ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल की जंग पर तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन की प्रतिक्रिया सामने आई है. एर्दोगन ने तुर्की की राजधानी अंकारा में आयोजित एक रमजान इफ्तार कार्यक्रम में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर किए गए हमलों की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया. एर्दोगन ने अमेरिका को वॉर्निंग देते हुए कहा कि अगर अमेरिकी नेतृत्व में हो रहे हमलों को नहीं रोका गया तो क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ेगा.
एर्दोगन ने जोर देकर कहा कि तुर्की अपने देश और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा है.
एर्दोगन ने अंकारा में सत्तारूढ़ Justice and Development Party (AKP) मुख्यालय में आयोजित इफ्तार कार्यक्रम में कहा, 'अगर जरूरी हस्तक्षेप नहीं किया गया तो संघर्ष के क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर परिणाम होंगे. ऐसे गंभीर खतरे पैदा होंगे जिन्हें कोई भी संभाल नहीं पाएगा'
उन्होंने कहा कि तुर्की शांति के पक्ष में मजबूती से खड़ा है और चाहता है कि खूनखराबा और लोगों को हो रही पीड़ा का तुरंत अंत हो. एर्दोगन ने कहा कि तुर्की चाहता है कि क्षेत्र में स्थायी शांति आए.
उन्होंने यह भी जोड़ा कि युद्धविराम सुनिश्चित होने और शांति बहाल होने तक तुर्की हर स्तर पर कूटनीतिक बातचीत जारी रखेगा.
ईरान पर शनिवार के हमले को लेकर एर्दोगन ने क्या कहा था?
शनिवार को तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों से तुर्की को 'गहरा दुख' हुआ है और वो चिंतित है. उनके अनुसार ये हमले 'इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की उकसावे वाली कार्रवाइयों से शुरू हुए.'
इस्तांबुल में एक कार्यक्रम में एर्दोगन ने कहा, 'तुर्की अमेरिका-इजरायल के हमलों की निंदा करता है. ये हमले साफ तौर पर ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन करते हैं और हमारी दोस्त ईरानी जनता की शांति को खतरे में डालते हैं.'
इसके साथ ही उन्होंने सऊदी, यूएई समेत खाड़ी के देशों पर ईरान के हमलों की भी निंदा की. एर्दोगन ने कहा, 'कारण चाहे जो भी हो, हम खाड़ी में हमारे भाई देशों पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों को अस्वीकार्य मानते हैं.'
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझदारी से काम नहीं लिया गया और कूटनीति को मौका नहीं दिया गया, तो 'हमारा क्षेत्र आग के घेरे में घिर जाएगा'
एर्दोगन ने कहा, 'आगे और खून-खराबा रोकने और हमारे क्षेत्र को बड़े कष्ट से बचाने के लिए सभी पक्षों, खासकर इस्लामी दुनिया को तुरंत कदम उठाने होंगे.'
शनिवार तड़के इजरायल और अमेरिका ने ईरानी शासन से कथित खतरों का हवाला देते हुए ईरान पर हमला किया. इस हमले में ईरान के कई शीर्ष अधिकारियों समेत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए हैं.
ये हमले ऐसे समय हुए जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच ओमान की मध्यस्थता में बातचीत जारी थी. दोनों देशों के बीच जिनेवा में गुरुवार को ही एक वार्ता हुई थी.