इंस्टाग्राम पर रील्स देखते-देखते कब कोई शख्स आतंकी नेटवर्क के जाल में फंस जाए, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है. पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क पर भारतीय युवाओं को इसी तरह निशाना बनाने का आरोप है. इंडिया टुडे की पड़ताल में सामने आया है कि ISI के इशारे पर काम करने वाले पांच पाकिस्तानी ऑपरेटिव इंस्टाग्राम के जरिए युवाओं का भरोसा जीतते थे और फिर उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करने की कोशिश करते थे. यहां तक कि रील्स से दोस्ती कर हत्या की सुपारी तक दी जाती थी.
गृह मंत्री अमित शाह ने 17 अगस्त को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए स्वतंत्रता दिवस के आसपास होने वाले एक बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम करने की जानकारी दी थी. इसके बाद 16 सितंबर को उन्होंने शहजाद भट्टी के नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित किए जाने का ऐलान किया. जांच के मुताबिक, इस नेटवर्क में शहजाद भट्टी, आबिद जट्ट, अजमल गुज्जर, राणा हुसैन और हसन गुज्जर शामिल हैं. ये लोग इंस्टाग्राम के अलग-अलग अकाउंट से 18 से 25 साल के युवाओं से संपर्क करते थे. उन्हें पैसे, पाकिस्तान या विदेश में बसाने और मजहबी भावनाओं के नाम पर अपने जाल में फंसाया जाता था.
इंस्टाग्राम रील्स से शुरू होता था संपर्क
जांच में पता चला कि ऑपरेटिव सीधे किसी को आतंकी गतिविधि के लिए नहीं कहते थे. पहले वे वीडियो और रील्स के जरिए युवाओं के बीच अपनी पहचान बनाते, फिर निजी बातचीत शुरू करते थे. धार्मिक भावनाओं को भड़काने के साथ पैसे और विदेश में बसाने का लालच दिया जाता था.
दिल्ली के एक युवक के इंस्टाग्राम पर करीब तीन लाख फॉलोअर्स थे. वह विवादित वीडियो बनाता था और नबी के कथित अपमान पर लोगों को ट्रोल करता था. इसी दौरान उसे शहजाद भट्टी के नाम से एक अकाउंट से मैसेज आया. भट्टी ने उससे हिंदुत्ववादी एक्टिविस्ट अभिषेक ठाकुर का पता पूछा और बाद में उनकी हत्या करने के बदले पैसे देने की पेशकश की.
युवक के मुताबिक, भट्टी ने उसे नेपाल बुलाने, फर्जी पासपोर्ट बनवाने और पाकिस्तान या दुबई ले जाने का भी भरोसा दिया था. उसने माना कि भट्टी ने उसका ब्रेनवॉश किया, लेकिन किसी की हत्या करने को गलत बताया. एजेंसियों ने बाद में उसे पकड़ लिया.
पंजाब के युवक को 60-70 हजार रुपये का लालच
पंजाब के एक युवक ने बताया कि उसने भट्टी की रील्स देखी थीं. भट्टी ने अपने वीडियो में मस्जिदों और गुरुद्वारे को लाखों रुपये दान देने का दावा किया था. इसी वजह से युवक ने उसे फॉलो किया. एक दिन उसने भट्टी से पैसे की जरूरत बताई तो उसे 60 से 70 हजार रुपये के बदले दिल्ली से पंजाब सामान पहुंचाने का काम दिया गया.
भट्टी ने व्हाट्सऐप पर एक बार सुनी जा सकने वाली वॉइस रिकॉर्डिंग भेजकर काम समझाया. युवक ने पहले हामी भरी, लेकिन पत्नी से बात करने के बाद उसे शक हुआ. बाद में भट्टी ने दिल्ली में एक लड़के से सामान लेकर पंजाब पहुंचाने का दूसरा काम भी दिया. युवक ने इसे भी ठुकरा दिया. इसी दौरान एजेंसियों ने उसे पकड़ लिया.
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युवक ने बताया कि भट्टी सोशल मीडिया पर सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लेने और पंजाब में हमलों की जिम्मेदारी लेने जैसे दावे भी करता था. इन वीडियो से वह प्रभावित हुआ था.
700 से ज्यादा गिरफ्तारियां
जांच के मुताबिक, भट्टी के नेटवर्क से जुड़े करीब 700 लोगों को अलग-अलग राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने गिरफ्तार किया है. 700 से ज्यादा अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ और काउंसलिंग के बाद छोड़ दिया गया. इस नेटवर्क पर पंजाब समेत कई राज्यों में टारगेट किलिंग, जालंधर में BSF मुख्यालय पर बम धमाके और झारखंड में RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले से जुड़े होने का आरोप है.
उत्तर प्रदेश STF के ADG अमिताभ यश के मुताबिक, पाकिस्तान से राणा नाम का ऑपरेटिव भी इस तरह का नेटवर्क चला रहा था. इससे पहले यूपी ATS ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन के सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जिन पर पुलिस और सेना के जवानों की टारगेट किलिंग की साजिश रचने का आरोप है.