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न टैक्स देंगे, न बिजली बिल... PoK में अब गांधी जैसा आंदोलन

पीओके के पलंदरि में हुई सभा में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के नेता सरदार अमन कश्मीरी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन का ऐलान किया. उन्होंने लोगों से टैक्स और बिजली के बिल रोकने, सरकारी दफ्तरों और स्कूलों का बहिष्कार करने और गोली के कानून को न मानने की अपील की.

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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लंबे समय से आंदोलन चल रहा है. (File Photo: Reuters)
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लंबे समय से आंदोलन चल रहा है. (File Photo: Reuters)

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK में अब विरोध प्रदर्शन एक नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के खिलाफ जारी नाराजगी के बीच जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी यानी JAAC ने सविनय अवज्ञा आंदोलन का ऐलान किया है. पलंदरी में एक सभा को संबोधित करते हुए JAAC नेता सरदार अमान कश्मीरी ने लोगों से टैक्स और बिजली के बिल नहीं देने की अपील की.

इसके साथ ही सरकारी दफ्तरों और स्कूलों के बहिष्कार की भी अपील की गई है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों को सुनने के बजाय पाकिस्तानी प्रशासन ताकत और दबाव का इस्तेमाल कर रहा है. सभा में पाकिस्तान की सेना के खिलाफ भी नारे लगाए गए और प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे 'गोलियों के कानून' को स्वीकार नहीं करते.

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'70 दिन से सीना सामने करके खड़े हैं'

अमान कश्मीरी ने कहा कि अगर सरकार लोगों पर गोलियों के दम पर शासन करना चाहती है तो लोग इससे डरने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी 70 दिनों से ज्यादा समय से विरोध कर रहे हैं. उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना सरकार के सामने खड़े होकर अपनी बात रखी है.

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अमान कश्मीरी ने कहा कि प्रदर्शन करने वाले आम मेहनतकश परिवारों से आते हैं. अमान कश्मीरी ने कहा कि उनके माता-पिता ने मजदूरी और कड़ी मेहनत करके उन्हें पाला है और ऐसे लोगों को गोलियों से डराया नहीं जा सकता.

टैक्स-बिजली बिल रोकने की अपील

JAAC की तरफ से घोषित सविनय अवज्ञा आंदोलन में लोगों से सरकारी राजस्व रोकने की अपील की गई है. इसके तहत टैक्स नहीं देने और बिजली के बिलों का भुगतान रोकने की बात कही गई है. साथ ही सरकारी दफ्तरों और स्कूलों का बहिष्कार करने को कहा गया है.

यह कदम पाकिस्तानी प्रशासन पर आर्थिक और प्रशासनिक दबाव बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. PoK में पहले से चल रहे विरोध के बीच अगर बड़ी संख्या में लोग इन अपीलों पर अमल करते हैं तो सरकार के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है.

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'मामला राजनीतिक है, समाधान भी राजनीतिक हो'

अमान कश्मीरी ने यह भी कहा कि इस पूरे विवाद का समाधान बातचीत और राजनीतिक तरीके से होना चाहिए. उन्होंने पाकिस्तानी हुकूमत से ताकत के बजाय राजनीतिक समाधान निकालने की मांग की. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार 'गोलियों का राज' चाहती है तो जनता भी पीछे हटने वाली नहीं है.

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