पाकिस्तान में सेना के करीबी माने जाने वाले सीनेटर फैसल वावदा ने शनिवार को उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार से इस्तीफे की मांग की. यह मांग ऐसे समय में उठी है जब इशाक डार के एक रिश्तेदार को दो विदेशी महिलाओं के कथित अपहरण और गैंगरेप मामले में गिरफ्तार किया गया है. यह मामला लाहौर का है, जहां 29 जून को नीदरलैंड और वेनेजुएला की दो महिलाओं का कथित तौर पर अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया गया.
पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है. लाहौर की अदालत ने शुक्रवार को गिरफ्तार आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद रजा डार को मुख्य आरोपी बताया गया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक रजा डार, पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार का पोता है.
पुलिस जांच में सामने आया है कि रजा डार की मुलाकात पिछले साल सिंगापुर में इन दोनों महिलाओं से हुई थी. बताया जा रहा है कि वे एक क्रिप्टोकरेंसी वेंचर में बिजनेस पार्टनर थे. पाकिस्तान यात्रा के लिए महिलाओं के बिजनेस वीजा की व्यवस्था भी रजा डार ने ही की थी. सीनेटर फैसल वावदा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पाकिस्तान को 'फैमिली कॉरपोरेशन' की तरह चलाया जा रहा है.
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उन्होंने गैंगरेप मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बाद इशाक डार दुनिया के सामने पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कैसे कर सकते हैं. वावदा ने कहा, 'रजा डार की गिरफ्तारी संबंधित विदेशी दूतावास के हस्तक्षेप के बाद ही हुई. अगर पाकिस्तान और उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि की थोड़ी भी चिंता है, तो इशाक डार को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए.' फैसल वावदा को पाकिस्तान की सेना के करीबी नेता के तौर पर देखा जाता है. उन्हें पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के समर्थन से सीनेटर चुना गया था.
हालांकि वह किसी राजनीतिक दल का औपचारिक प्रतिनिधित्व नहीं करते. वावदा ने यह भी आरोप लगाया कि मामले को गैंगरेप की बजाय जबरन वसूली के केस तक सीमित करने की कोशिश की जा रही है. साथ ही विदेशी पीड़ित महिलाओं को जल्द से जल्द उनके देश वापस भेजने की तैयारी भी की जा रही है. उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अब तक पाकिस्तान सरकार या सत्तारूढ़ दल के नेताओं की ओर से इस घटना की निंदा में कोई बयान क्यों नहीं आया.