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ब्रिटेन के आरोपों पर ईरान का विरोध, तेहरान ने ब्रिटिश राजदूत को तलब कर दर्ज कराया कड़ा ऐतराज

ईरान ने ब्रिटेन के राजदूत ह्यूगो शॉर्टर को तलब कर विरोध पत्र सौंपा है. ईरान का आरोप है कि ब्रिटिश अधिकारी बिना ठोस सबूत के उस पर आरोप लगा रहे हैं. यह विवाद उस घटना के बाद बढ़ा जिसमें दो रोमानियाई नागरिकों को ईरान इंटरनेशनल के एक पत्रकार पर हमले का दोषी ठहराया गया था. इससे पहले ब्रिटेन ने लंदन में ईरान के राजनयिक को बुलाकर आपत्ति जताई थी.

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ईरान ने ब्रिटेन के राजदूत ह्यूगो शॉर्टर को तलब कर विरोध पत्र सौंपा है (Photo: Gov.UK)
ईरान ने ब्रिटेन के राजदूत ह्यूगो शॉर्टर को तलब कर विरोध पत्र सौंपा है (Photo: Gov.UK)

ईरान के विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन के राजदूत को तलब करते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है. ईरान का कहना है कि ब्रिटिश अधिकारी बार-बार उस पर बिना किसी ठोस वजह के आरोप लगा रहे हैं. यह पूरा मामला उस घटना के बाद और गरमाया है जिसमें दो रोमानियाई नागरिकों को ईरान इंटरनेशनल के एक पत्रकार पर चाकू से हमला करने के मामले में दोषी ठहराया गया था.

ईरान के विदेश मंत्रालय में पश्चिमी यूरोप मामलों के उप मंत्री अलीरजा यूसुफी ने ब्रिटेन के राजदूत ह्यूगो शॉर्टर को एक लिखित विरोध पत्र सौंपा. समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, इस पत्र में ब्रिटेन के रवैये को ईरानी जनता के प्रति गलत और अनुचित बताया गया है.

दरअसल, दो दिन पहले ब्रिटेन ने लंदन में मौजूद ईरान के सबसे बड़े राजनयिक को बुलाकर अपनी नाराजगी जताई थी. यह कदम उसी मामले के बाद उठाया गया था जिसमें दो रोमानियाई नागरिकों को एक पत्रकार पर हमले का दोषी पाया गया. यह पत्रकार ईरान इंटरनेशनल नाम के मीडिया संस्थान से जुड़ा था, जो ईरान सरकार का लगातार आलोचक रहा है.

यह भी पढ़ें: निशाने पर ईरान का समुद्री गेटवे, चाबहार पर अमेरिकी हमले में कंट्रोल टावर और सैन्य ठिकाने ध्वस्त

अपने विरोध पत्र में यूसुफी ने ब्रिटेन के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईरान ब्रिटेन की धरती पर किसी तरह की कार्रवाई करने की योजना बना रहा है. उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया.

इतना ही नहीं, यूसुफी ने उल्टा ब्रिटेन पर ही गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन का व्यवहार अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और यह विनाशकारी है. उनका आरोप है कि ब्रिटेन, अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर पूरे क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश में शामिल है.

इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि ईरान और ब्रिटेन के रिश्तों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर आरोप प्रत्यारोप का यह सिलसिला आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है.

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