इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) पाकिस्तान की सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली खुफिया एजेंसी मानी जाती है. इसकी स्थापना वर्ष 1948 में पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान के कार्यकाल में की गई थी. ISI का मुख्य उद्देश्य देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा से जुड़े खुफिया इनपुट जुटाना, सैन्य रणनीति को मजबूत करना और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना बताया जाता है. यह एजेंसी सीधे तौर पर पाकिस्तान की सेना के अधीन कार्य करती है और इसका मुख्यालय इस्लामाबाद में स्थित है.
ISI की संरचना तीनों सेनाओं- थल सेना, नौसेना और वायुसेना के अधिकारियों से मिलकर बनी होती है. इसकी जिम्मेदारियों में विदेशी खुफिया जानकारी एकत्र करना, आतंकवाद विरोधी गतिविधियां, साइबर इंटेलिजेंस, काउंटर-इंटेलिजेंस और रणनीतिक विश्लेषण शामिल हैं. पाकिस्तान में यह एजेंसी केवल सुरक्षा मामलों तक सीमित नहीं मानी जाती, बल्कि राजनीति और सत्ता संरचना में भी इसकी भूमिका को लेकर अक्सर चर्चाएं होती रही हैं.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ISI का नाम कई विवादों से जुड़ा रहा है. भारत, अमेरिका और अन्य देशों ने समय-समय पर आरोप लगाए हैं कि ISI ने कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी संगठनों और अफगानिस्तान में तालिबान जैसे गुटों को समर्थन दिया. भारत लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के पीछे ISI की भूमिका रही है. हालांकि पाकिस्तान सरकार और सेना इन आरोपों से इनकार करती रही है.
इसके अलावा, ISI पर पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में हस्तक्षेप, सरकारें गिराने-बनाने और मीडिया पर दबाव डालने जैसे आरोप भी लगते रहे हैं.
पठानकोट पुलिस ने जासूसी के आरोप में 15 साल के एक नाबालिग को पकड़ा है, जो पिछले करीब एक साल से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में था और भारत से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा कर रहा था. जांच में उसके मोबाइल से संदिग्ध डेटा मिला है. खुलासा हुआ है कि पंजाब के कई अन्य जिलों में भी नाबालिग इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं.
अमेरिका में न्यू ईयर ईव पर आतंकी हमले की साजिश रची गई, जिसे एफबीआई ने नाकाम कर दिया. सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुई जांच अंडरकवर एजेंट तक पहुंची, New Year’s Attack 2026 लिखा एक नोट मिला और न्यू ईयर ईव से ठीक पहले FBI, न्यूयॉर्क पुलिस और स्थानीय पुलिस ने मिलकर एक बड़े हमले को रोक दिया.
पंजाब को अशांत दिखाने की साजिश के तहत पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई प्रॉक्सी वॉर चला रही है. पंजाब DGP गौरव यादव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि ड्रोन, हथियार और ग्रेनेड हमलों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो रही है, लेकिन पुलिस हर नापाक मंसूबे को नाकाम कर रही है.
गाजियाबाद के शालीमार गार्डन में हिंदू रक्षा दल द्वारा कथित तलवार वितरण मामले में 16 नामजद और 25–30 अज्ञात पर केस दर्ज हुआ है. 10 आरोपी गिरफ्तार हैं, जबकि पिंकी चौधरी फरार हैं. इस बीच पिंकी चौधरी और यति नरसिंहानंद के वीडियो बयान सामने आने से मामला और संवेदनशील हो गया है.
भारतीय खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है. पाकिस्तान की ISI कश्मीर में आतंक को TTP ब्रांडिंग से फिर जिंदा कर रही है. 2026 के लिए नया प्लान ये है कि कश्मीर को अलग 'विलायत कश्मीर' और गिलगित-बाल्टिस्तान को अलग विलायत घोषित करना. पुराने मॉड्यूल सक्रिय करना और शैडो गवर्नर नियुक्त करना.
हाल में डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर नाइजीरिया में ISIS के ठिकानों पर बड़ा हमला हुआ. ट्रंप का आरोप है कि इस्लामिक स्टेट वहां मौजूद ईसाइयों पर हमला कर रहा था. नाइजीरियन ईसाइयों पर अटैक की बात पहले भी हो चुकी. इसके डेटा चौंकाने वाले हैं.
असदुद्दीन ओवैसी ने बांग्लादेश में दीपु चंद्र दास और अमृत मंडल की हत्या की निंदा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी AIMIM भारत सरकार के हर उस कदम का समर्थन करती है, जिससे भारत-बांग्लादेश संबंध मजबूत हों.
नाइजीरिया ने ISIS से जुड़े ग्रुप्स और बोको हराम की तरफ से सालों से चरमपंथी हिंसा का सामना किया है, जिसमें अक्सर देश के उत्तरी हिस्से में आम नागरिकों और धार्मिक समुदायों पर हमले होते रहे हैं.
धुरंधर बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ कमाई कर रही है. फिल्म में अर्जुन रामपाल ने मेजर इकबाल का क्रूर किरदार निभाया है. इस किरदार ने उनके मन पर गहरा असर छोड़ा. उन्होंने बताया कि वो फिल्म खत्म होने के बाद तुरंत इससे निकल जाना चाहते थे.