बेरूत (Beirut) लेबनान की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है. यह शहर भूमध्य सागर के किनारे बसा हुआ है और अपनी खूबसूरती, इतिहास और आधुनिक जीवनशैली के लिए जाना जाता है. बेरूत को अक्सर “मिडिल ईस्ट का पेरिस” भी कहा जाता है, क्योंकि यहां पुरानी संस्कृति और आधुनिकता का शानदार मेल देखने को मिलता है.
बेरूत का इतिहास बहुत पुराना है, जो हजारों साल पीछे तक जाता है. यहां कई सभ्यताओं ने राज किया, जैसे फोनीशियन, रोमन और ओटोमन साम्राज्य. इसी वजह से शहर में अलग-अलग समय की इमारतें, खंडहर और सांस्कृतिक निशान देखने को मिलते हैं. यह शहर व्यापार, शिक्षा और संस्कृति का भी बड़ा केंद्र रहा है.
आज का बेरूत एक आधुनिक और व्यस्त शहर है. यहां बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल, कैफे, रेस्टोरेंट और नाइटलाइफ के लिए मशहूर जगहें हैं. समुद्र के किनारे बने “कॉर्निश” पर लोग शाम के समय घूमना पसंद करते हैं. यहां का खाना भी बहुत प्रसिद्ध है, जिसमें लेबनानी व्यंजन जैसे हुम्मस, फलाफल और शावरमा काफी लोकप्रिय हैं.
हालांकि, बेरूत ने कई कठिन दौर भी देखे हैं. 1975 से 1990 तक चले गृह युद्ध ने शहर को काफी नुकसान पहुंचाया. इसके अलावा अगस्त 2020 में यहां एक बड़ा विस्फोट हुआ, जिससे शहर के कई हिस्से तबाह हो गए और कई लोगों की जान चली गई. इस हादसे के बाद भी बेरूत के लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और शहर को दोबारा खड़ा करने की कोशिश जारी रखी.
बेरूत की खासियत यहां के लोग हैं, जो मिलनसार और जिंदादिल होते हैं. यहां अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों के लोग साथ रहते हैं, जिससे शहर की पहचान और भी खास बनती है. शिक्षा के क्षेत्र में भी यह शहर आगे है, यहां कई प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी और कॉलेज हैं.
IDF ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में चार अलग-अलग जगहों पर बमबारी की. पिछले रात हुए इन हमलों में 12 और लोगों की मौत की खबर है. IDF दक्षिण लेबनान में तेजी से अपने जमीनी सैनिकों को आगे बढ़ा रहा है,
बेरूत में जंग और विस्थापन के बीच आम लोग एक-दूसरे की मदद कर इंसानियत की मिसाल पेश कर रहे हैं, जहां हर दिन छोटे प्रयास बड़ी उम्मीद बन रहे हैं. लोग खाना, पानी, गर्म कपड़े जैसे चीजों दूसरे लोगों को देकर इस संकट की घड़ी में मदद कर रहे हैं.
लेबनान की राजधानी बेरूत में जंग के बीच भी ईद का त्योहार मनाया गया, जहां ग्रैंड हरीरी मस्जिद में विभिन्न देशों के प्रवासी एक साथ नमाज अदा कर रहे थे. युद्ध की भयावहता के बावजूद, लोगों ने त्योहार की खुशियाँ साझा कीं और उम्मीद की किरण जिंदा रखी.
जंग के 19वें दिन इजरायल ने बेरूत के रिहायशी इलाके बशूरा को निशाना बनाया, जिससे पूरा शहर दहल उठा. आजतक की इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में साफ दिख रहा है कि जहां कल तक परिवार रहते थे, आज इजरायली हमलों ने उसे मलबे का ढेर बना दिया है. पिछले 12 घंटों में 50 से अधिक हमले हुए हैं और अब बेरूत के हालात भी गाजा जैसे होने लगे हैं. हर तरफ चीख-पुकार और बर्बादी का मंजर है.
इजरायली हवाई हमलों के बाद बेरूत के दक्षिणी इलाकों में कई इमारतें तबाह हो गईं. हमलों के कारण लेबनान में 600 से ज्यादा लोगों की मौत और करीब 8 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं. पढ़ें इस हमले की पूरी कहानी.
लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली सेना ने एक बड़ा ऑपरेशन किया है. समंदर किनारे स्थित एक होटल को निशाना बनाकर किए गए इस सटीक हवाई हमले में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कुड्स फोर्स के कई अहम कमांडरों को मार गिराया गया है. इस हमले में 4 लोगों की मौत और 10 के घायल होने की खबर है.
लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली ड्रोन ने रमादा होटल पर हमला किया है, जो एक प्रमुख पर्यटन स्थल है. यह हमला हिज्बुल्ला की गैरमौजूदगी वाले इलाके में हुआ है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि हमला किसे निशाना बनाकर किया गया.
इजरायल ने बेरूत के बाहरी इलाकों में हिजबुल्ला के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर एयर स्ट्राइक की. इससे पहले हिजबुल्ला ने आज उत्तरी इजरायल में रमात डेविड एयरबेस को निशाना बनाया था.