लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में इजरायली हमलों के बाद ईरान ने युद्ध का बिगुल फूंक दिया है. ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने इजरायल को खुली चेतावनी देते हुए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों को पूरी तरह ठप करने और हमलावरों को सबक सिखाने की बात कही है. साथ ही ईरान की सरकार ने देश से पश्चिमी हिस्से में अगले आदेश तक सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं.
दरअसल, इजरायल ने बेरूत से दक्षिणी शहरों को निशाना बनाते हुए हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया था. आईडीएफ ने दावा किया कि उसकी सेना द्वारा किए गए इन हमलों में हिज्बुल्लाह का सीनियर कमांडर अली मूसा मारा गया है. ये जानकारी सामने आने के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इजरायल को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है.
ईरान के सुप्रीम लीडर के वरिष्ठ सलाहकार अली अकबर वेलायती ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर लेबनान में इजरायली अराजकता नहीं रुकी तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और बाब अल-मंदब के रणनीतिक समुद्री रास्तों को बंद कर इजरायल का आर्थिक रूप से दम घोंट देंगे.
'तैयार किए जा रहे लॉन्चर'
एक अन्य पोस्ट में सुप्रीम लीडर के सलाहकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक आक्रामक पोस्ट करते हुए कहा कि 'जीरो आवर' (अंतिम समय) आ चुका है और हमले के लिए मिसाइल लॉन्चर तैयार किए जा रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि हम हमलावरों के ऐसा सबक सिखाएंगे कि उन्हें हमेशा इसका पछतावा होगा.
क्षेत्र में तनाव के जिम्मेदार होंगे US-इजरायल
इसके अलावा ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी बेरूत हमले पर प्रतिक्रिया दी है और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के नतीजों के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है.
मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि बेरूत में जियोनिस्ट आतंकवादियों के हमलों के परिणामों की जिम्मेदारी अमेरिका और इजरायली शासन की है. मंत्रालय ने अमेरिका को ही लेबनान में इजरायल के सीजफायर उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार ठहराया है.
ईरान ने रद्द की सभी उड़ान
तनाव के बीच ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने देश के पश्चिमी हिस्सों में सभी उड़ाने अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दी गई हैं. हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक NOTAM जारी नहीं किया गया है. लेकिन उड़ानों के अचानक रद्द होने से क्षेत्र में युद्ध की आशंका और गहरा गई है.