दिया इंटरव्यू. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच अमेरिका से लाइव टीवी पर एक मामला सामने आया है, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. व्हाइट हाउस में जब अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट एक इंटरव्यू दे रहे थे, अचानक उन्हें सिचुएशन रूम बुला लिया गया. ये इंटरव्यू लाइव था और दुनियाभर के लोग इसे देख रहे थे.
अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान पर अब तक के सबसे बड़े हमले की चेतावनी दी है. उन्होंने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ईरान की मिसाइल क्षमताओं को कमजोर कर रही है और दो मोर्चों पर प्रभावी अभियान चला रही है.
US Treasury Secretary Scott Bessent ने कहा कि ईरान पर आज रात अब तक का सबसे बड़ा हमला हो सकता है. अमेरिका का दावा है कि उसका अभियान ईरान की मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करने पर केंद्रित है.
अमेरिका ने भारत के रूसी तेल प्रतिबंधों के पालन की तारीफ की है. अमेरिका ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए प्रतिबंधों में ढील देने की संभावना भी जताई है. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने बताया कि भारत ने प्रतिबंधित रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है, लेकिन समुद्र में फंसे तेल को खरीदने की अनुमति दी गई है.