अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को स्पेस एजेंसी नासा को निर्देश दिया कि वह कई दशकों में पहली बार अमेरिकी नागरिकों को चांद पर भेजे. राष्ट्रपति का कहना है कि इस कदम से भविष्य में मंगल ग्रह की यात्राओं की तैयारी होगी.
व्हाइट हाउस में नयी अंतरिक्ष नीति निर्देशों पर हस्ताक्षर करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘इस बार हम वहां सिर्फ अपना अपना निशान नहीं छोड़ेंगे'. उन्होंने कहा, इस कदम से ‘हम मंगल मिशन, और भविष्य में अन्य ग्रहों की यात्रा के लिए नींव रख रहे हैं.’ इससे पहले अपोलो मिशन के दौरान 1960 और 1970 की दशक में अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री चांद पर गये थे.
"We're dreaming big." - announced that the National Space Council approved a recommendation to return to the Moon, laying a foundation for trips to Mars and beyond.
— NASA Moon (@NASAMoon)
21 जुलाई, 1969 को अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री ने चांद पर पहला कदम रखा था. ट्रंप ने कहा कि हम चांद के अलावा भी अलग जगहों की खोज करनी चाहिए, साथ ही आज हम शपथ लेते हैं कि अंतिम नहीं रहेंगे.
राष्ट्रीय अंतरिक्ष परिषद के प्रमुखों राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति माइक पेन्स ने चांद पर फिर से अंतरिक्षयान भेजने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने इस संबंध में कुछ खास जानकारी नहीं दी थी.