बलूचिस्तान (Balochistan) पश्चिमी और दक्षिण एशिया का एक क्षेत्र है, जो ईरानी पठार के सुदूर दक्षिण-पूर्व में स्थित है. यह भारतीय प्लेट और अरब सागर के तट से सटा हुआ है. रेगिस्तान और पहाड़ों का यह शुष्क क्षेत्र मुख्य रूप से बलूच लोगों द्वारा बसा हुआ है. बलूचिस्तान क्षेत्र तीन देशों में विभाजित है- ईरान (Iran), अफगानिस्तान (Afghanistan) और पाकिस्तान (Pakistan).
प्रशासनिक रूप से इसमें पाकिस्तानी प्रांत बलूचिस्तान, ईरानी प्रांत सिस्तान और बलूचिस्तान और अफगानिस्तान के दक्षिणी क्षेत्र शामिल हैं. जिसमें निमरुज, हेलमंद और कंधार प्रांत शामिल है. इसकी सीमा उत्तर में खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र, पूर्व में सिंध और पंजाब और पश्चिम में ईरानी क्षेत्रों से लगती है.
2013 तक बलूचिस्तान की कुल जनसंख्या लगभग 18-19 मिलियन है. यहां बलूची भाषा बोली जाती है.
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में सैन्य कर्मियों को ले जा रही शटल ट्रेन में हुए बड़े विस्फोट की जिम्मेदारी BLA ने ली है. संगठन ने हमलावर की पहचान बिलाल शाहवानी उर्फ साईं के रूप में की है. धमाके में कम से कम 24 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल बताए गए हैं.
बलूचिस्तान के क्वेटा में चमन फाटक के पास रेलवे ट्रैक के निकट एक ट्रेन को निशाना बनाकर किए आत्मघाती हमले में कम-से-कम 23 लोगों की मौत हो गई और 53 लोग घायल हो गए.
बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तान एयरपोर्ट सिक्योरिटी फोर्स के डिप्टी डायरेक्टर वसीम अहमद को बंधक बना लिया है. BLA के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने इस कार्रवाई की जिम्मेदारी ली है और आगे की जानकारी जल्द जारी करने की बात कही है.
पाकिस्तान की सेना ने बलूचिस्तान में बलूच विद्रोहियों के खिलाफ ऑपरेशन क्लीन-अप छेड़ रखा है. इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी सेना ने कम से कम सात विद्रोहियों को मार गिराने का दावा किया है.
आसिम मुनीर ट्रंप की राह पर चल रहे हैं. ईरान के साथ वे पीसमेकर बनकर शांति की बात कर रहे हैं, वहीं अफगानिस्तान पर सख्त हमलावर रुख अपनाए हुए हैं. पाकिस्तान में बढ़ते आतंकवाद और पुरानी गलतियों के बावजूद मुनीर दोहरी नीति चला रहे हैं, जो पाकिस्तान के लिए जोखिम भरी साबित हो सकती है.
ईरान की रणनीति पर काम कर रहे बलोच विद्रोहियों ने पाकिस्तान कोस्ट गार्ड की बोट पर पहला समुद्री हमला किया, जिसमें 3 जवान मारे गए. BLA ने हमले की जिम्मेदारी ली और इसे अपनी नई सैन्य रणनीति बताया. इससे बलूचिस्तान में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ गई हैं. पाकिस्तान की स्थिति और बिगड़ने की आशंका है.
ग्वादर पोर्ट और CPEC को लेकर चीन-पाकिस्तान की बड़ी रणनीति अब बड़े संकट में फंसती दिख रही है. बलोच विद्रोह अब जमीन से निकलकर समुद्र तक पहुंच गया है. आखिर क्यों बढ़ा ये संघर्ष और क्या है इसके पीछे की पूरी कहानी, विस्तार से समझिए...
बलूच लिबरेशन आर्मी यानी BLA ने जिवानी के पास पाकिस्तान कोस्ट गार्ड की नाव पर पहला समुद्री हमला कर तीन जवानों को मारने का दावा किया है. यह विद्रोह की रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत है.
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा चुनौतियों के बीच एक बड़ी घटना सामने आई है. अरब सागर में गश्त कर रही पाकिस्तान कोस्ट गार्ड की नाव पर सशस्त्र हमलावरों ने हमला कर दिया, जिसमें तीन जवानों की मौत हो गई है.
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में क्वेटा के पास गैस पाइपलाइन को बम से उड़ा दिया गया. LPG संकट के बीच हुए इस हमले से क्वेटा और आसपास के कई जिलों में गैस सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई. अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई इस साजिश से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. अभी तक किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में अज्ञात हमलावरों ने एक गैस पाइपलाइन को बम से उड़ा दिया है. क्वेटा के बाहरी इलाके में हुए इस हमले के बाद राजधानी समेत पांच अन्य जिलों में गैस की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है. फिलहाल किसी भी संगठन ने इस धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है.
अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ गया है. डूरंड लाइन के पास अफगान बलों ने जवाबी कार्रवाई में कई पाकिस्तानी चौकियां कब्जाईं. खुफिया अधिकारी जबर नोमानी ने पश्तून-बलूच नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी.
पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर तीनतरफा संकट में फंस गए हैं. भारत के साथ तनाव, बलूचिस्तान में बीएलए के बढ़ते हमले और अफगान तालिबान के साथ खुली जंग शुरू हो गई है. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर भारी हवाई हमले किए हैं. तालिबान ने भी पाकिस्तानी पोस्टों पर हमला कर जवाब दिया. मुनीर अब तीन मोर्चों पर एक साथ लड़ रहे हैं.
Afghanistan Paksitan War: अफगान जंग से पाकिस्तान पर टूटने का खतरा मंडरा रहा है. बलूचिस्तान में बीएलए के लगातार हमलों से पाकिस्तानी फौज पहले ही थक चुकी और हल्कान है. अब अफगानिस्तान के साथ दो मोर्चों पर जंग लड़ रही सेना पर भारी दबाव है. लंबी जंग से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था, सेना और राष्ट्रीय एकता को गहरा नुकसान पहुंच सकती है.
बलूच विद्रोह, मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव, ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले और रूस-यूक्रेन युद्ध की वर्तमान स्थिति का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है. बलूचिस्तान में पाकिस्तान की झीलती आर्थिक और राजनीतिक स्थिति, क्षेत्रीय संसाधनों का दुरुपयोग और विद्रोह की जड़ें चर्चा में हैं. साथ ही मिडल ईस्ट में सैन्य गतिविधियों, अमेरिका-ईरान संबंधों की नजदीक भविष्य की संभावित जंग पर भी प्रकाश डाला गया.
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक नया वीडियो जारी किया है जिसमें 7 पाकिस्तानी सैनिक हिरासत में नजर आ रहे हैं. इस वीडियो में सैनिक दावा करते दिख रहे हैं कि वो पाकिस्तानी सेना के आधिकारिक सदस्य हैं.
नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री अनवार-उल-हक काकड़ को एक बलूच कार्यकर्ता ने कड़ी लताड़ लगाई. कार्यकर्ता ने उन्हें बलूचों का हत्यारा और जनरलों की कठपुतली बताया. बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों के बीच काकड़ की विदेशी धरती पर स्थिति खराब हो गई. काकड़ बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती के साथ 15 से 17 फरवरी तक ओस्लो दौरे पर हैं, जहां उनका मकसद नॉर्वे के वार्ताकारों और नागरिक समाज को बलूचिस्तान की स्थिति पर जानकारी देना था.
नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में पाकिस्तान के पूर्व कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर-उल-हक काकर को एक बलूच एक्टिविस्ट के विरोध का सामना करना पड़ा. एक्टिविस्ट ने उन्हें पाक सेना के 'हाथों का मोहरा' बताते हुए बलूचिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों पर सवाल उठाए गए. काकर 15 से 17 फरवरी तक ओस्लो दौरे पर हैं और उनके साथ बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती भी मौजूद हैं.
बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ऑपरेशन हेरोफ 2.0 के तहत कई पाकिस्तानी सैनिकों को बंधक बनाया है. संगठन ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि 17 सैनिक पकड़े गए थे. इनमें से 10 सैनिकों को छोड़ दिया गया जबकि 7 अभी भी कैद में हैं. वीडियो में कैद सैनिक खुद को पहचानते हुए सरकार से बलूच कैदियों को छोड़ने की अपील कर रहे हैं.
QAHR यूनिट के ऐलान के साथ BLA ने दो मिनट का एक वीडियो और कई तस्वीरें जारी कीं. वीडियो में पहाड़ी क्षेत्र में दो बीएलए जवानों को ड्रोन परीक्षण करते दिखाया गया है, जबकि आगे के फुटेज में ग्वादर में ड्रोन गतिविधि का दावा किया गया है.
पाकिस्तान की सियासत में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बलूचिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री अख्तर मेंगल ने सीधे तौर पर पाकिस्तान से अलग होने की मांग कर दी. लाहौर में आयोजित एक सम्मेलन में उन्होंने दो टूक कहा कि अब साथ रहना मुमकिन नहीं है.