बलूचिस्तान (Balochistan) पश्चिमी और दक्षिण एशिया का एक क्षेत्र है, जो ईरानी पठार के सुदूर दक्षिण-पूर्व में स्थित है. यह भारतीय प्लेट और अरब सागर के तट से सटा हुआ है. रेगिस्तान और पहाड़ों का यह शुष्क क्षेत्र मुख्य रूप से बलूच लोगों द्वारा बसा हुआ है. बलूचिस्तान क्षेत्र तीन देशों में विभाजित है- ईरान (Iran), अफगानिस्तान (Afghanistan) और पाकिस्तान (Pakistan).
प्रशासनिक रूप से इसमें पाकिस्तानी प्रांत बलूचिस्तान, ईरानी प्रांत सिस्तान और बलूचिस्तान और अफगानिस्तान के दक्षिणी क्षेत्र शामिल हैं. जिसमें निमरुज, हेलमंद और कंधार प्रांत शामिल है. इसकी सीमा उत्तर में खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र, पूर्व में सिंध और पंजाब और पश्चिम में ईरानी क्षेत्रों से लगती है.
2013 तक बलूचिस्तान की कुल जनसंख्या लगभग 18-19 मिलियन है. यहां बलूची भाषा बोली जाती है.
पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर तीनतरफा संकट में फंस गए हैं. भारत के साथ तनाव, बलूचिस्तान में बीएलए के बढ़ते हमले और अफगान तालिबान के साथ खुली जंग शुरू हो गई है. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर भारी हवाई हमले किए हैं. तालिबान ने भी पाकिस्तानी पोस्टों पर हमला कर जवाब दिया. मुनीर अब तीन मोर्चों पर एक साथ लड़ रहे हैं.
Afghanistan Paksitan War: अफगान जंग से पाकिस्तान पर टूटने का खतरा मंडरा रहा है. बलूचिस्तान में बीएलए के लगातार हमलों से पाकिस्तानी फौज पहले ही थक चुकी और हल्कान है. अब अफगानिस्तान के साथ दो मोर्चों पर जंग लड़ रही सेना पर भारी दबाव है. लंबी जंग से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था, सेना और राष्ट्रीय एकता को गहरा नुकसान पहुंच सकती है.
बलूच विद्रोह, मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव, ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले और रूस-यूक्रेन युद्ध की वर्तमान स्थिति का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है. बलूचिस्तान में पाकिस्तान की झीलती आर्थिक और राजनीतिक स्थिति, क्षेत्रीय संसाधनों का दुरुपयोग और विद्रोह की जड़ें चर्चा में हैं. साथ ही मिडल ईस्ट में सैन्य गतिविधियों, अमेरिका-ईरान संबंधों की नजदीक भविष्य की संभावित जंग पर भी प्रकाश डाला गया.
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक नया वीडियो जारी किया है जिसमें 7 पाकिस्तानी सैनिक हिरासत में नजर आ रहे हैं. इस वीडियो में सैनिक दावा करते दिख रहे हैं कि वो पाकिस्तानी सेना के आधिकारिक सदस्य हैं.
नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री अनवार-उल-हक काकड़ को एक बलूच कार्यकर्ता ने कड़ी लताड़ लगाई. कार्यकर्ता ने उन्हें बलूचों का हत्यारा और जनरलों की कठपुतली बताया. बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों के बीच काकड़ की विदेशी धरती पर स्थिति खराब हो गई. काकड़ बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती के साथ 15 से 17 फरवरी तक ओस्लो दौरे पर हैं, जहां उनका मकसद नॉर्वे के वार्ताकारों और नागरिक समाज को बलूचिस्तान की स्थिति पर जानकारी देना था.
नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में पाकिस्तान के पूर्व कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर-उल-हक काकर को एक बलूच एक्टिविस्ट के विरोध का सामना करना पड़ा. एक्टिविस्ट ने उन्हें पाक सेना के 'हाथों का मोहरा' बताते हुए बलूचिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों पर सवाल उठाए गए. काकर 15 से 17 फरवरी तक ओस्लो दौरे पर हैं और उनके साथ बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती भी मौजूद हैं.
बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ऑपरेशन हेरोफ 2.0 के तहत कई पाकिस्तानी सैनिकों को बंधक बनाया है. संगठन ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि 17 सैनिक पकड़े गए थे. इनमें से 10 सैनिकों को छोड़ दिया गया जबकि 7 अभी भी कैद में हैं. वीडियो में कैद सैनिक खुद को पहचानते हुए सरकार से बलूच कैदियों को छोड़ने की अपील कर रहे हैं.
QAHR यूनिट के ऐलान के साथ BLA ने दो मिनट का एक वीडियो और कई तस्वीरें जारी कीं. वीडियो में पहाड़ी क्षेत्र में दो बीएलए जवानों को ड्रोन परीक्षण करते दिखाया गया है, जबकि आगे के फुटेज में ग्वादर में ड्रोन गतिविधि का दावा किया गया है.
पाकिस्तान की सियासत में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बलूचिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री अख्तर मेंगल ने सीधे तौर पर पाकिस्तान से अलग होने की मांग कर दी. लाहौर में आयोजित एक सम्मेलन में उन्होंने दो टूक कहा कि अब साथ रहना मुमकिन नहीं है.
अमेरिका ने पाकिस्तानी बेस मुख्य रूप से सोवियत संघ (U-2 कांड, 1960) और अफ़ग़ानिस्तान युद्ध (शमसी बेस, 2001-2011) के लिए इस्तेमाल किए हैं. ईरान पर सीधी जासूसी या हमले का कोई पक्का सबूत नहीं. अफवाहें पाकिस्तान ने खारिज की हैं. आज अमेरिका कतर (अल उदैद), UAE, बहरीन और डिएगो गार्सिया जैसे खाड़ी बेस से ईरान पर निगरानी रखता है.
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने "ऑपरेशन हेरोफ II" के तहत 14 शहरों में 76 हमले कर 362 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों को मारने का दावा किया है. पाकिस्तान सरकार ने इसके उलट 200 से ज्यादा उग्रवादियों के मारे जाने की बात कही है. दोनों पक्षों के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
दुनिया जंग के मुहाने पर खड़ी है. हर दिन, एक देश दूसरे देश पर हमलावर है. सैकड़ों लोगों की मौत हो रही है. देशों की अर्थव्यवस्थाएं चरमरा रही हैं. हर युद्ध, हर झड़प दुनिया के लिए एक नए विश्वयुद्ध की चुनौती लेकर आ रहा है. इन्हीं जंगों पर देखें आजतक का ये खास कार्यक्रम 'वॉर रूम'.
ब्लैक एंड व्हाइट में पाकिस्तान के बलूचिस्तान में जारी संघर्ष, बलोच लिबरेशन आर्मी और पाकिस्तानी सेना की लड़ाई, और भारत के साथ विश्व के प्रमुख देशों के व्यापारिक समझौते पर विस्तृत चर्चा है. इसमें बलूचिस्तान के हालात, अमेरिका और चीन की इस क्षेत्र में भूमिका, भारत के निर्यात व्यापार की स्थिति और चिकन नेक कॉरिडोर का महत्व शामिल है. साथ ही भारत की मिसाइल शक्ति और सामरिक उपलब्धियों को भी दर्शाया गया है जो देश की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्थिति को मजबूत बनाती हैं.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में कहा कि बलूचिस्तान में हमारे सुरक्षा बल शारीरिक रूप से असमर्थ हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि बलूच लड़ाकों के पास पाकिस्तानी सेना से बहेतर हथियार और उपकरण हैं.
पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत बलूचिस्तान में विद्रोह की आग धधक रही है. बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने हाल ही में बड़े आत्मघाती हमले किए, जिसमें कई सैनिक और नागरिक मारे गए हैं. इस विद्रोह की जड़ बलूचिस्तान के पाकिस्तान में विलय में है जिसे बलूच अपना अपमान मानते हैं.
पिछले शुक्रवार से वीकेंड तक बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तान के 12 इलाकों में सुरक्षा बलों, पुलिस और नागरिकों को निशाना बनाकर हमले किए, जिनमें कम से कम 17 सुरक्षाकर्मी और 50 नागरिक मारे गए. बीएलए ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली और कई आत्मघाती हमलावरों की तस्वीरें जारी कीं, जिनमें एक कपल भी शामिल हैं.
पाकिस्तान की सरकार और सेना के खिलाफ बलोच लिबरेशन आर्मी यानी BLA का 'ऑपरेशन हेरोफ फेज-2' घातक दौर में है. इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया है. इस जंग से BLA ने न सिर्फ पाकिस्तान की सत्ता को चुनौती दी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भी ध्यान खींचा है. क्या इस बार बलूचिस्तान, पाकिस्तान से आज़ाद होकर रहेगा? देखें 10 तक.
पाकिस्तानी पत्रकार आरजू काजमी ने बलूचिस्तान में हुए हमलों से लेकर पाकिस्तान के ताजा हालातों पर कई बड़े खुलासे किए हैं.. देखिए आरजू काजमी की गौरव सावंत से EXCLUSIVE बातचीत.
बलूचिस्तान प्रांत में बीएलए ने महिलाओं को सुसाइड अटैकर के रूप में इस्तेमाल कर समन्वित हमले किए, जिनमें कम से कम 50 लोग और 17 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे. अब इस हमले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें बीएलए की एक महिला पाकिस्तानी सरकार को चुनौती दे रही है.
बलूचिस्तान में BLA के 'ऑपरेशन हेरोफ' ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. 12 शहरों में एकसाथ हुए हमलों से न सिर्फ पाक सेना बल्कि आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा भी दहशत में है. लश्कर के टॉप कमांडर राना मोहम्मद अशफाक का रोता हुआ वीडियो सामने आया है, जिसने हमलों को पाकिस्तान के इतिहास में सबसे खतरनाक बताया.
आज बलूचिस्तान एक अलग देश के रूप में पाकिस्तान के नियंत्रण से बाहर होने की मांग कर रहा है. इसकी पीछे एक बड़ी और पुरानी वजह है. किसी समय बलूचिस्तान एक आजाद रियासत था और इसका नाम भी तब कुछ और ही था. अगर बलूचिस्तान अपनी शर्तों पर एक अलग देश होता तो आज कहानी कुछ और होती. ऐसे में समझते हैं, आखिर बलूचिस्तान पहले क्या नाम था और इसकी क्या मांग थी.