ईरान वॉर में पंच की भूमिका में निभा रहे पाकिस्तान ने अपना असली चेहरा दिखा दिया है. पाकिस्तान ने कहा है कि अगर लड़ाई बढ़ती है तो डिफेंस पैक्ट के तहत पाकिस्तान सऊदी अरब का साथ देगा. इसके अलावा पाकिस्तान ने सऊदी ठिकानों पर हमला करने के लिए ईरान की तीखी आलोचना भी की है.
पाकिस्तान ने मंगलवार को सऊदी अरब के एनर्जी केंद्रों पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की निंदा की और इन हमलों को "एक खतरनाक तनाव" बताया, जिससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचा है.
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा, "पाकिस्तान सरकार ने कल रात ईरान द्वारा सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में एनर्जी सेंटर पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है और इस पर स्पष्ट निंदा व्यक्त करती है."
विदेश मंत्रालय ने कहा, “पाकिस्तान सरकार इन हमलों को सऊदी अरब की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन मानती है, और इसे एक खतरनाक तनाव मानती है जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कमज़ोर करता है.”
बयान के आखिर में कहा गया, “पाकिस्तान सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए अपने अटूट समर्थन की फिर से पुष्टि करता है.”
अधिकारियों ने बताया है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किए जाने के बाद से सऊदी किंगडम पर सैकड़ों ईरानी मिसाइलों और ड्रोन से हमले हुए हैं, जिनमें से ज़्यादातर को रोक दिया गया.
इस बीच सऊदी अरब के एक शख्स ने अपना नाम न बताने की शर्त पर AFP को बताया कि सऊदी अरब पर रात भर हुए हमलों में पूर्वी शहर जुबैल के एक विशाल औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया गया. यह हमला ईरान में पेट्रोलियम प्लांट पर हुए हमलों के कुछ ही घंटों बाद हुआ.
सूत्र ने सऊदी बेसिक इंडस्ट्रीज़ कॉर्पोरेशन का ज़िक्र करते हुए कहा, “एक हमले के कारण जुबैल में SABIC के प्लांट में आग लग गई. धमाकों की आवाज़ें बहुत ज़ोरदार थीं.”
पूर्वी सऊदी अरब में स्थित जुबैल दुनिया के सबसे बड़े औद्योगिक शहरों में से एक है, जहां स्टील, गैसोलीन, पेट्रोकेमिकल्स, लुब्रिकेटिंग तेल और रासायनिक उर्वरकों का उत्पादन होता है.
सूत्र ने बाद में AFP को बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले मज़दूरों को उनके रहने की जगहों से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था.
बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने मंगलवार को एक साथ सार्वजनिक सुरक्षा अलर्ट जारी किए. इस अलर्ट मिलने के बाद एहतियाती कदम के तौर पर सऊदी अरब को बहरीन से जोड़ने वाले पुल को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया.
पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की कर रहे मध्यस्थता
ईरान जंग में पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की लंबे समय से मध्यस्थता कर रहे हैं. इन देशों के विदेश मंत्रियों की एक बैठक इस्लामाबाद में हुई थी.
इस बीच ईरान के इस्लामाबाद स्थित दूत ने मंगलवार को कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध को खत्म करने के लिए पाकिस्तान के नेतृत्व में चल रही शांति की कोशिशें एक "अहम" मोड़ पर पहुंच रही हैं.
राजदूत रजा अमीरी मोघदम की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब ऐसी खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तान, अमेरिका-ईरान संघर्ष को खत्म करने के लिए युद्धविराम कराने और उसके बाद विस्तृत बातचीत का इंतजाम करने के लिए ज़ोरदार कोशिशें कर रहा है.
ईरानी राजनयिक ने X पर एक पोस्ट में कहा, "युद्ध को रोकने के लिए सद्भावना और मध्यस्थता के ज़रिए पाकिस्तान के 'सकारात्मक और सार्थक प्रयास' एक अहम और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच रहे हैं."
बता दें कि ट्रंप की डेडलाइन भारत के समयानुसार कल सुबह 5.30 बजे समाप्त हो रही है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि आज रात एक सभ्यता खत्म होगी.