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भारत का मुरीद हुआ UN, इन दो अभियानों की जमकर की तारीफ

संयुक्त राष्ट्र ने बाल विवाह रोकने, बेटियों की शिक्षा में सुधार करने और महिलाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भारत द्वारा उठाए गए कदमों की जमकर तारीफ की है.

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भारत के प्रयासों की UN ने की तारीफ. (Photo: Pixabay)
भारत के प्रयासों की UN ने की तारीफ. (Photo: Pixabay)

भारत में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और बाल विवाह रोकने की कोशिशों की संयुक्त राष्ट्र (UN) ने जमकर तारीफ की है. संयुक्त राष्ट्र में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' और 'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' का जिक्र हुआ. UN ने कहा कि भारत में बीते एक दशक में लड़कियों की शिक्षा में सुधार हुआ है. बाल विवाह के मामलों में कमी लाने में सरकार की नीतियों के साथ समाज की भागीदारी ने भी अहम भूमिका निभाई है.

संयुक्त राष्ट्र में भारत और सिएरा लियोन के स्थायी मिशनों ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम आयोजित किया. इसका विषय था 'बालिकाओं में निवेश - हमारा भविष्य बदलना'. कार्यक्रम में लड़कियों की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों को मजबूत करने पर चर्चा हुई.

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का जिक्र

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूनिसेफ की उप कार्यकारी निदेशक हन्नान सुलेमान ने भारत में लड़कियों की शिक्षा में सुधार और बाल विवाह के मामलों में आई कमी का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि लगातार निवेश, बड़े स्तर पर लोगों की भागीदारी और नीतिगत कदमों से वास्तविक बदलाव लाया जा सकता है. इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में लड़कियों की शिक्षा में काफी सुधार हुआ है. इससे परिवारों में भी लड़कियों की अहमियत को लेकर सोच बदलने का संकेत मिलता है. उन्होंने बाल विवाह में कमी लाने में सरकार और समाज की साझा कोशिशों की भूमिका बताई. इसमें 'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' का भी जिक्र किया.

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'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' से लड़कियों को मिला बढ़ावा

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथनेनी हरीश ने भारत की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी. उन्होंने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे लड़कियों को लेकर सामाजिक सोच बदलने, सरकारी सेवाओं को बेहतर तरीके से लोगों तक पहुंचाने और स्कूलों में लड़कियों के दाखिले बढ़ाने में मदद मिली.

हरीश ने कहा कि लड़कियों की शिक्षा में निवेश का फायदा केवल उन्हें ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी मिलता है. पढ़ाई से लड़कियों को बेहतर कौशल सीखने, रोजगार पाने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने के मौके मिलते हैं. इसका लाभ परिवारों की खुशहाली और देश की अर्थव्यवस्था को भी मिलता है. उन्होंने महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत भी बताई. 

AI के क्षेत्र में भी लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

हरीश ने अपने छात्र जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि जब वह मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे, तब उनकी कक्षा में कोई लड़की नहीं थी. उन्होंने कहा कि आज उनके विश्वविद्यालय में इस विषय की करीब 70 फीसदी छात्राएं हैं. इसे उन्होंने अपने जीवनकाल में आया बड़ा बदलाव बताया.

उन्होंने डिजिटल दुनिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में महिलाओं की भागीदारी का मुद्दा भी उठाया. हरीश ने कहा कि तकनीक के क्षेत्र में पुरुषों का दबदबा बढ़ रहा है. ऐसे में साइबर दुनिया को महिलाओं और लड़कियों के लिए सुरक्षित बनाना जरूरी है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नई AI तकनीक को महिलाओं और लड़कियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाना चाहिए.

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कार्यक्रम में सिएरा लियोन की विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की उप मंत्री जेनेबा बंगुरा ने भी लड़कियों की शिक्षा और सुरक्षा की अहमियत बताई. उन्होंने कहा कि जब किसी लड़की को शिक्षा से दूर रखा जाता है, कम उम्र में शादी के लिए मजबूर किया जाता है या भेदभाव का सामना करना पड़ता है, तो समाज उसकी क्षमता खो देता है.
 

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